15 जुलाई 2026
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के. कामराज की 124वीं जयंती: राज्यपाल अर्लेकर और राहुल गांधी ने भारत रत्न को दी श्रद्धांजलि

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के. कामराज की 124वीं जयंती: राज्यपाल अर्लेकर और राहुल गांधी ने भारत रत्न को दी श्रद्धांजलि

सारांश

के. कामराज की 124वीं जयंती पर राजनीतिक दलों की सीमाएँ लाँघकर श्रद्धांजलियाँ उमड़ीं — राज्यपाल अर्लेकर से लेकर राहुल गांधी और TVK तक। मिड-डे मील से लेकर सामाजिक समानता तक, कामराज की विरासत आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

कामराज की 124वीं जयंती पर 15 जुलाई 2026 को देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने एक्स पर पोस्ट कर कामराज की मिड-डे मील योजना और शिक्षा सुधारों को याद किया।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कामराज को 'वंचितों का उत्थान करने वाला दूरदर्शी नेता' बताया।
तमिझागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) के सदस्यों ने करूर में प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
जोसेफ विजय ने भी 124वीं जयंती पर कामराज को पुष्पांजलि दी।

भारत रत्न के. कामराज की 124वीं जयंती पर 15 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और लोकसभा में विपक्ष के नेता तथा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभर में राजनेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस अवसर पर तमिलनाडु के इस महान सपूत को याद किया।

राज्यपाल अर्लेकर की श्रद्धांजलि

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कामराज को 'एक दूरदर्शी नेता' बताया। उन्होंने लिखा, "के. कामराज की जयंती पर, मैं एक ऐसे दूरदर्शी नेता को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ जिन्होंने तमिलनाडु में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए। कामराज की अग्रणी पहलों, जिनमें मिड-डे मील योजना की शुरुआत और उसका विस्तार शामिल है, ने लाखों बच्चों को स्कूलों तक पहुँचाया और यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुँचे।"

राज्यपाल ने आगे लिखा, "स्कूल के बुनियादी ढाँचे और शिक्षा तक पहुँच के मामले में उनके दूरगामी सुधारों ने तमिलनाडु की प्रगति और सामाजिक समानता की नींव रखी। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण है।"

राहुल गांधी और कांग्रेस की श्रद्धांजलि

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "भारत रत्न थिरु के. कामराज को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।" उन्होंने आगे कहा, "एक दूरदर्शी नेता, जिन्होंने अपना जीवन वंचितों के उत्थान और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। सामाजिक न्याय और निस्वार्थ जनसेवा की उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।"

कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी श्रद्धांजलि दी गई — "मद्रास के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक, के. कामराज को याद करते हुए। शिक्षा और समाज कल्याण के पुरोधा, उन्होंने अपनी दूरदर्शी नीतियों और निस्वार्थ जनसेवा के ज़रिए अनगिनत लोगों का जीवन बदल दिया।"

ज़मीनी स्तर पर श्रद्धांजलि

तमिलनाडु के करूर में तमिझागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) के सदस्यों ने कामराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद जोथिमनी और TVK जिला सचिव वी.पी. मथियाझागन भी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी 124वीं जयंती पर कामराज को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।

के. कामराज की विरासत

के. कामराज तमिलनाडु के उन विरले नेताओं में से हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए स्वेच्छा से पद छोड़कर पार्टी संगठन को मज़बूत किया — यह 'कामराज प्लान' के नाम से इतिहास में दर्ज है। उनकी मिड-डे मील योजना आज भी देशभर में लागू है और करोड़ों बच्चों के पोषण व शिक्षा की रीढ़ बनी हुई है। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब देश में सामाजिक न्याय और शिक्षा नीति पर बहस एक बार फिर केंद्र में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि उनकी नीतियों — खासकर मिड-डे मील और सार्वजनिक शिक्षा में निवेश — को आज कितनी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। जिन नेताओं ने आज श्रद्धांजलि दी, उनके अपने-अपने राज्यों में शिक्षा बजट और स्कूल बुनियादी ढाँचे की स्थिति कामराज के आदर्शों से कितनी दूर या पास है — यह जाँचना ज़रूरी है। श्रद्धांजलि तब सार्थक होती है जब वह नीतिगत प्रतिबद्धता में तब्दील हो, न कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सिमटे।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. कामराज कौन थे और उन्हें भारत रत्न क्यों मिला?
के. कामराज तमिलनाडु (तत्कालीन मद्रास) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रमुख नेता थे, जिन्होंने शिक्षा व सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए। भारत सरकार ने उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया।
कामराज की मिड-डे मील योजना क्या थी?
के. कामराज ने मुख्यमंत्री रहते हुए तमिलनाडु में मिड-डे मील योजना की शुरुआत की, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता था। इस पहल ने स्कूल नामांकन दर बढ़ाने और वंचित वर्गों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
15 जुलाई 2026 को कामराज की कौन-सी जयंती मनाई गई?
15 जुलाई 2026 को के. कामराज की 124वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और TVK सहित कई दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
TVK ने कामराज जयंती पर कहाँ श्रद्धांजलि दी?
तमिझागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) के सदस्यों ने तमिलनाडु के करूर में के. कामराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद जोथिमनी और TVK जिला सचिव वी.पी. मथियाझागन भी उपस्थित रहे।
राहुल गांधी ने कामराज को किस रूप में याद किया?
राहुल गांधी ने कामराज को 'एक दूरदर्शी नेता' बताया जिन्होंने अपना जीवन वंचितों के उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। उन्होंने सामाजिक न्याय और निस्वार्थ जनसेवा को कामराज की स्थायी विरासत करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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