के. कामराज की 124वीं जयंती: राज्यपाल अर्लेकर और राहुल गांधी ने भारत रत्न को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारत रत्न के. कामराज की 124वीं जयंती पर 15 जुलाई 2026 को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और लोकसभा में विपक्ष के नेता तथा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। देशभर में राजनेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस अवसर पर तमिलनाडु के इस महान सपूत को याद किया।
राज्यपाल अर्लेकर की श्रद्धांजलि
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कामराज को 'एक दूरदर्शी नेता' बताया। उन्होंने लिखा, "के. कामराज की जयंती पर, मैं एक ऐसे दूरदर्शी नेता को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ जिन्होंने तमिलनाडु में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए। कामराज की अग्रणी पहलों, जिनमें मिड-डे मील योजना की शुरुआत और उसका विस्तार शामिल है, ने लाखों बच्चों को स्कूलों तक पहुँचाया और यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुँचे।"
राज्यपाल ने आगे लिखा, "स्कूल के बुनियादी ढाँचे और शिक्षा तक पहुँच के मामले में उनके दूरगामी सुधारों ने तमिलनाडु की प्रगति और सामाजिक समानता की नींव रखी। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण है।"
राहुल गांधी और कांग्रेस की श्रद्धांजलि
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "भारत रत्न थिरु के. कामराज को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।" उन्होंने आगे कहा, "एक दूरदर्शी नेता, जिन्होंने अपना जीवन वंचितों के उत्थान और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। सामाजिक न्याय और निस्वार्थ जनसेवा की उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी।"
कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी श्रद्धांजलि दी गई — "मद्रास के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक, के. कामराज को याद करते हुए। शिक्षा और समाज कल्याण के पुरोधा, उन्होंने अपनी दूरदर्शी नीतियों और निस्वार्थ जनसेवा के ज़रिए अनगिनत लोगों का जीवन बदल दिया।"
ज़मीनी स्तर पर श्रद्धांजलि
तमिलनाडु के करूर में तमिझागा वेट्ट्री कड़गम (TVK) के सदस्यों ने कामराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद जोथिमनी और TVK जिला सचिव वी.पी. मथियाझागन भी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी 124वीं जयंती पर कामराज को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया।
के. कामराज की विरासत
के. कामराज तमिलनाडु के उन विरले नेताओं में से हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए स्वेच्छा से पद छोड़कर पार्टी संगठन को मज़बूत किया — यह 'कामराज प्लान' के नाम से इतिहास में दर्ज है। उनकी मिड-डे मील योजना आज भी देशभर में लागू है और करोड़ों बच्चों के पोषण व शिक्षा की रीढ़ बनी हुई है। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया था। यह ऐसे समय में आया है जब देश में सामाजिक न्याय और शिक्षा नीति पर बहस एक बार फिर केंद्र में है।