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क्या पीएम मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमजीआर को श्रद्धांजलि दी?

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क्या पीएम मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमजीआर को श्रद्धांजलि दी?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमजीआर की जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उनकी जीवन यात्रा और समाज के लिए योगदान को याद किया गया। जानिए इस अवसर पर पीएम मोदी ने क्या कहा और एमजीआर का तमिलनाडु की राजनीति में क्या स्थान था।

मुख्य बातें

एमजीआर का योगदान तमिलनाडु की प्रगति में महत्वपूर्ण था।
पीएम मोदी ने उनके जीवन पर आधारित वीडियो साझा किया।
एमजीआर को 'गरीबों का मसीहा' कहा जाता है।
उनकी राजनीतिक यात्रा ने कई गरीबों के जीवन को प्रभावित किया।
उनके निधन के समय, उनके फैंस की भावनाएं गहरी थीं।

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और मशहूर अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) की जयंती पर एक भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की है और उनके द्वारा समाज के कल्याण के लिए किए गए कार्यों को भी याद किया है।

पीएम मोदी ने एमजीआर के जीवन पर आधारित एक वीडियो साझा कर तमिलनाडु की प्रगति में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।

एक्स पर साझा किए गए वीडियो में एमजीआर के राजनीतिक और फिल्मी करियर की झलक दिखाई गई। पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा, "एमजीआर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। तमिलनाडु की प्रगति में उनका योगदान असाधारण है। तमिल संस्कृति को लोकप्रिय बनाने में उनकी भूमिका भी उतनी ही सराहनीय है। हम समाज के लिए उनके दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।" उन्होंने दूसरा पोस्ट तमिल भाषा में भी किया है।

प्रसिद्ध अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन की गिनती दक्षिण भारत के बड़े अभिनेताओं में होती थी। उनका फिल्मी करियर जितना शानदार था, उससे कहीं ज्यादा चर्चित उनका राजनीतिक करियर रहा। वे करीब 10 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे और गरीब वर्ग के उत्थान तथा समाज के विकास के लिए कार्य किए। तमिलनाडु में जनता उन्हें 'पुरात्ची थलैवर' कहकर बुलाती थी, जिसका अर्थ है 'गरीबों का मसीहा'।

बहुत सफल करियर के बाद रामचंद्रन द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्य बने, लेकिन एम. करुणानिधि के साथ मतभेदों के कारण उन्होंने अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) की स्थापना की। पार्टी की स्थापना के बाद से उन्होंने जन केंद्रित राजनीति और कार्य करना शुरू किया। उनके निधन के समय कई लोगों ने आत्महत्या कर ली थी।

साल 1987 में निधन के समय लोगों ने आहत होकर अपनी जीभ, उंगली और नसें काट लीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस समय लगभग 30 लोगों की जान चली गई। आत्महत्याओं के अलावा, एमजीआर की मौत के बाद उनके फैंस ने सड़कों पर उपद्रव मचाना शुरू किया। पुलिस फायरिंग में 29 लोगों की मौत हुई और लगभग 41 लोग घायल हुए।

अभिनेता अपनी मौत के समय भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थे। वे हमेशा जयललिता के साथ अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में रहते थे। दोनों ने मिलकर कई सारी फिल्में भी की थीं, हालांकि दोनों ने कभी आधिकारिक रूप से अपने रिश्ते पर चर्चा नहीं की।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि तमिलनाडु की इतिहास और संस्कृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने एमजीआर को श्रद्धांजलि क्यों दी?
पीएम मोदी ने एमजीआर की जयंती पर उनके योगदान और समाज के प्रति उनके कार्यों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्र प्रेस
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