क्या पीएम मोदी ने तिरुवल्लुवर को तिरुवल्लुवर दिवस पर श्रद्धांजलि दी?
सारांश
Key Takeaways
- तिरुवल्लुवर के कार्यों से प्रेरणा लें।
- तिरुक्कुरल का अध्ययन करें।
- तमिल संस्कृति के मूल्यों को समझें।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'तिरुवल्लुवर दिवस' पर तमिल दार्शनिक, कवि और विचारक तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि अर्पित की। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महान तिरुवल्लुवर के कार्य और आदर्श अनगिनत लोगों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने लोगों से तिरुक्कुरल का अध्ययन करने की अपील की, क्योंकि यह महान तिरुवल्लुवर की असाधारण बौद्धिक क्षमता और जीवन मूल्यों की झलक प्रस्तुत करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आज, तिरुवल्लुवर दिवस पर बहुमुखी तिरुवल्लुवर को श्रद्धांजलि दे रहा हूं, जिनके कार्य और आदर्श अनगिनत लोगों को प्रेरित करते हैं। उनका मानना था कि समाज में सद्भाव और दया होनी चाहिए। वे तमिल संस्कृति के श्रेष्ठ मूल्यों के प्रतीक हैं। मैं आप सभी से तिरुक्कुरल पढ़ने का आग्रह करता हूं, जो महान तिरुवल्लुवर की असाधारण बौद्धिक क्षमता की झलक देता है।"
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने तिरुवल्लुवर को लेकर अपने भाषण से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया। वे कहते हैं, "संत तिरुवल्लुवर ने लिखा था 'विपरीत परिस्थितियों में भी हमें कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। हमें कठिनाई से नहीं भागना चाहिए और अपने मन को मजबूत करके लक्ष्य को सिद्ध करना चाहिए।' तमिलनाडु महान संत तिरुवल्लुवर की धरती है। तिरुवल्लुवर ने अपनी रचनाओं से युवाओं को नई दिशा दी है। उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "महान संत तिरुवल्लुवर ने सैंकड़ों वर्ष पहले कहा था कि शौर्य, सम्मान, मर्यादापूर्ण व्यवहार की परंपरा और विश्वसनीयता, ये चार गुण किसी भी देश की सेना का प्रतिबिंब होते हैं।"
'तिरुवल्लुवर दिवस' पर भाजपा नेता के अन्नामलाई ने अपने पोस्ट में लिखा, "तिरुवल्लुवर के दिन, जिन्होंने तिरुक्कुरल दिया, जो जीवन के सिद्धांत, जैसे गुण, भौतिकवाद और आनंद सिखाता है, मैं तमिलनाडु के सभी लोगों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। तिरुक्कुरल, जो हमें सदियों से रास्ता दिखाता आया है, सभी के जीवन में रोशनी की किरण बने। तमिल की शान और तिरुक्कुरल की शोहरत पूरी दुनिया में फैले।"