14 सितंबर 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव: सुधांशु त्रिवेदी बोले — बूंदी, भरतपुर समेत 6 जिलों में भाजपा का ऐतिहासिक विस्तार

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राजस्थान निकाय चुनाव: सुधांशु त्रिवेदी बोले — बूंदी, भरतपुर समेत 6 जिलों में भाजपा का ऐतिहासिक विस्तार

सारांश

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP ने उन ज़िलों में भी जीत दर्ज की जहाँ पहले पार्टी एक भी बोर्ड नहीं बना पाई थी। बूंदी से भरतपुर तक — यह छह ज़िलों की वापसी BJP के लिए महज़ जीत नहीं, पंचायत चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक संदेश है।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 14 सितंबर 2026 को राजस्थान निकाय चुनाव नतीजों को पार्टी के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार का संकेत बताया।
बूंदी, दौसा, हनुमानगढ़, करौली, धौलपुर और भरतपुर — इन 6 ज़िलों में जहाँ पहले BJP एक भी नगर निकाय बोर्ड नहीं बना पाई थी, इस बार उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा BJP सरकार अपने घोषणापत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है।
शर्मा ने निकाय चुनाव परिणामों को 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा के प्रति जनता के समर्थन का प्रमाण बताया।
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बहुचरणीय चुनाव कराने के बावजूद उसे सफलता नहीं मिली।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 14 सितंबर 2026 को जयपुर में कहा कि राजस्थान निकाय चुनावों के नतीजे राज्य में BJP के बढ़ते संगठनात्मक विस्तार और मज़बूत जनाधार की पुष्टि करते हैं। त्रिवेदी ने पार्टी की सफलता का श्रेय मतदाताओं के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और सुदृढ़ संगठनात्मक ढाँचे को दिया।

त्रिवेदी का बयान: कांग्रेस के बहुचरणीय चुनाव के बाद भी हार

त्रिवेदी ने कहा, 'कांग्रेस ने चुनाव कई चरणों में कराए थे, लेकिन इसके बावजूद उसे सफलता नहीं मिली। हम इस जनादेश के लिए राजस्थान की जनता का आभार व्यक्त करते हैं और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई देते हैं।' उन्होंने BJP संगठन, राज्य नेतृत्व और ज़मीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका को इस सफलता की नींव बताया।

गौरतलब है कि राजस्थान में इस बार निकाय चुनाव कई चरणों में सम्पन्न हुए, जिसे विपक्षी दल पहले से ही सत्तारूढ़ दल के लिए अनुकूल रणनीति बता रहा था।

उन ज़िलों में सफलता जहाँ पहले थी कमज़ोरी

त्रिवेदी ने विशेष रूप से उन ज़िलों का उल्लेख किया जहाँ पिछले निकाय चुनावों में BJP एक भी नगर निकाय बोर्ड नहीं बना पाई थी। उनके अनुसार, बूंदी, दौसा, हनुमानगढ़, करौली, धौलपुर और भरतपुर जैसे पहले कमज़ोर रहे ज़िलों में इस बार पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

उन्होंने कहा, 'एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि जिन स्थानों पर पिछली बार भाजपा का एक भी बोर्ड नहीं बन पाया था, वहाँ भी भारतीय जनता पार्टी अब तेज़ी से आगे बढ़ रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में BJP सरकार अपने दूसरे वर्ष में है और विपक्ष उसके कामकाज पर सवाल उठाता रहा है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को BJP प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए इस जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ये नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और 'विकसित राजस्थान' के विज़न के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाते हैं।

शर्मा ने दावा किया कि BJP सरकार अपने घोषणापत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है और शेष वादों को पूरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों में भी बड़ी जीत का भरोसा जताया।

'एक राज्य, एक चुनाव' और कांग्रेस पर हमला

मुख्यमंत्री शर्मा ने निकाय चुनाव के नतीजों को 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा के प्रति जनता के समर्थन का संकेत भी बताया। उनके अनुसार, एक साथ चुनाव कराने से सरकारी संसाधनों और प्रशासनिक खर्च में बचत होती है तथा सरकारें विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दे सकती हैं।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लंबे समय तक खिंचते रहते थे, जिससे विकास कार्य बाधित होते थे। शर्मा ने कहा कि BJP इस जनादेश को जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करेगी और महिलाओं, युवाओं तथा गरीबों के कल्याण के साथ-साथ सुशासन को और मज़बूत बनाने के लिए काम करती रहेगी।

आगे क्या

निकाय चुनावों में BJP की यह बढ़त पार्टी को आगामी राजस्थान पंचायत चुनावों में मनोवैज्ञानिक बढ़त देती है। नतीजे यह भी संकेत देते हैं कि पारंपरिक रूप से कांग्रेस के गढ़ रहे कुछ ज़िलों में BJP का विस्तार हो रहा है — एक प्रवृत्ति जिस पर दोनों दल आने वाले महीनों में नज़र रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये स्थानीय निकाय चुनाव हैं — जहाँ उम्मीदवार की व्यक्तिगत साख, स्थानीय मुद्दे और प्रशासनिक असंतोष अक्सर राष्ट्रीय लहर से ज़्यादा असर डालते हैं। बूंदी और भरतपुर जैसे ज़िलों में सफलता को सीधे मोदी-फैक्टर से जोड़ना अतिसरलीकरण होगा। असली परीक्षा पंचायत चुनावों में होगी, जहाँ ग्रामीण मतदाता केंद्र और राज्य की योजनाओं के ज़मीनी असर के आधार पर फ़ैसला करते हैं। '78 प्रतिशत वादे पूरे' का दावा सरकार का अपना आकलन है — स्वतंत्र सत्यापन के बिना यह आँकड़ा राजनीतिक बयानबाज़ी से अलग नहीं।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में BJP ने कैसा प्रदर्शन किया?
BJP ने राजस्थान निकाय चुनावों में मज़बूत प्रदर्शन किया, विशेष रूप से उन ज़िलों में जहाँ पिछले निकाय चुनावों में पार्टी एक भी नगर निकाय बोर्ड नहीं बना पाई थी। बूंदी, दौसा, हनुमानगढ़, करौली, धौलपुर और भरतपुर में इस बार पार्टी ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
सुधांशु त्रिवेदी ने राजस्थान निकाय चुनाव परिणामों पर क्या कहा?
BJP राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ये नतीजे राजस्थान में BJP के लगातार बढ़ते जनाधार और संगठनात्मक विस्तार को दर्शाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि बहुचरणीय चुनाव कराने के बावजूद उसे सफलता नहीं मिली।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव जीत पर क्या बताया?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जीत को पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित करते हुए कहा कि BJP सरकार घोषणापत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे कर चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ये नतीजे PM मोदी के 'विकसित भारत' और 'विकसित राजस्थान' के विज़न के प्रति जनता के समर्थन को दर्शाते हैं।
'एक राज्य, एक चुनाव' से राजस्थान निकाय चुनाव का क्या संबंध है?
मुख्यमंत्री शर्मा ने निकाय चुनाव के नतीजों को 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा के प्रति जनता के समर्थन का संकेत बताया। उनके अनुसार एक साथ चुनाव कराने से प्रशासनिक खर्च घटता है और सरकारें विकास पर अधिक ध्यान दे सकती हैं।
राजस्थान पंचायत चुनावों पर इन नतीजों का क्या असर होगा?
BJP नेताओं ने निकाय चुनाव की सफलता को आगामी पंचायत चुनावों में भी बड़ी जीत का आधार बताया है। मुख्यमंत्री शर्मा ने भरोसा जताया कि पंचायत चुनावों में भी पार्टी इसी तरह का प्रदर्शन दोहराएगी।
राष्ट्र प्रेस
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