राजस्थान निकाय चुनाव: CM भजनलाल शर्मा बोले — कार्यकर्ताओं की मेहनत और मोदी के नेतृत्व की जीत
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार, 14 सितंबर 2026 को जयपुर स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय पहुँचे और पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने इस जीत का श्रेय पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पिछले ढाई वर्षों के विकास कार्यों को दिया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'यह जीत भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत, सरकार के ढाई साल और विकास कार्यों को ज़मीन पर उतारते हुए किए गए कार्यों की वजह से हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चुनाव में भी हमारा चेहरा थे। सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एकजुटता के साथ ज़मीन पर उतरकर काम किया।' उन्होंने इस जीत को राजस्थान की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को समर्पित किया।
शर्मा ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में जनता से किए गए 78 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' और 'विकसित राजस्थान' के विजन को राजस्थान की जनता ने अपना समर्थन दिया है।
शहरी विकास घोषणापत्र और भावी वादे
मुख्यमंत्री ने 'शहरी विकास घोषणापत्र' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे लेकर जनता ने भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, 'यह घोषणापत्र जन कल्याण, विकास और गरीबों के उत्थान पर केंद्रित है। हम युवाओं, महिलाओं, आम जनता और वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसमें किए गए वादों को निश्चित रूप से पूरा करेंगे।' उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों में और भी बड़ी जीत का भरोसा जताया।
कांग्रेस पर निशाना और 'एक राज्य, एक चुनाव'
शर्मा ने विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव लगातार दो वर्षों तक चलते रहे थे, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी होती थी। उन्होंने दावा किया कि जनता ने 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा को स्वीकार किया है और इसे विकास की राह खोलने वाला कदम माना है। कांग्रेस के झूठे वादों की तुलना में भाजपा के वादों को पूरा करने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, 'भाजपा ने जो वादा किया था, उसे निभाया है।'
चुनाव के आँकड़े
राजस्थान नगर निकाय चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए। पहले चरण का मतदान 9 सितंबर को 162 निकायों में हुआ — जिसमें 4 नगर निगम (अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा), 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाएँ शामिल थीं। इस चरण में 5,393 पार्षद पदों के लिए 20,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में थे और 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ।
दूसरे चरण का मतदान 11 सितंबर को 147 निकायों में हुआ — जिसमें 6 नगर निगम (जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली), 24 नगर परिषद और 117 नगरपालिकाएँ शामिल थीं। इस चरण में 4,774 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवार मैदान में उतरे और 71.69 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान 74.05 प्रतिशत रहा।
आगे क्या
यह जीत इस मायने में महत्त्वपूर्ण है कि राज्य में आगामी पंचायत चुनाव भी 'एक राज्य, एक चुनाव' की अवधारणा के तहत होने हैं, और भाजपा इस जीत को अपनी रणनीति की पुष्टि मान रही है। मुख्यमंत्री के दावों की परीक्षा पंचायत स्तर पर और कड़ी होगी, जहाँ ग्रामीण मतदाताओं की प्राथमिकताएँ शहरी निकायों से भिन्न हो सकती हैं।