राजस्थान निकाय चुनाव: गहलोत बोले — जनता भाजपा को सबक सिखाने के लिए कांग्रेस को देगी जनादेश
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने 9 सितंबर को जयपुर में मीडिया से बातचीत में राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में जनता का जनादेश कांग्रेस के पक्ष में जाएगा।
गहलोत का दावा: जनता का मूड बदला
मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा, "इस बार जनता का मूड कांग्रेस को कामयाब करने का है। वर्तमान सरकार ने पिछले ढाई सालों में आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। सरकार बनी थी और लोगों को उम्मीद थी कि वह काम करके नतीजे दिखाएगी। चाहे गांव हों या शहर, सभी जगह हालात गंभीर हैं। इसीलिए मुझे लगता है कि लोग सब कुछ समझ गए हैं और कांग्रेस के पक्ष में अपना जनादेश देंगे, जिससे भाजपा को सबक मिले।"
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में पहले चरण का मतदान बुधवार सुबह 7 बजे से शुरू हो चुका था और 39 जिलों में फैले 162 शहरी स्थानीय निकायों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री की रैली पर तंज
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रैली को लेकर गहलोत ने कहा, "अभी रैली निकालने का कोई फायदा नहीं है। रैली निकालने के बजाय अगर आपने काम किया होता, तो रैली निकालने की जरूरत ही नहीं पड़ती।" गहलोत का यह कटाक्ष BJP की चुनावी तैयारियों पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
अलवर सड़क विवाद: एक्स पर साधा निशाना
गहलोत ने एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए अलवर जिले में पांडुपोल और भर्तृहरि मेले से जुड़ी सड़क की दुर्दशा को उठाया। उन्होंने लिखा, "हिंदू धर्म को सिर्फ राजनीति और वोट बैंक का जरिया बनाने वाली भाजपा की असली प्राथमिकताएं अलवर में साफ दिख रही हैं। पांडुपोल और भर्तृहरि मेले में 14 से 19 सितंबर तक लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे, लेकिन नटनी का बारा मार्ग की 14.5 किमी सड़क डेढ़-दो फीट गहरे गड्ढों से पटी है।"
उन्होंने आगे लिखा कि ₹88.14 करोड़ की यह परियोजना डेढ़ साल पहले शुरू हुई थी और मई 2026 तक पूरी होनी थी, लेकिन आज तक केवल 25 प्रतिशत काम ही हो सका है। छह पुल अधूरे हैं और दो मार्गों पर काम शुरू ही नहीं हुआ। गहलोत ने माँग की कि सरकार मेले से पहले युद्धस्तर पर काम पूरा कराए।
गौरतलब है कि अलवर का यह मेला राजस्थान के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है, जहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं। सड़क की बदहाली का मुद्दा चुनावी मौसम में और अधिक संवेदनशील हो गया है।
पहले चरण के चुनाव: आँकड़े
राजस्थान शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण में 39 जिलों के 162 निकाय शामिल हैं — 131 नगरपालिकाएं, 27 नगर परिषदें और भरतपुर, अलवर, बीकानेर तथा भीलवाड़ा सहित चार नगर निगम। कुल 20,623 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाताओं ने किया।
यह चुनाव दिसंबर 2023 में सत्ता में आई BJP सरकार के लिए पहली बड़ी स्थानीय परीक्षा है, और परिणाम 2028 के विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।