19 अगस्त 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस देगी 60% टिकट युवाओं को, गहलोत बोले — सिफारिश पर टिकट देना हार को न्योता

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राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस देगी 60% टिकट युवाओं को, गहलोत बोले — सिफारिश पर टिकट देना हार को न्योता

सारांश

राजस्थान में निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है — 60% टिकट युवाओं के लिए आरक्षित। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने खुद कहा कि उनकी अपनी सिफारिश पर भी टिकट नहीं मिलना चाहिए। यह पार्टी के लिए संगठन पुनर्निर्माण का असली इम्तिहान होगा।

मुख्य बातें

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 18 अगस्त 2026 को घोषणा की कि निकाय चुनावों में 60 प्रतिशत टिकट युवाओं को दिए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 50 प्रतिशत से अधिक टिकट जेनजी उम्मीदवारों को मिलने चाहिए।
गहलोत ने स्पष्ट किया कि उनकी अपनी सिफारिश को भी टिकट देने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
पर्यवेक्षकों को जमीनी स्तर पर स्वतंत्र मूल्यांकन का अधिकार देने की वकालत की गई।
कांग्रेस के टिकट पर जीतकर दूसरे दल का साथ देने वालों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी।

राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने उम्मीदवार चयन की रणनीति में बड़ा बदलाव करने का संकेत दिया है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 18 अगस्त 2026 को घोषणा की कि पार्टी इन चुनावों में 60 प्रतिशत टिकट युवा और जेनजी उम्मीदवारों को देगी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी स्पष्ट किया कि टिकट वितरण में किसी की — यहाँ तक कि उनकी अपनी — सिफारिश को आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।

बैठक में क्या हुआ

जयपुर स्थित कांग्रेस वॉर रूम में हुई बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि राजनीति का माहौल बदल चुका है और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा, '50 प्रतिशत से अधिक टिकट जेनजी को दिए जाने चाहिए।' वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का उपयोग होना चाहिए, लेकिन नई पीढ़ी को आगे लाना भी उतना ही ज़रूरी है।

डोटासरा ने गहलोत से एक कदम आगे बढ़ते हुए घोषणा की कि यह आँकड़ा 60 प्रतिशत रहेगा और यह निर्देश संगठन के निचले स्तर तक पहुँचाया जाएगा।

सिफारिश पर गहलोत का कड़ा रुख

गहलोत ने वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश के आधार पर टिकट वितरण का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा, 'सिफारिश के आधार पर टिकट मत दीजिए। इतिहास गवाह है कि जब भी सिफारिश पर टिकट दिए गए हैं, हार का सामना करना पड़ा है। टिकट असली और समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए।'

उन्होंने यहाँ तक कहा कि जयपुर, भरतपुर और बीकानेर से लोग उनके पास सिफारिश लेकर आते हैं, लेकिन यदि वे स्वयं भी किसी के लिए सिफारिश करें तो उसे टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि वरिष्ठ नेता हमेशा किसी क्षेत्र की जमीनी हकीकत से पूरी तरह परिचित नहीं होते।

गहलोत ने यह भी कहा कि पर्यवेक्षकों को जमीनी स्तर पर उम्मीदवारों का स्वतंत्र मूल्यांकन करने का अधिकार मिलना चाहिए।

टिकट वितरण के मानदंड

डोटासरा ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों के पिछले राजनीतिक व्यवहार को भी ध्यान में रखा जाएगा। निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस का समर्थन करने वालों पर विचार किया जा सकता है, परंतु कांग्रेस के टिकट पर जीतकर बाद में किसी अन्य दल का साथ देने वालों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी।

यह क्यों मायने रखता है

यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है और कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों को संगठन पुनर्निर्माण के अवसर के रूप में देख रही है। गौरतलब है कि युवाओं को बड़े पैमाने पर टिकट देने की यह नीति पार्टी के लिए एक रणनीतिक दांव है — अगर क्रियान्वयन ज़मीन पर उतरा, तो यह राज्य में कांग्रेस के आधार को नई ऊर्जा दे सकता है।

आने वाले हफ्तों में पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और उम्मीदवारों की अंतिम सूची तय करेगी कि यह घोषणा महज़ बयानबाज़ी रही या असल बदलाव।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यवहार में कितना लागू होगा, यह देखना होगा। कांग्रेस में टिकट वितरण पर वरिष्ठ नेताओं का प्रभाव दशकों पुरानी परंपरा है, और महज एक बैठक के बयान से यह नहीं बदलती। 60% युवा टिकट का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली सवाल यह है कि 'युवा' की परिभाषा क्या होगी और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी। राजस्थान में सत्ता गँवाने के बाद कांग्रेस के लिए यह स्थानीय चुनाव संगठन की जमीनी ताकत परखने का पहला बड़ा मौका है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान निकाय चुनावों में कांग्रेस कितने प्रतिशत टिकट युवाओं को देगी?
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घोषणा की है कि पार्टी आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में 60 प्रतिशत टिकट युवा उम्मीदवारों को देगी। यह निर्देश संगठन के निचले स्तर तक पहुँचाया जाएगा।
अशोक गहलोत ने सिफारिश पर टिकट देने का विरोध क्यों किया?
गहलोत ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी सिफारिश पर टिकट दिए गए हैं, पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अपनी सिफारिश को भी टिकट देने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वरिष्ठ नेता हमेशा किसी क्षेत्र की जमीनी हकीकत से पूरी तरह परिचित नहीं होते।
टिकट वितरण में उम्मीदवारों के पिछले राजनीतिक व्यवहार को कैसे देखा जाएगा?
डोटासरा ने कहा कि निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस का समर्थन करने वालों पर विचार किया जा सकता है। लेकिन कांग्रेस के टिकट पर जीतकर बाद में किसी अन्य दल का साथ देने वालों को प्राथमिकता नहीं मिलेगी।
राजस्थान में निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया क्या होगी?
गहलोत के अनुसार पर्यवेक्षकों को जमीनी स्तर पर उम्मीदवारों का स्वतंत्र मूल्यांकन करने की छूट दी जाएगी। टिकट असली और समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए, न कि वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश पर।
कांग्रेस के 60% युवा टिकट नीति का राजस्थान की राजनीति पर क्या असर होगा?
राजस्थान में भाजपा की सरकार के बीच कांग्रेस इन स्थानीय चुनावों को संगठन पुनर्निर्माण के अवसर के रूप में देख रही है। यदि यह नीति ज़मीन पर लागू हुई, तो यह पार्टी के युवा आधार को नई ऊर्जा दे सकती है और भविष्य के विधानसभा चुनावों के लिए नई नेतृत्व पंक्ति तैयार कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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