ऑपरेशन मिलाप: दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने सितंबर में 80 लापता लोगों को परिजनों से मिलाया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' के अंतर्गत सितंबर 2026 में 80 लापता व्यक्तियों — जिनमें 22 नाबालिग बच्चे और 58 वयस्क शामिल हैं — को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों के पास पहुँचाया। दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी 2026 से 30 सितंबर 2026 तक जिले की पुलिस ने कुल 1,229 लापता लोगों को बरामद किया है।
ऑपरेशन की कार्यप्रणाली
लापता होने की सूचना मिलते ही स्थानीय थानों ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच, ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर लापता व्यक्तियों की तस्वीरें लगाने जैसे बहुआयामी उपाय अपनाए। बस चालकों, कंडक्टरों और विक्रेताओं से पूछताछ के साथ-साथ स्थानीय मुखबिरों की सहायता भी ली गई। आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी बारीकी से समीक्षा की गई।
थानावार सफलता का ब्यौरा
सितंबर 2026 में विभिन्न थानों ने निम्नलिखित सफलताएँ दर्ज कीं: आर.के. पुरम थाने ने 1 नाबालिग लड़के और 3 पुरुषों को, साउथ कैंपस ने 2 नाबालिग लड़कियों को, वसंत कुंज नॉर्थ ने 3 वयस्कों को, वसंत कुंज साउथ ने 1 नाबालिग लड़की और 6 वयस्कों को, कापसहेड़ा थाने ने 5 नाबालिग लड़कियों और 11 वयस्कों को बरामद किया।
पालम विलेज थाने ने 3 नाबालिग लड़कों और 7 वयस्कों को, सागरपुर ने 12 वयस्कों को, सरोजिनी नगर ने 2 नाबालिग बच्चों और 4 वयस्कों को, एस.जे. एन्क्लेव ने 2 बच्चों और 2 पुरुषों को, तथा किशनगढ़ ने 1 नाबालिग लड़की और 5 वयस्कों को ढूँढा। इसके अतिरिक्त एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने 5 बच्चों और 5 वयस्कों को सफलतापूर्वक बरामद किया।
पुराने मामलों में भी मिली सफलता
इस अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि पुलिस ने वर्षों पुराने लापता मामलों को भी सुलझाया। बरामद किए गए लोगों में 2021 में लापता हुआ 1 पुरुष, 2024 में लापता 1 नाबालिग लड़का, 2025 के 2 वयस्क, और 2026 के 76 व्यक्ति शामिल हैं — सभी को सकुशल उनके परिवारों से मिला दिया गया।
व्यापक परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में लापता व्यक्तियों, विशेषकर बच्चों के मामले, नागरिक सुरक्षा के लिहाज़ से गंभीर चिंता का विषय रहे हैं। गौरतलब है कि 1 जनवरी से 30 सितंबर 2026 के बीच कुल 1,229 व्यक्तियों की बरामदगी — जिनमें 318 बच्चे और 911 वयस्क शामिल हैं — दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस की संस्थागत क्षमता और निरंतर सतर्कता को रेखांकित करती है। आने वाले महीनों में इस अभियान की गति और व्यापकता से यह तय होगा कि यह पहल एक दीर्घकालिक मॉडल बन सकती है या नहीं।