ऑपरेशन मिलाप: दिल्ली पुलिस ने मई में 33 बच्चों समेत 124 लापता लोगों को परिवारों से मिलाया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने मई 2026 में ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत 124 लापता और अपहृत व्यक्तियों — जिनमें 33 बच्चे और 91 वयस्क शामिल हैं — को सुरक्षित ढूँढ़कर उनके परिवारों से मिलाया है। इसी अभियान के तहत दिल्ली पुलिस ने 1 जनवरी से 31 मई 2026 तक कुल 673 लोगों को परिजनों तक पहुँचाया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि लापता या अपहरण की शिकायत मिलते ही टीमों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। यह सफलता तकनीकी निगरानी और पारंपरिक पुलिसिंग के समन्वय से संभव हो सकी।
इन प्रयासों में सीसीटीवी फुटेज की गहन जाँच, स्थानीय लोगों से पूछताछ, और ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों पर लापता व्यक्तियों की तस्वीरें चस्पा करना शामिल रहा। बस ड्राइवरों, कंडक्टरों और स्थानीय विक्रेताओं से भी पूछताछ की गई, जबकि तलाशी अभियानों में मुखबिरों की मदद ली गई। आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड को भी खंगाला गया।
किन इलाकों में मिली सफलता
जिन थाना क्षेत्रों में लापता व्यक्तियों का पता लगाया गया, उनमें वसंत विहार, आरके पुरम, साउथ कैंपस, वसंत कुंज नॉर्थ, वसंत कुंज साउथ, कापसहेड़ा, पालम गाँव, सागरपुर, दिल्ली कैंट, सरोजिनी नगर, एसजे एन्क्लेव और किशनगढ़ शामिल हैं।
वर्षों पुराने मामलों में भी सफलता
अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने पिछले पाँच महीनों के अभियान में उन व्यक्तियों को भी ढूँढ़ निकाला, जो वर्षों पहले लापता हो गए थे। इनमें 2017 से लापता एक व्यक्ति, 2018 के 5 व्यक्ति, 2021 का एक व्यक्ति, 2023 के 18 लोग, तथा 2024 और 2025 में लापता दो-दो नाबालिग लड़कियाँ शामिल हैं।
क्यों मायने रखता है
यह ऐसे समय में आया है जब महानगरों में बच्चों के लापता होने और मानव तस्करी से जुड़े आँकड़े लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। ‘ऑपरेशन मिलाप’ जैसे लक्षित अभियानों को विशेषज्ञ रिकवरी दर बढ़ाने का एक कारगर मॉडल मानते हैं, क्योंकि ये केस-दर-केस ट्रैकिंग पर ज़ोर देते हैं। गौरतलब है कि वर्षों पुराने केसों का सुलझना संकेत देता है कि बंद पड़ी फाइलों की पुनर्समीक्षा से भी ठोस नतीजे निकल सकते हैं।
आगे क्या
पुलिस ने संकेत दिया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और लंबित मामलों की समीक्षा प्रक्रिया तेज़ की जाएगी, ताकि बाक़ी लापता व्यक्तियों का भी जल्द पता लगाया जा सके।