मोजतबा खामेनेई ईरान में नहीं — इजरायली सुरक्षा अधिकारी का बड़ा दावा, IRGC जारी कर रहा बयान
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई फिलहाल ईरान में मौजूद नहीं हैं — यह दावा एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने किया है, जिसे सऊदी ब्रॉडकास्टर अल हदाथ ने रविवार को प्रसारित किया और इजरायली मीडिया संस्था इजरायल ह्योम ने इसे आगे उद्धृत किया। यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल हमले में मौत के बाद से मोजतबा को किसी भी सार्वजनिक मंच पर नहीं देखा गया है।
मुख्य दावा: बयान IRGC जारी कर रहा है
इजरायली सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, मोजतबा खामेनेई का जमीनी घटनाओं से पूरी तरह संपर्क टूटा हुआ है। अधिकारी ने कहा कि उनके नाम से जारी हो रहे सभी बयान, संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वहीदी और संगठन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जारी किए जा रहे हैं। अधिकारी ने इन बयानों को 'झूठे' करार दिया।
ईरान का इजरायल के खिलाफ कथित गुप्त ऑपरेशन
इजरायली अधिकारी ने यह भी दावा किया कि तेहरान ने सेंट्रल तेल अवीव में वरिष्ठ इजरायली नागरिकों की हत्या के मकसद से एक जटिल ऑपरेशन की योजना बनाई और उसे अमल में लाना शुरू किया। कथित तौर पर इस साजिश का उद्देश्य अली खामेनेई की हत्या का सीधा बदला लेना था।
गौरतलब है कि अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका नहीं चाहता था कि इजरायल किसी भी आक्रामक जवाबी कार्रवाई में शामिल हो — भले ही ईरान उस पर हमला करे। यह दावा, यदि सत्य है, तो अमेरिका-इजरायल रणनीतिक तालमेल में एक महत्वपूर्ण दरार को उजागर करता है।
IRGC के भीतर अंदरूनी फूट के संकेत
अधिकारी ने दावा किया, 'ईरान में अंदरूनी फूट बहुत गहरी है और इससे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वजूद को ही खतरा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान की सर्वोच्च नेतृत्व संरचना पहले से ही अभूतपूर्व दबाव में है।
मोजतबा की स्थिति को लेकर अब तक की जानकारी
अमेरिका-इजरायल हमले के शुरुआती दौर में कुछ रिपोर्टों में मोजतबा की भी मौत की बात कही गई थी। हालांकि, बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं बयान दिया था कि मोजतबा गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है। तब से उनके नाम पर बयान सामने आते रहे हैं, लेकिन किसी भी सार्वजनिक समारोह में उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है।
आगे क्या
अभी तक ईरान सरकार की ओर से इन दावों का कोई आधिकारिक खंडन या पुष्टि नहीं आई है। मोजतबा खामेनेई की वास्तविक स्थिति और ठिकाने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, और यह स्थिति मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर डाल सकती है।