क्या इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने खामेनेई के खात्मे का इरादा जताया?
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तेल अवीव, 27 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का खात्मा इजरायल की इच्छा थी, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद ऐसा करने का कोई मौका नहीं मिला। काट्ज ने इजरायली टेलीविजन चैनल 13 सहित अन्य मीडिया को दिए साक्षात्कार में बताया कि सरकार ने यह जाने बिना कि अमेरिका इसमें शामिल होगा या नहीं, युद्ध शुरू कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि इजरायल को यह नहीं पता कि यूरेनियम का भंडार कहां स्थित है, लेकिन यदि आवश्यक हुआ तो वह ईरान पर एक बार फिर हमला करेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा, 'अगर खामेनेई हमारी पहुंच में होते, तो हम उन्हें मार गिराते। हमने इसके लिए पूरी कोशिश की।' काट्ज ने आगे कहा, 'इजरायल, खामेनेई को खत्म करना चाहता था, लेकिन ऐसा करने का कोई अवसर नहीं था।' जब उनसे पूछा गया कि क्या इजरायल ने अमेरिका से इसकी अनुमति मांगी थी, तो उन्होंने स्पष्ट किया, 'हमें इन चीजों के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।'
जब चैनल 13 ने उनसे पूछा कि क्या खामेनेई को मारने के लिए अमेरिका से इजाजत ली गई थी, तो काट्ज ने कहा- 'हमें ऐसे मामलों में किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं।'
खामेनेई पर उनका यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी युद्ध के दौरान खामेनेई की जान को खतरा बताया था। 17 जून को उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, 'हमें ठीक से पता है कि तथाकथित 'सर्वोच्च नेता' कहां छिपे हैं। वह एक आसान लक्ष्य हैं, लेकिन वहां सुरक्षित हैं - हम उन्हें खत्म नहीं करेंगे (मारेंगे!), कम से कम अभी तो नहीं।'
काट्ज ने समाचार आउटलेट्स को बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इजरायल एक बार फिर ईरान पर हमला करेगा। उन्होंने चैनल 12 से कहा, 'हम ईरान को परमाणु हथियार और लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास की अनुमति नहीं देंगे।'
काट्ज ने यहाँ तक कहा कि इजरायल को ईरान के सभी एनरिच यूरेनियम का स्थान नहीं पता है, लेकिन उनका दावा है कि उनके सैन्य हमलों ने तेहरान की संवर्द्धन क्षमताओं को काफी नुकसान पहुँचाया है। चैनल 12 से बातचीत में उन्होंने कहा, 'सामग्री स्वयं ऐसी चीज नहीं थी जिसे बाहर निकाला जाना चाहिए था।'
हाल के दिनों में इस बात पर बहस चल रही है कि क्या हमलों से ईरानी परमाणु कार्यक्रम को वाकई नुकसान पहुँचा है या नहीं, जबकि कुछ आकलन बताते हैं कि ईरान कुछ महीनों में ही परमाणु हथियार विकसित करने वाला था।
काट्ज और अन्य इजरायली तथा अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान को गंभीर क्षति पहुँची है। काट्ज के अनुसार, 'इसमें उन्हें कई साल लगेंगे, लेकिन हम (इजरायल) ऐसा नहीं होने देंगे।'