अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो शिकायतें: अम्फान घोटाले में ₹250 करोड़ भ्रष्टाचार और धमकी के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 19 जुलाई 2026 को दक्षिण 24 परगना जिले के दो अलग-अलग पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई गईं — एक चक्रवात अम्फान राहत राशि में कथित ₹250 करोड़ के भ्रष्टाचार को लेकर, और दूसरी धमकी भरे बयान के आरोप में। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने ये शिकायतें दर्ज कराई हैं, हालाँकि अभिषेक बनर्जी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नोदाखाली थाने में अम्फान घोटाले की शिकायत
भाजपा नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने नोदाखाली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि 2020 में आए चक्रवात अम्फान के बाद केंद्र सरकार द्वारा जारी वित्तीय मुआवजे का बड़ा हिस्सा वास्तविक पीड़ितों तक नहीं पहुँचा।
उनके अनुसार, बज बज-दो ब्लॉक में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब ₹30 करोड़ का गबन किया गया। शिकायत में कहा गया है कि एक ही मोबाइल नंबर या पते का उपयोग करके अलग-अलग नामों से आवेदन जमा किए गए और उन्हीं के आधार पर राशि वितरित की गई। अभिजीत दास ने आरोप लगाया कि यह धनराशि अभिषेक बनर्जी की कथित सिफारिश पर फर्जी खातों में जमा की गई।
शिकायत में उस ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ और कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। भाजपा नेता ने दावा किया कि अम्फान राहत वितरण में कुल मिलाकर ₹250 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ।
बिष्णुपुर थाने में धमकी की शिकायत
उसी जिले के बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में भाजपा नेता अभिजीत सरदार — जो 2026 के विधानसभा चुनावों में बिष्णुपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार थे — ने धमकी देने के आरोप में एक अलग शिकायत दर्ज कराई।
यह शिकायत अभिषेक बनर्जी के शनिवार को दिए गए एक बयान के जवाब में दर्ज की गई। डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक ने अमताला में अपने पार्टी कार्यालय को गिराए जाने के संदर्भ में कहा था कि जिस कानून और धारा के तहत आज तृणमूल कार्यालय गिराया जा रहा है, उसी के तहत जब राज्य में सरकार बदलेगी, तो पश्चिम बंगाल में एक भी भाजपा पार्टी कार्यालय नहीं बचेगा।
भाजपा ने इस बयान को सीधी धमकी करार देते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि चक्रवात अम्फान राहत वितरण में अनियमितताओं के आरोप पश्चिम बंगाल में पहले भी उठते रहे हैं। 2020 में आए इस चक्रवात ने दक्षिण बंगाल के बड़े हिस्से को तबाह किया था और केंद्र सरकार ने राज्य को भारी राशि जारी की थी।
यह ऐसे समय में आया है जब 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव चरम पर है और भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा ने पार्टी कार्यालय गिराए जाने को लेकर तृणमूल सरकार पर निशाना साधा है, जबकि तृणमूल ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।
आगे क्या होगा
फिलहाल दोनों शिकायतों पर पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार है। अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये शिकायतें विधानसभा चुनाव के बाद के राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा हैं, और आने वाले दिनों में इस मामले में और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।