मदन राठौड़ का हमला: कांग्रेस की अंदरूनी कलह राजस्थान निकाय चुनावों में भाजपा को फायदा देगी
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 3 सितंबर को जयपुर में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस में कथित तौर पर मची उथल-पुथल को निशाना बनाते हुए राठौड़ ने कहा कि विपक्षी दल को भाजपा की फ़िक्र करने के बजाय अपने घर को दुरुस्त करना चाहिए।
भाजपा में असंतोष की खबरों को किया खारिज
पार्टी के भीतर नाराजगी या किसी प्रकार के नुकसान की अटकलों को सिरे से नकारते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा में कोई असंतोष नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, "अगर कोई नुकसान नहीं हुआ है, तो नुकसान की भरपाई की क्या ज़रूरत है? हमारे पास काबिल कार्यकर्ताओं की कोई कमी नहीं है। जिन्हें टिकट नहीं मिला, वे 'राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांत को समझते हैं और पार्टी के लिए पूरी लगन से काम करते रहेंगे।"
राठौड़ ने यह भी रेखांकित किया कि भाजपा किसी एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि विचारधारा और संगठन पर टिकी पार्टी है। उन्होंने कहा, "भाजपा में संगठन पद से बड़ा है और राष्ट्र संगठन से बड़ा है।"
महिला कार्यकर्ता प्रकरण पर कांग्रेस को घेरा
जयपुर में यूथ कांग्रेस की एक राज्य उपाध्यक्ष को पार्षद का टिकट न मिलने और उसके बाद उठे आरोपों का हवाला देते हुए राठौड़ ने कांग्रेस के महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "इससे शर्मनाक स्थिति और क्या हो सकती है कि एक महिला कार्यकर्ता — जो उसी कांग्रेस पार्टी से जुड़ी है जिसने 'लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ' का नारा दिया था — उसे टिकट के लिए यह बताना पड़े कि उसने व्यक्तिगत रूप से किसी विधायक के लिए क्या किया है?"
राठौड़ ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस में टिकट का आधार कार्यकर्ता की काबिलियत और जनसेवा है, या फिर व्यक्तिगत संबंध और कथित पक्षपात।
बीकानेर विवाद का संदर्भ
राठौड़ ने बीकानेर में टिकट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष से जुड़ी हालिया झड़प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह घटना कांग्रेस के भीतर गहरे असंतोष और गुटबाजी को उजागर करती है। राठौड़ के अनुसार, "कांग्रेस के अंदरूनी झगड़े, टिकटों को लेकर विवाद और कार्यकर्ताओं में असंतोष यह दिखाते हैं कि पार्टी का ज़मीनी स्तर के आधार से संपर्क टूट गया है।"
निकाय चुनावों में भाजपा का दावा
राठौड़ ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव मतदाताओं को भाजपा की संगठनात्मक ताकत और जनाधार को परखने का अवसर देंगे। उन्होंने कहा, "राजस्थान की जनता विकास, सुशासन और मजबूत नेतृत्व चाहती है, न कि आरोप-प्रत्यारोप और आपसी कलह। भाजपा इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है।"
गौरतलब है कि जहाँ भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय रूप से मतदाताओं तक पहुँच रहे हैं, वहीं कांग्रेस टिकट विवादों और अंदरूनी मतभेदों में उलझी बताई जा रही है। चुनाव के नतीजे दोनों दलों की ज़मीनी स्थिति की असली परीक्षा लेंगे।