राजस्थान भाजपा ने अशोक गहलोत के बयानों को बताया ध्यान भटकाने वाला
सारांश
Key Takeaways
- गहलोत के बयानों को भाजपा ने ध्यान भटकाने वाला बताया।
- भाजपा एक अनुशासित दल है।
- कांग्रेस के भीतर गुटबाजी का संकट है।
- भारत की विदेश नीति मजबूत है।
- गहलोत को अपनी पार्टी की समस्याओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई।
जयपुर, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मदान राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि गहलोत अपनी पार्टी में चल रहे आंतरिक विवादों और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा के खिलाफ बेबुनियाद और अनावश्यक टिप्पणियाँ कर रहे हैं।
राठौड़ ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित और सुव्यवस्थित राजनीतिक दल है, जहाँ नेता अपनी राय ज़िम्मेदारी से व्यक्त करते हैं।
उन्होंने गहलोत को सलाह दी कि भाजपा के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से पहले वे खुद पर विचार करें, विशेषकर तब जब उनकी पार्टी में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि गहलोत उस सत्ता संघर्ष को भूल गए हैं, जिसने मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को प्रभावित किया था। यह एक ऐसा वाकया है जो लोगों की यादों में अब भी ताजा है।
राठौड़ ने यह भी कहा कि उस समय गहलोत को अपनी सरकार को बचाने के लिए होटल में बंद रहने का सहारा लेना पड़ा था। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता वासुंधरा राजे का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व और योगदान को भली-भांति पहचाना गया है और उन पर कोई विवाद नहीं है।
उन्होंने कहा कि गहलोत की टिप्पणियाँ पूरी तरह से राजनीतिक अवसरवादिता को दर्शाती हैं। राठौड़ ने कहा कि भारत की विदेश नीति मजबूत, संतुलित और राष्ट्रीय हितों में दृढ़ता से निहित रही है।
उन्होंने कहा कि भारत एक निर्णायक वैश्विक नेता के रूप में उभरा है, जिसे दुनिया भर में सराहना मिली है।
उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि गहलोत ने पाकिस्तान से तुलना करके भारत की वैश्विक स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ न केवल अनुचित हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं।
राठौड़ ने यह भी कहा कि जबकि कांग्रेस पार्टी राजस्थान में एकजुट होने का दावा करती है, वास्तविकता कुछ और ही है; वहाँ गुटबाजी गहरी जड़ें जमा चुकी है।
राठौड़ ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी के एकता के दावे खोखले हैं।