क्वेटा में अफगान नागरिकों को मकान किराए पर देने के लिए 20 से अधिक लोग गिरफ्तार

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क्वेटा में अफगान नागरिकों को मकान किराए पर देने के लिए 20 से अधिक लोग गिरफ्तार

सारांश

क्वेटा में 20 से अधिक मकान मालिकों और दुकानदारों को गिरफ्तार किया गया है, जो बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों को मकान किराए पर दे रहे थे। यह कार्रवाई प्रवासियों पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • क्वेटा में 20 से अधिक मकान मालिक गिरफ्तार किए गए।
  • बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों को मकान किराए पर देने का मामला।
  • प्रवासी संकट पर प्रशासन की सख्त नीति।
  • अवैध प्रवासियों की पहचान और गिरफ्तारी।
  • स्वाबी जिले में 30 हजार अफगान शरणार्थी।

काबुल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के क्वेटा में पुलिस ने बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों को मकान किराए पर देने के आरोप में 20 से अधिक मकान मालिकों और दुकानदारों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की।

यह अभियान मंगलवार को शुरू किया गया, जिसमें उन व्यक्तियों को निशाना बनाया गया जिन्होंने किराया कानूनों का उल्लंघन किया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के खिलाफ आवास और विदेशी नागरिकों के निवास से संबंधित मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। यह जानकारी अफगानिस्तान की प्रमुख समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने साझा की।

इस कार्रवाई के दौरान सैकड़ों अवैध अफगान प्रवासियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया, जो पाकिस्तान में प्रवासियों पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

बलूचिस्तान में रह रहे अफगान प्रवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को और कठिन बना दिया है। इन पाबंदियों के कारण उन्हें मकान, रोजगार और जीवन यापन के लिए आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में कठिनाई हो रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों को मकान किराए पर देने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं, मोबाइल सिम कार्ड और अन्य आवश्यक सेवाओं पर भी रोक लगा दी गई है।

हाल के महीनों में अफगान शरणार्थियों ने बढ़ती गिरफ्तारियों, उत्पीड़न और जबरन निर्वासन को लेकर संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों को पत्र लिखकर चिंता जताई है।

15 मार्च को खैबर पख्तूनख्वा के स्वाबी जिले में पुलिस ने छापेमारी कर 300 से अधिक अवैध अफगान शरणार्थियों को हिरासत में लिया था।

पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के मुताबिक, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के अवैध अफगानों को निर्वासित करने के फैसले के बाद यह अभियान आरंभ हुआ। पुलिस ने सभी थानों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे अवैध अफगानों का डेटा तैयार करें।

सूत्रों के अनुसार, 15 मार्च को टोपी, रजाड़, छोटा लाहौर तहसील और स्वाबी के अन्य क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के दौरान 341 अफगान शरणार्थियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा और स्वाबी में अवैध रूप से रह रहे सभी अफगान नागरिकों को हिरासत में लेकर अफगानिस्तान भेजा जाएगा।

बताया गया है कि स्वाबी जिले में करीब 30 हजार अफगान शरणार्थी निवास करते हैं, जिनमें से अधिकांश के पास वैध दस्तावेज हैं, जबकि कुछ लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। ये शरणार्थी गांदाफ और गोहाटी शरणार्थी शिविरों के अलावा खेतों और शहरों में भी निवास कर रहे हैं।

Point of View

प्रवासियों की सुरक्षा और अधिकारों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है, लेकिन इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी विचार करना चाहिए।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

क्यों गिरफ्तार किए गए हैं मकान मालिक?
क्योंकि उन्होंने बिना दस्तावेज वाले अफगान नागरिकों को मकान किराए पर दिया था।
इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य प्रवासियों पर बढ़ते दबाव और अवैध प्रवास को नियंत्रित करना है।
अफगान प्रवासियों की स्थिति क्या है?
अफगान प्रवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को कठिन बना दिया है।
कितने अफगान शरणार्थी स्वाबी जिले में रहते हैं?
स्वाबी जिले में लगभग 30 हजार अफगान शरणार्थी रहते हैं।
क्या पाकिस्तान ने अवैध आवास पर रोक लगाई है?
हाँ, पाकिस्तान ने बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों को मकान किराए पर देने पर प्रतिबंध लगाया है।
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