भारत में वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया

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भारत में वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड स्थापित किया

सारांश

भारत में दोपहिया वाहनों की बिक्री ने वित्त वर्ष 2026 में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू थोक बिक्री 22 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Key Takeaways

  • वित्त वर्ष 2026 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री 22 मिलियन यूनिट तक पहुंची।
  • रिटेल बिक्री में 28.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
  • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 9.4 प्रतिशत तक पहुंच गई।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष 2026 में भारत में दोपहिया वाहनों की बिक्री ने एक नई ऊँचाई को छू लिया है। मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू थोक बिक्री (व्होलसेल) लगभग 2.2 करोड़ (22 मिलियन) यूनिट तक पहुंच गई।

आईसीआरए की रिपोर्ट में बताया गया है कि मार्च 2026 में थोक बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि रिटेल बिक्री में 28.7 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि हुई। पूरे वित्त वर्ष में दोपहिया वाहनों की बिक्री में लगभग 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ।

रेटिंग एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री की वृद्धि दर 3-5 प्रतिशत के बीच रह सकती है। इसका मुख्य कारण पिछले साल का उच्च आधार और अल नीनो के चलते कमजोर मानसून की संभावना है, जो ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकती है।

फिर भी, रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी में सुधार और पुराने वाहनों को बदलने की बढ़ती मांग से बाजार को सहारा मिलता रहेगा।

वित्त वर्ष 2026 में घरेलू थोक बिक्री में साल-दर-साल 10.2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। जीएसटी सुधारों के कारण तिमाही तीन और चार में बिक्री को बढ़ावा मिला। पहली छमाही में लगभग 1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई, जबकि दूसरी छमाही में यह 20.3 प्रतिशत तक पहुंच गई।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मार्च 2026 में रिटेल बिक्री में 28.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और पूरे वित्त वर्ष में यह करीब 13 प्रतिशत रही।

बढ़ोतरी के पीछे जीएसटी सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह में सुधार और बेहतर आर्थिक माहौल (जैसे रेपो रेट में कटौती और आयकर में राहत) जैसे कदम शामिल हैं, जिन्होंने उपभोक्ता मांग को मजबूती दी।

इसके अलावा, कंपनियों द्वारा एंट्री-लेवल और प्रीमियम दोनों श्रेणी के ग्राहकों के लिए नए मॉडल लॉन्च करने से भी बिक्री को बढ़ावा मिला।

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग में भी तेजी आई। मार्च 2026 में इनकी रिटेल बिक्री 1,92,023 यूनिट तक पहुंच गई, जो साल-दर-साल 47.4 प्रतिशत अधिक है। पूरे वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 21.9 प्रतिशत बढ़ी।

दोपहिया बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी मार्च 2026 में 9.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि पूरे वित्त वर्ष में यह 3.3 प्रतिशत रही।

मार्च 2026 में निर्यात में भी 17.5 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि कुछ विदेशी बाजारों में चुनौतियाँ बनी रहीं। पूरे वित्त वर्ष 2026 में निर्यात 23.3 प्रतिशत बढ़ा, जिसका कारण नए उत्पाद और भारतीय ब्रांड्स की वैश्विक पहचान में सुधार रहा।

रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव सप्लाई चेन और निर्यात के लिए जोखिम पैदा कर सकता है, और उद्योग से जुड़े लोग भू-राजनीतिक स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।

Point of View

बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी उपयोगी जानकारी प्रदान करता है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत में दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि क्यों हुई?
दो पहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि जीएसटी सुधारों, ग्रामीण क्षेत्र में नकदी प्रवाह में सुधार और उपभोक्ता मांग के मजबूत होने के कारण हुई है।
क्या इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग बढ़ी है?
हाँ, मार्च 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 47.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वित्त वर्ष 2027 में दोपहिया वाहनों की बिक्री कैसे प्रभावित होगी?
वित्त वर्ष 2027 में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री की वृद्धि दर 3-5 प्रतिशत रह सकती है, जो पिछले साल के उच्च आधार और कमजोर मानसून के कारण हो सकता है।
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