मई 2026 में यात्री वाहन बिक्री रिकॉर्ड 4,38,854 यूनिट, दोपहिया 19 लाख पार — सियाम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने मई 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया, जब यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया — तीनों प्रमुख श्रेणियों में किसी भी मई महीने की अब तक की सर्वाधिक बिक्री हुई। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने सोमवार, 15 जून 2026 को जारी आँकड़ों में यह जानकारी दी। घरेलू यात्री वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 27.3 प्रतिशत उछलकर रिकॉर्ड 4,38,854 यूनिट पर पहुँची, जो मई 2025 के 3,44,656 यूनिट के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि है।
मुख्य घटनाक्रम: श्रेणीवार बिक्री
दोपहिया वाहनों की बिक्री 14.8 प्रतिशत बढ़कर 19,02,209 यूनिट हो गई। इस सेगमेंट में स्कूटर की माँग विशेष रूप से मजबूत रही — स्कूटर की बिक्री 27.4 प्रतिशत उछलकर 7,39,667 यूनिट पर पहुँची। मोटरसाइकिल की बिक्री 7.2 प्रतिशत बढ़कर 11,13,973 यूनिट और मोपेड की बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 48,569 यूनिट रही।
तिपहिया वाहनों की बिक्री 31.1 प्रतिशत की तेज़ वृद्धि के साथ 70,720 यूनिट पर पहुँची, जो एक साल पहले 53,942 यूनिट थी। इस सेगमेंट में पैसेंजर कैरियर सबसे बड़ी श्रेणी बनी रही, जिसकी बिक्री 30 प्रतिशत बढ़कर 57,649 यूनिट हो गई। गुड्स कैरियर ने 35.3 प्रतिशत की मज़बूत वृद्धि दर्ज की और बिक्री 11,802 यूनिट तक पहुँची।
सियाम की प्रतिक्रिया और वृद्धि के कारण
सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा कि मई 2026 में तीनों मुख्य वाहन श्रेणियों में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की गई। उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय आंशिक रूप से मई 2025 के कम बेस, जीएसटी दरों में कमी और आसान फाइनेंसिंग विकल्पों से उत्पन्न माँग को दिया। मेनन के अनुसार, 'ये कारक सभी श्रेणियों में वाहनों की अधिक बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं।'
रिटेल बिक्री: फाडा के आँकड़े
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आँकड़ों के अनुसार, मई 2026 में यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री पहली बार 4 लाख यूनिट का आँकड़ा पार कर गई। सालाना आधार पर 23.25 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 4,02,591 यूनिट रही। फाडा ने इस ग्रोथ के पीछे ग्रामीण इलाकों में मज़बूत माँग, एंट्री-लेवल कार सेगमेंट में सुधार और स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) की निरंतर माँग को प्रमुख कारण बताया।
आम जनता और बाज़ार पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं और वित्तीय संस्थाएँ वाहन ऋण पर आकर्षक दरें दे रही हैं। गौरतलब है कि थोक और रिटेल दोनों स्तरों पर एक साथ मज़बूत प्रदर्शन यह दर्शाता है कि डीलर इन्वेंटरी का बोझ नहीं बढ़ रहा, बल्कि वास्तविक उपभोक्ता माँग चालक है।
क्या होगा आगे
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून सत्र में ग्रामीण माँग और मज़बूत हो सकती है, जिससे दोपहिया और एंट्री-लेवल यात्री वाहनों की बिक्री को और समर्थन मिलने की संभावना है। एसयूवी सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा तेज़ बनी हुई है और नए मॉडल लॉन्च की पाइपलाइन भी भरी है, जो आने वाले महीनों में बिक्री को गति देती रह सकती है।