अगस्त 2026 में भारतीय ऑटो बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, यात्री वाहनों की बिक्री 36.5% उछली
सारांश
मुख्य बातें
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार, भारत की थोक ऑटोमोबाइल बिक्री अगस्त 2026 में रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गई — यात्री वाहन, तिपहिया और दोपहिया तीनों श्रेणियाँ एक साथ सर्वकालिक उच्च स्तर पर रहीं। GST 2.0 लागू होने के कारण अगस्त 2025 में बिक्री का आधार कमज़ोर था, जिससे इस वर्ष की तुलनात्मक वृद्धि और अधिक उल्लेखनीय दिखती है।
श्रेणीवार बिक्री के आंकड़े
सियाम के अनुसार, अगस्त 2026 में यात्री वाहनों की कुल थोक बिक्री 4,39,309 यूनिट्स रही, जो सालाना आधार पर 36.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। तिपहिया वाहनों की बिक्री 22.8 प्रतिशत उछलकर 93,764 यूनिट्स हो गई। दोपहिया वाहनों की बिक्री में 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 20,34,698 यूनिट्स पर पहुँची।
सियाम के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में यात्री वाहनों, तिपहिया, दोपहिया और क्वाड्रीसाइकिल का कुल उत्पादन 31,57,822 यूनिट्स रहा।
सियाम की प्रतिक्रिया
सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा, 'भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग जबरदस्त ग्रोथ के दौर से गुजर रहा है। अगस्त 2026 में हुई ग्रोथ को पिछले साल के कम बेस का भी सहारा मिला है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मांग का माहौल बुनियादी तौर पर मज़बूत बना हुआ है।
मेनन के अनुसार, ग्राहकों का मज़बूत भरोसा, ग्रामीण बाज़ारों की मजबूती और बेहतर होती फाइनेंसिंग परिस्थितियाँ सभी श्रेणियों में ऑटोमोबाइल की माँग को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने जोड़ा, 'त्योहारी सीजन की माँग से भी अतिरिक्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहेंगे।'
जुलाई 2026 से तुलना
गौरतलब है कि जुलाई 2026 में भी भारतीय ऑटो उद्योग ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन दर्ज किया था। सियाम के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में घरेलू यात्री वाहनों की थोक आपूर्ति 4,57,810 यूनिट्स रही — जो जुलाई 2025 के 3,40,772 यूनिट्स के मुकाबले 34.3 प्रतिशत अधिक थी।
जुलाई में दोपहिया वाहनों की बिक्री 19,23,483 यूनिट्स रही, जो एक वर्ष पहले के 15,69,120 यूनिट्स की तुलना में 22.6 प्रतिशत अधिक थी। तिपहिया वाहनों की आपूर्ति 92,560 यूनिट्स रही — जुलाई 2025 के 69,403 यूनिट्स से 33.4 प्रतिशत की वृद्धि।
आम जनता और बाज़ार पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब वाहन उद्योग त्योहारी सीजन — नवरात्रि, दशहरा और दिवाली — के दरवाज़े पर खड़ा है, जो परंपरागत रूप से भारत में सबसे अधिक वाहन खरीदारी का समय होता है। ग्रामीण बाज़ारों में दोपहिया की माँग और शहरी बाज़ारों में SUV सेगमेंट का दबदबा दोनों एक साथ मज़बूत बने रहने से उद्योग विश्लेषकों का भरोसा बढ़ा है।
आने वाले महीनों में यदि त्योहारी माँग उम्मीद के अनुरूप रही, तो दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) भारतीय ऑटो उद्योग के इतिहास में सबसे मज़बूत तिमाहियों में से एक बन सकती है।