अप्रैल 2026 में यात्री वाहन बिक्री 25.4% उछली, 4,37,312 यूनिट्स का रिकॉर्ड; SIAM डेटा
सारांश
मुख्य बातें
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा 14 मई 2026 को जारी आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में घरेलू यात्री वाहनों की डीलर डिलीवरी सालाना आधार पर 25.4 प्रतिशत बढ़कर 4,37,312 यूनिट्स के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में बनी मजबूत माँग की रफ्तार के नए वित्त वर्ष में भी जारी रहने का संकेत देती है।
श्रेणीवार बिक्री का प्रदर्शन
दोपहिया वाहनों की बिक्री अप्रैल 2026 में 28.4 प्रतिशत की छलाँग के साथ 18,72,691 यूनिट्स तक पहुँची। तिपहिया वाहनों ने भी अब तक का सर्वश्रेष्ठ अप्रैल दर्ज किया — 32.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 65,668 यूनिट्स की डिलीवरी हुई। यात्री वाहन, तिपहिया, दोपहिया और क्वाड्रिसाइकिल सहित कुल वाहन डिलीवरी 29,22,427 यूनिट्स रही।
SIAM महानिदेशक की प्रतिक्रिया
SIAM के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में बनी मजबूत रफ्तार नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले महीने में भी बरकरार रही। उन्होंने बताया कि यात्री वाहनों की 4.37 लाख यूनिट्स की बिक्री और तिपहिया वाहनों की 0.66 लाख यूनिट्स की बिक्री — दोनों ही अप्रैल माह के अब तक के सर्वोच्च आँकड़े हैं। मेनन ने यह भी स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे माल की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद ऑटो उद्योग में माँग सकारात्मक बनी हुई है।
रिटेल बिक्री: FADA के आँकड़े
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के आँकड़ों के अनुसार, घरेलू ऑटो रिटेल उद्योग ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत रिकॉर्ड स्तर पर की। अप्रैल 2026 में कुल 26,11,317 वाहनों की रिटेल बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 12.94 प्रतिशत अधिक है। दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री 19,16,258 यूनिट्स रही — इस श्रेणी के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ अप्रैल। शहरी बाजारों में 14.07 प्रतिशत और ग्रामीण बाजारों में 12.30 प्रतिशत की वृद्धि के साथ माँग सभी क्षेत्रों में व्यापक रही।
पिछले महीने से तुलना
गौरतलब है कि मार्च 2026 में घरेलू यात्री वाहनों की डीलर सप्लाई 16 प्रतिशत बढ़कर 4,42,460 यूनिट्स रही थी, जिसकी वजह बेहतर माँग और डीलरशिप पर बढ़ा हुआ स्टॉक था। अप्रैल में यह आँकड़ा मार्च से थोड़ा कम है, लेकिन सालाना वृद्धि दर कहीं अधिक तीव्र रही।
आगे की राह
यात्री वाहन सेगमेंट का आउटलुक फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है, हालाँकि विश्लेषकों के अनुसार आने वाले महीनों में वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है। कच्चे माल की कीमतों पर भू-राजनीतिक दबाव और ग्रामीण माँग की निरंतरता — दोनों उद्योग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।