बरेली तूफान: टीन शेड पकड़े 50 फीट हवा में उड़े नन्हें अंसारी, अस्पताल से सुनाई आपबीती
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 14 मई को आए भीषण आंधी-तूफान के दौरान एक अविश्वसनीय हादसा सामने आया, जब नन्हें अंसारी नामक व्यक्ति एक टीन शेड को पकड़े हुए करीब 50 फीट की ऊंचाई पर हवा में उड़ते नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और देखने वालों को हैरान कर गया। घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती अंसारी ने 15 मई को इस जानलेवा अनुभव का ब्यौरा साझा किया।
कैसे हुआ हादसा
नन्हें अंसारी ने बताया कि वह ई-रिक्शा लेकर जा रहे थे, तभी मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। उन्होंने पास के एक टीन शेड में शरण ली। उनके साथ चार अन्य लोग भी थे जो शेड को बीम के साथ रस्सी से बांधने की कोशिश कर रहे थे।
अंसारी ने बताया, 'अचानक इतना तेज तूफान आया कि रस्सी टूट गई। बाकी लोग नीचे रह गए, लेकिन मैं शेड को पकड़े हुए था। तेज हवा ने मुझे ऊपर उठा लिया। करीब 50 फीट की ऊंचाई पर और लगभग 80 फीट दूर तक मैं हवा में उड़ता चला गया। पहले टीन शेड गिरी और उसके बाद मैं गिरा।'
जान बचने पर भावुक हुए अंसारी
अंसारी ने भावुक होते हुए कहा, 'मेरे बच्चे अल्लाह से दुआ कर रहे थे कि उनके पिता सही-सलामत रहें। उसी की बदौलत आज मैं बच पाया। उस वक्त मुझे कोई उम्मीद नहीं थी कि मैं बचूंगा। जान पर बन आई तो मैं खुदा को याद कर रहा था।' उन्होंने बताया कि जमीन पर गिरने के बाद वह बेहोश हो गए और आसपास के लोगों ने उन्हें उठाकर मदद की।
सरकार से मदद की गुहार
फिलहाल नन्हें अंसारी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता की अपील करते हुए कहा, 'रोज का खाना-पीना तो चलता रहता है, लेकिन मेरे पास खेती-बाड़ी नहीं है। ऐसे में परिवार चलाना बहुत मुश्किल है। सरकार से अनुरोध है कि जो भी संभव हो, मेरे लिए करें।'
प्रदेश में तूफान का व्यापक असर
यह हादसा उस व्यापक तबाही का हिस्सा है जो 14 मई को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आई आंधी-तूफान और बारिश ने मचाई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। बरेली जिले में यह घटना इस तूफान की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गई है। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि मौसम की मार सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ती है जो खुले में काम करते हैं और जिनके पास पक्की छत तक नहीं होती।