होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुज़रे दो एलपीजी जहाज, 16 और 18 मई को भारतीय बंदरगाहों पर पहुँचेंगे
सारांश
मुख्य बातें
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 14 मई 2026 को पुष्टि की कि भारत के लिए एलपीजी कार्गो लेकर आ रहे दो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर चुके हैं और अगले कुछ दिनों में भारतीय बंदरगाहों पर पहुँचने की उम्मीद है। यह जानकारी केंद्र सरकार की दैनिक समुद्री ब्रीफिंग में दी गई।
दो जहाजों का विवरण
पहला जहाज एसवाईएमआई, जो मार्शल द्वीप समूह के ध्वज के तहत संचालित है, 19,965 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लेकर भारत आ रहा है। इस पर 21 विदेशी चालक दल सदस्य सवार हैं। यह जहाज 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और 16 मई को कांडला बंदरगाह पहुँचने की संभावना है।
दूसरा जहाज एनवी सनशाइन, वियतनाम के ध्वज के तहत पंजीकृत, 46,427 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो के साथ भारत की ओर बढ़ रहा है। इस पर 24 विदेशी चालक दल सदस्य हैं। यह जहाज 14 मई को जलडमरूमध्य पार कर चुका है और 18 मई को न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुँचने की उम्मीद है।
भारतीय ढाऊ जहाज हादसे का शिकार, सभी 14 नाविक सुरक्षित
इस बीच, भारतीय ढाऊ जहाज 'एमएसवी हाजी अली' 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र में हादसे का शिकार हो गया। सोमालिया से यूएई के शारजाह की यात्रा के दौरान जहाज में आग लग गई, जिसके बाद वह डूब गया।
मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल सदस्यों को ओमानी तट रक्षक ने सुरक्षित बचा लिया। सभी नाविक ओमान के डिब्बा पोर्ट पहुँच चुके हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं।
सरकार की निगरानी और समन्वय
केंद्र सरकार ने बताया कि वह ओमान सरकार, भारतीय मिशन अधिकारियों और संबंधित समुद्री एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पिछले 72 घंटों में एमएसवी हाजी अली की घटना को छोड़कर भारतीय जहाजों या भारतीय नाविकों वाले विदेशी जहाजों से जुड़ी कोई अन्य घटना सामने नहीं आई है।
नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) का कंट्रोल रूम सक्रिय होने के बाद से अब तक 9,266 कॉल और 20,592 से अधिक ईमेल संभाल चुका है। पिछले 72 घंटों में अकेले 377 कॉल और 834 ईमेल प्राप्त हुए।
नाविकों की वापसी और बंदरगाह संचालन
डीजी शिपिंग के माध्यम से अब तक खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 3,158 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है, जिनमें पिछले 72 घंटों में वापस लाए गए 62 नाविक भी शामिल हैं। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के सभी बंदरगाहों पर संचालन सामान्य है और कहीं भी भीड़भाड़ या रुकावट की कोई सूचना नहीं है।
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएँ बढ़ी हैं। भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से प्राप्त करता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी व्यवधान का सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है। सरकार की सक्रिय निगरानी इस संवेदनशीलता को रेखांकित करती है।