एलपीजी पोत 'जग विक्रम' ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया, मुंबई यात्रा जल्द: सरकार
सारांश
Key Takeaways
- जग विक्रम ने सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया।
- जहाज में २०,४०० मीट्रिक टन एलपीजी है।
- २४ नाविक जहाज पर सवार हैं।
- सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए २४ घंटे निगरानी रखी है।
- रविवार को मुंबई पहुँचने की उम्मीद।
नई दिल्ली, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सरकार ने शनिवार को बताया कि भारत-ध्वज वाला एलपीजी पोत 'जग विक्रम' सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है। यह जानकारी उस समय आई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और समुद्री गतिविधियों पर गहरा ध्यान दिया जा रहा है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इस जहाज में लगभग २०,४०० मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है और इसके साथ २४ नाविक सवार हैं। यह जहाज १५ अप्रैल तक मुंबई पहुँचने की उम्मीद है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले २४ घंटों में किसी भारतीय ध्वज वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना नहीं हुई है।
इसके अलावा, भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं, और २४ घंटे शिपिंग कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। इस कंट्रोल रूम के संचालन के बाद से अब तक ५,९७३ कॉल और १२,६७५ से अधिक ईमेल प्राप्त किए गए हैं, जिनमें पिछले २४ घंटों में ही १२८ कॉल और ३१९ ईमेल शामिल हैं।
सरकार ने नौवहन महानिदेशालय के जरिए अब तक २,००९ से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले २४ घंटों में ८१ नाविक शामिल हैं। देश के सभी बंदरगाहों पर कार्यवाही सामान्य है और कहीं भी भीड़ या रुकावट की स्थिति नहीं है।
सरकार ने यह भी बताया कि विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है ताकि नाविकों की सुरक्षा और संचालन सही तरीके से चलता रहे।
इस बीच, विदेश मंत्रालय ने कहा कि खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय दूतावास लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सहायता और सलाह दे रहे हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर निरंतर नजर रख रहा है और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर रहा है, ताकि किसी भी स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।