एचडीएफसी बैंक का चौथी तिमाही में मुनाफा 8%25 बढ़कर 20,350 करोड़ रुपए हुआ
सारांश
Key Takeaways
- एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 8.04%25 बढ़कर 20,350 करोड़ रुपए हुआ।
- बैंक की ब्याज आय 87,182.50 करोड़ रुपए रही।
- बैंक के खर्च बढ़कर 40,587.82 करोड़ रुपए तक पहुंच गए।
- खुदरा ऋणों में वृद्धि, जो 16,14,900 करोड़ रुपए हो गई।
- शेयर बाजार में बैंक के शेयर की बढ़त 0.57%25 रही।
मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एचडीएफसी बैंक, जो देश का सबसे बड़ा निजी बैंक है, ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के परिणामों की घोषणा की है। इस अवधि में बैंक का कंसोलिडेटेड मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 8.04%25 बढ़कर 20,350.76 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 18,834.88 करोड़ रुपए रहा था।
इस तिमाही में बैंक की ब्याज आय (इंटरेस्ट इनकम) 87,182.50 करोड़ रुपए रही, जो कि पिछले क्वार्टर और साल-दर-साल आधार पर मामूली बढ़त दर्शाती है।
स्टैंडअलोन आधार पर बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) 3.2%25 बढ़कर 33,082 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 32,006 करोड़ रुपए थी।
मार्च तिमाही में बैंक की कुल आय 1.16 लाख करोड़ रुपए रही। हालांकि, यह पिछली तिमाही के 1.26 लाख करोड़ रुपए से कम है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में इसमें बढ़त देखी गई है।
इस तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी रेवेन्यू भी बढ़कर 31,111.68 करोड़ रुपए हो गया, जो कि पिछली तिमाही के 30,581.81 करोड़ रुपए और पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 29,378.75 करोड़ रुपए से अधिक है।
हालांकि, इस दौरान बैंक के खर्च भी बढ़े हैं और यह 40,587.82 करोड़ रुपए तक पहुंच गए, जो एक साल पहले 39,300.40 करोड़ रुपए थे। बढ़ते खर्च ने मार्जिन पर कुछ दबाव डाला है।
बैंक के बिजनेस ग्रोथ पर नजर डालें तो मार्च 2026 तक ग्रॉस एडवांसेज बढ़कर 29,60,000 करोड़ रुपए हो गए हैं, जो कि दिसंबर तिमाही में 28,44,600 करोड़ रुपए थे।
खुदरा ऋणों (रिटेल लोन) का दबदबा बना रहा और ये बढ़कर 16,14,900 करोड़ रुपए हो गए। इसमें होम लोन (8,88,700 करोड़ रुपए) और पर्सनल लोन (2,17,800 करोड़ रुपए) का बड़ा योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त, ऑटो लोन 1,57,500 करोड़ रुपए और गोल्ड लोन 23,700 करोड़ रुपए तक पहुंच गए।
छोटे और मिड-मार्केट सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई, जहाँ लोन बढ़कर 6,31,600 करोड़ रुपए हो गए। वहीं कॉरपोरेट और होलसेल लोन 8,10,800 करोड़ रुपए हो गए।
बैंक का कुल एडवांस अंडर मैनेजमेंट 30,57,300 करोड़ रुपए रहा, जो लोन बुक के लगातार विस्तार को दर्शाता है।
इस बीच, बैंक अपने पूर्व अंशकालिक चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर भी चर्चा में रहा।
चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे पत्र में कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर हुए कुछ घटनाक्रम उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं थे। हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी विशेष घटना या गड़बड़ी की ओर इशारा नहीं किया है। खुद चक्रवर्ती ने भी कहा कि उनका इस्तीफा किसी गलत काम से जुड़ा नहीं है, बल्कि विचारधाराओं और दृष्टिकोण में मतभेद की वजह से लिया गया फैसला है।
शेयर बाजार में शुक्रवार को बैंक का शेयर 0.57 प्रतिशत की बढ़त के साथ 800 रुपए पर बंद हुआ।