गुलवीर सिंह ने CWG 2026 में रचा इतिहास: 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज, एक संस्करण में 2 मेडल जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एथलीट
सारांश
मुख्य बातें
लॉन्ग-डिस्टेंस धावक गुलवीर सिंह ने 2 अगस्त 2026 को ग्लासगो के स्कॉट्सटाउन स्टेडियम में पुरुषों की 5,000 मीटर दौड़ के फाइनल में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में एक नया अध्याय लिख दिया। इस उपलब्धि के साथ ही गुलवीर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के एकल संस्करण में दो मेडल जीतने वाले देश के पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे मिला ब्रॉन्ज
गुलवीर सिंह ने 13:24.95 सेकंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। केन्या के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13:23.61 सेकंड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के काय रॉबिन्सन 13:24.70 सेकंड के साथ सिल्वर मेडलिस्ट रहे।
रेस के शुरुआती 400 मीटर गुलवीर ने 1:10.6 सेकंड में पूरे किए और उस समय वह 8वें स्थान पर थे। अगले 400 मीटर को 1:06.4 सेकंड में पूरा कर वह चौथे स्थान पर आ गए। शुरुआती 3,000 मीटर उन्होंने 8:16.6 सेकंड में पूरे किए, उस समय वह पाँचवें स्थान पर थे। 4,800 मीटर तक पहुँचते-पहुँचते उन्होंने तीसरा स्थान सुनिश्चित कर लिया और अंतिम 200 मीटर में इसी पायदान को बरकरार रखा।
10,000 मीटर के बाद अब 5,000 मीटर — दोहरी ऐतिहासिक उपलब्धि
इससे पहले गुलवीर ने CWG 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 27:49.78 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल जीता था, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक ऐतिहासिक प्रदर्शन था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय ट्रैक एंड फील्ड को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता की प्रतीक्षा थी। गौरतलब है कि इससे पहले किसी भी भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट ने कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो पदक नहीं जीते थे।
गुलवीर सिंह: फौजी से चैंपियन तक
उत्तर प्रदेश के अतरौली के रहने वाले 28 वर्षीय गुलवीर सिंह भारतीय सेना में कार्यरत हैं। छोटे शहर की पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय पोडियम तक का उनका सफर भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है। यह उनकी रणनीतिक दौड़ क्षमता को भी दर्शाता है — शुरुआत में पिछड़कर अंत में ऊपर आना उनकी खास शैली रही।
भारत का मेडल टैली और आगे की राह
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने अब तक कुल 39 मेडल हासिल किए हैं — 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज। फिलहाल भारत समग्र मेडल टैली में चौथे स्थान पर है। गुलवीर का यह प्रदर्शन भारत की एथलेटिक्स में बढ़ती ताकत का संकेत है और आने वाले अंतरराष्ट्रीय सीज़न में उनसे और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद जगाता है।