30 जुलाई 2026
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गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर, 10,000 मीटर में पोडियम पर पहुँचने वाले पहले भारतीय

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गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर, 10,000 मीटर में पोडियम पर पहुँचने वाले पहले भारतीय

सारांश

किसान के बेटे, सेना के नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में 10,000 मीटर में सिल्वर जीतकर इतिहास रच दिया — कॉमनवेल्थ पोडियम पर चढ़ने वाले पहले भारतीय। एशियन गेम्स ब्रॉन्ज और दो एशियन गोल्ड के बाद यह मेडल उनकी बढ़ती विरासत का अगला अध्याय है।

मुख्य बातें

गुलवीर सिंह ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।
वे इस इवेंट में कॉमनवेल्थ पोडियम पर पहुँचने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।
गुलवीर ने 27:49.78 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की, अंतिम लैप में तेज 'किक' से बढ़त बनाई।
उनके नाम 10,000 मीटर, 5,000 मीटर और 3,000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं।
2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर — दोनों में गोल्ड मेडल जीते।
अगला लक्ष्य एशियन गेम्स बताया; उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के इस सेना-जवान को सरकार और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का पूरा समर्थन मिल रहा है।

भारत के स्टार लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने 29 जुलाई 2026 की देर रात ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वे इस इवेंट में कॉमनवेल्थ मंच पर पोडियम तक पहुँचने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

मुख्य प्रदर्शन

गुलवीर सिंह ने 27:49.78 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की। उन्होंने अंतिम लैप में विस्फोटक 'किक' लगाते हुए प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा और फिनिश लाइन पार की। यह प्रदर्शन उनकी रणनीतिक दौड़-शैली और उत्कृष्ट फिटनेस का प्रमाण है।

गुलवीर का प्रतिक्रिया

मेडल जीतने के बाद गुलवीर सिंह ने कहा, 'मेडल जीतने के बाद बहुत खुशी हो रही है। मेरे दिमाग में देश के लिए मेडल लाना था। कोच ने जो निर्देश दिए, मैंने उसका पालन किया।' उन्होंने अपने परिवार को भी याद किया — 'मेरे पिता एक किसान हैं। मेरे भाई नौकरीपेशा हैं। लोग जब पिता से मेरे बारे में पूछते हैं, तो उन्हें काफी खुशी होती है।'

सरकारी सहयोग पर उन्होंने कहा, 'भारत सरकार हमें काफी सपोर्ट कर रही है। साई से हमें भरपूर सहयोग मिल रहा है। हमें ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा जा रहा है। हमें सरकार और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से हर संभव मदद मिल रही है। सरकार ने एथलीट्स पर काफी खर्चा किया है।'

पृष्ठभूमि और करियर

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गाँव में जन्मे गुलवीर सिंह भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उन्होंने सेना में भर्ती की तैयारी के दौरान गाँव की सड़कों और खेतों के रास्तों पर दौड़ना शुरू किया था — एक साधारण शुरुआत जो आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँची।

गुलवीर के नाम 10,000 मीटर के अलावा 3,000 मीटर और 5,000 मीटर में भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। उन्होंने 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई, फिर 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज जीता। 2025 में दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर — दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतकर खुद को एशिया के शीर्ष लॉन्ग-डिस्टेंस रनर के रूप में स्थापित किया।

आगे का लक्ष्य

गुलवीर ने स्पष्ट किया कि यह कॉमनवेल्थ सिल्वर उनकी यात्रा का अगला पड़ाव भर है। उन्होंने कहा, 'यह मेरा कॉमनवेल्थ में पहला मेडल है। अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है।' यह बयान बताता है कि वे लंबी दौड़ के लिए तैयार हैं — ट्रैक पर भी और करियर में भी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस रनिंग के पुनरुत्थान का संकेत है — एक ऐसी विधा जिसमें भारत दशकों तक वैश्विक मंच पर अनुपस्थित रहा। गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर का यह पहला भारतीय पोडियम, एशियन स्तर पर उनके लगातार प्रदर्शन के बाद आया है — जो दर्शाता है कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित प्रक्रिया का परिणाम है। हालाँकि, असली कसौटी तब होगी जब वे विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप या ओलंपिक स्तर पर अफ्रीकी और यूरोपीय धुरंधरों से मुकाबला करेंगे — जहाँ एशियाई श्रेष्ठता वैश्विक पदक में नहीं बदलती।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन-सा मेडल जीता?
गुलवीर सिंह ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। वे इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ पोडियम पर पहुँचने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।
गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर रेस कितने समय में पूरी की?
गुलवीर सिंह ने 27:49.78 सेकंड के समय के साथ रेस पूरी की। उन्होंने अंतिम लैप में तेज 'किक' लगाकर प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा।
गुलवीर सिंह कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
गुलवीर सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गाँव के रहने वाले हैं और भारतीय सेना की ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में नायब सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उन्होंने सेना भर्ती की तैयारी के दौरान दौड़ना शुरू किया था और अब 10,000 मीटर, 5,000 मीटर व 3,000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं।
गुलवीर सिंह के अब तक के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मेडल कौन-से हैं?
गुलवीर ने 2023 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज, 2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज, और 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (गुमी, दक्षिण कोरिया) में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर — दोनों में गोल्ड मेडल जीते हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सिल्वर इस शृंखला की नवीनतम कड़ी है।
गुलवीर सिंह का अगला लक्ष्य क्या है?
गुलवीर सिंह ने स्वयं बताया कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से उन्हें विदेशी प्रशिक्षण सहित पूरा समर्थन मिल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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