29 जुलाई 2026
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गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में जीता ऐतिहासिक सिल्वर, 10,000 मीटर में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडल

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गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में जीता ऐतिहासिक सिल्वर, 10,000 मीटर में भारत का पहला कॉमनवेल्थ मेडल

सारांश

गांव की पगडंडियों से ग्लासगो के ट्रैक तक — नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में सिल्वर जीतकर वह कर दिखाया जो पहले कोई भारतीय नहीं कर सका। यह मेडल सिर्फ एक पदक नहीं, भारतीय लंबी दूरी की दौड़ में एक नई शुरुआत है।

मुख्य बातें

गुलवीर सिंह ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता।
वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।
गुलवीर ने दौड़ 27:49.78 सेकंड में पूरी की; गोल्ड काई रॉबिन्सन (ऑस्ट्रेलिया) को और ब्रॉन्ज डेविड मुलार्की (आइल ऑफ मैन) को मिला।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर बधाई दी।
गुलवीर अलीगढ़, उत्तर प्रदेश के हैं और भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं।
2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में गोल्ड जीता था।

भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने 29 जुलाई 2026 को ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने। उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत देशभर के नेताओं ने बधाई दी।

स्कॉट्सटाउन में रचा इतिहास

स्कॉट्सटाउन स्टेडियम, ग्लासगो में आयोजित इस दौड़ में गुलवीर सिंह ने 27:49.78 सेकंड का समय निकालते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकंड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की ने 27:50.28 सेकंड में रेस पूरी कर ब्रॉन्ज मेडल जीता। गुलवीर और मुलार्की के बीच का अंतर महज 0.50 सेकंड का रहा, जो इस दौड़ की रोमांचक प्रकृति को दर्शाता है।

राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की बधाई

राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, 'गुलवीर सिंह, आपकी शानदार उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर, आपने पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल जीता है। देश को आप पर गर्व है। मैं कामना करती हूं कि भविष्य में आप और भी कई उपलब्धियां हासिल करें।'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रमंडल खेल-2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले उत्तर प्रदेश के सपूत एवं नायब सूबेदार गुलवीर सिंह को हार्दिक बधाई। आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि अथक परिश्रम, अनुशासन एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश एवं देश को आप पर गर्व है।'

गुलवीर सिंह: खेतों से ग्लासगो तक का सफर

गुलवीर सिंह का जन्म 1 जून 1998 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में हुआ था। उनके एथलेटिक्स करियर की नींव गांव की पगडंडियों, सड़कों और खेतों पर दौड़ते हुए पड़ी, जब वह भारतीय सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे थे। 2018 में वह भारतीय सेना की द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल हुए और वर्तमान में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं।

अंतरराष्ट्रीय करियर की उड़ान

गुलवीर ने 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। 2022 एशियाई खेलों में उन्होंने 10,000 मीटर में भी ब्रॉन्ज पदक जीता। इसके बाद 2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 5,000 मीटर और 10,000 मीटर — दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीतकर एशिया के शीर्ष लंबी दूरी के धावकों में अपनी मजबूत जगह बनाई। ग्लासगो में उनका यह सिल्वर मेडल उस शानदार सफर की अगली कड़ी है, और भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए एक नए युग का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारोत्तोलन और बैडमिंटन पर निर्भर रहा है — 10,000 मीटर में पहला पदक यह संकेत देता है कि सेना-पोषित एथलेटिक्स कार्यक्रम अब वैश्विक स्तर पर परिणाम दे रहा है। सवाल यह है कि क्या यह एकल उपलब्धि एक व्यवस्थागत बदलाव की शुरुआत है, या सिर्फ एक असाधारण व्यक्ति की कहानी? जब तक लंबी दूरी की दौड़ के लिए समर्पित राष्ट्रीय ढांचा नहीं बनता, गुलवीर जैसे धावक अपवाद बने रहेंगे, नियम नहीं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा मेडल जीता?
गुलवीर सिंह ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने यह दौड़ 27:49.78 सेकंड में पूरी की और वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।
गुलवीर सिंह का यह मेडल ऐतिहासिक क्यों है?
यह पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में भारत का पहला कभी भी कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है। इससे पहले कोई भी भारतीय एथलीट इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ स्तर पर पोडियम तक नहीं पहुंचा था।
गुलवीर सिंह कौन हैं और वह कहां से हैं?
गुलवीर सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव के निवासी हैं, जिनका जन्म 1 जून 1998 को हुआ था। वह भारतीय सेना की द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में नायब सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं और 2018 से सेना में हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुलवीर सिंह को क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल जीता है और देश को उन पर गर्व है। उन्होंने यह भी कामना की कि गुलवीर भविष्य में और भी उपलब्धियां हासिल करें।
गुलवीर सिंह के पिछले अंतरराष्ट्रीय पदक कौन से हैं?
गुलवीर सिंह ने 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज, 2022 एशियाई खेलों में 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज, और 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर व 10,000 मीटर दोनों में गोल्ड मेडल जीते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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