चारधाम यात्रा में टप्पेबाजी: गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंग लीडर सुनील कुमार देवप्रयाग से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
चमोली पुलिस ने चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए 11 सितंबर 2026 को गिरोह के सरगना सुनील कुमार को देवप्रयाग से गिरफ्तार किया। यह गिरोह बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
27 अप्रैल 2026 को कोतवाली श्री बद्रीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। जाँच आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि वारदातें किसी बिखरे हुए समूह का काम नहीं, बल्कि एक सुसंगठित अंतरराज्यीय गिरोह की सुनियोजित गतिविधियाँ थीं।
इससे पहले पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया था — कृष्ण कुमार (उम्र 28 वर्ष, निवासी भटिंडा, पंजाब), दिया (उम्र 25 वर्ष, निवासी मोरमण्डी, भटिंडा, पंजाब), सुनील कुमार (निवासी भरतपुर, राजस्थान, हाल निवासी भटिंडा, पंजाब, उम्र 26 वर्ष) और ललित कुमार (उम्र 31 वर्ष, निवासी अलवर, राजस्थान)।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने केवल बद्रीनाथ धाम को ही नहीं, बल्कि केदारनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं के साथ टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम दिया। थाना सोनप्रयाग में भी इस सिलसिले में अभियोग दर्ज है। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में सामने आए तथ्यों ने गिरोह की संगठित और अंतरराज्यीय प्रकृति की पुष्टि की।
गौरतलब है कि गिरोह के सदस्य पंजाब और राजस्थान से आकर उत्तराखंड के तीर्थ क्षेत्रों में सक्रिय थे — यह ऐसे समय में सामने आया है जब चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी होती है और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव रहता है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
चमोली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विस्तृत गैंगचार्ट तैयार किया और जिला मजिस्ट्रेट से उसका अनुमोदन प्राप्त किया। इसके बाद गिरोह तथा उसके सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर की सूचनाओं को मिलाकर गैंग लीडर तक पहुँचने में सफलता हासिल की।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस ने इस कार्रवाई को चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नज़र रखी जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी।
क्या होगा आगे
गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में सभी आरोपियों पर मुकदमा चलाया जाएगा। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जाँच कर रही है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि तीर्थ स्थलों पर संगठित अपराध गिरोहों की सक्रियता एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है, जिसके लिए राज्यों के बीच समन्वित प्रयासों की ज़रूरत है।