12 सितंबर 2026
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यूपी 2027 चुनाव: भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का दावा — सपा फिर हारेगी, भाजपा जीतेगी 350+ सीटें

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यूपी 2027 चुनाव: भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का दावा — सपा फिर हारेगी, भाजपा जीतेगी 350+ सीटें

सारांश

गाजियाबाद के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने अखिलेश यादव के बयानों पर पलटवार करते हुए 2027 चुनाव में भाजपा के 350+ सीटें जीतने का दावा किया। साथ ही आजम खान के मुकदमे वापस लेने के सपा के वादे को न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन बताया।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 12 सितंबर 2026 को गाजियाबाद में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर पलटवार किया।
गुर्जर ने दावा किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा 350 से अधिक सीटें जीत सकती है।
उन्होंने भाजपा की टिकट प्रक्रिया को 'सर्वे और प्रदर्शन आधारित' बताया और सपा पर अलग मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
अखिलेश के आजम खान के मुकदमे वापस लेने के वादे को गुर्जर ने न्यायिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताया।
सपा 2017 से सत्ता से बाहर है; गुर्जर ने कहा कि पार्टी की राजनीतिक साख जनता के बीच घट रही है।

गाजियाबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने 12 सितंबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर करारा पलटवार किया, जिसमें यादव ने भाजपा में टिकट कटने की प्रक्रिया पर टिप्पणी की थी। गुर्जर ने न केवल भाजपा की उम्मीदवार-चयन प्रणाली का बचाव किया, बल्कि यह दावा भी किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 350 से अधिक सीटें जीत सकती है।

भाजपा की टिकट प्रक्रिया पर सफाई

गुर्जर ने कहा कि भाजपा में उम्मीदवारों के कामकाज का नियमित सर्वे कराया जाता है और जो विधायक जनता के बीच सक्रिय हैं, उन्हें दोबारा मौका दिया जाता है। उनके अनुसार, 'सुशासन और प्रदर्शन' ही पार्टी का एकमात्र मानदंड है। उन्होंने कहा, 'यदि कोई विधायक जनता के लिए काम नहीं कर रहा है तो उसका टिकट क्यों बरकरार रखा जाए।' सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की उम्मीदवार-चयन प्रक्रिया में 'अलग तरह के मानदंड' अपनाए जाते हैं।

सपा की राजनीतिक स्थिति पर हमला

गुर्जर ने दावा किया कि 2017 से सत्ता से बाहर सपा अब जनाधार खो रही है। उनके अनुसार अखिलेश यादव को भाजपा की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को सपा से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सपा सरकार के फैसलों और राजनीतिक रुख के कारण पार्टी को नुकसान हुआ। गुर्जर ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव 'राजनीतिक रूप से परेशान' हैं और 2027 में भी सपा को बड़ी सफलता नहीं मिलेगी।

आजम खान के मुकदमों पर सपा को घेरा

अखिलेश यादव के उस बयान पर — कि सत्ता में आने पर आजम खान के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाएंगे — गुर्जर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आजम खान के खिलाफ चल रहे मामलों का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के आधार पर। भाजपा विधायक ने सपा पर 'तुष्टीकरण की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक मामलों में सरकार का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा।

योगी सरकार का बचाव, सपा पर सवाल

गुर्जर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि योगी सरकार ने अपराध के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की है और पीड़ित परिवारों की मदद की है। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ मामलों में पीड़ितों के समर्थन में पर्याप्त आवाज नहीं उठाई। गुर्जर ने सवाल किया कि यदि अखिलेश पिछड़े और दलित समाज की बात करते हैं, तो विभिन्न आपराधिक घटनाओं में उनकी प्रतिक्रिया एकसमान क्यों नहीं रही।

2027 चुनाव को लेकर भाजपा का दावा

गुर्जर ने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में उत्तर प्रदेश की जनता नेताओं के पुराने बयान और राजनीतिक फैसलों को याद रखती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का जोर कानून-व्यवस्था, विकास और सुशासन पर है और पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में 350 से अधिक सीटें जीतेगी। यह ध्यान देने योग्य है कि ये दावे भाजपा के एक विधायक के हैं और अभी चुनावी परिणाम आने में लगभग एक वर्ष से अधिक का समय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ 'कानून से ऊपर' की छवि बनने का जोखिम है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति-समीकरण, सुशासन का दावा और विपक्षी एकजुटता — तीनों मोर्चों पर असली लड़ाई अभी शुरू होनी है।
RashtraPress
12 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंद किशोर गुर्जर कौन हैं और उन्होंने क्या दावा किया?
नंद किशोर गुर्जर गाजियाबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं। उन्होंने 12 सितंबर 2026 को दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा 350 से अधिक सीटें जीतेगी और समाजवादी पार्टी को कोई बड़ी सफलता नहीं मिलेगी।
अखिलेश यादव के किस बयान पर गुर्जर ने पलटवार किया?
अखिलेश यादव ने भाजपा में टिकट कटने की प्रक्रिया पर टिप्पणी की थी और यह भी कहा था कि सत्ता में आने पर आजम खान से जुड़े मुकदमे वापस लिए जाएंगे। गुर्जर ने इन दोनों बयानों को आधारहीन और न्यायिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताया।
भाजपा की टिकट चयन प्रक्रिया के बारे में गुर्जर ने क्या कहा?
गुर्जर के अनुसार भाजपा में उम्मीदवारों का चयन सर्वे और उनके जनप्रतिनिधि के रूप में कामकाज के आधार पर होता है। जो विधायक जनता के लिए काम नहीं करते, उनका टिकट काटा जा सकता है — पार्टी का मानदंड 'सुशासन और प्रदर्शन' है।
आजम खान के मुकदमों पर भाजपा का क्या रुख है?
गुर्जर ने कहा कि आजम खान के खिलाफ चल रहे मामलों का निपटारा न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल की इच्छा के आधार पर। उन्होंने सपा पर 'तुष्टीकरण की राजनीति' का आरोप लगाया।
2027 यूपी चुनाव में सपा और भाजपा की स्थिति क्या है?
भाजपा 2017 और 2022 दोनों चुनावों में सत्ता में आई, जबकि सपा 2017 से सत्ता से बाहर है। गुर्जर के अनुसार सपा जनाधार खो रही है, हालांकि ये भाजपा नेता के दावे हैं — चुनाव में अभी करीब एक साल से अधिक का समय बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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