यूपी विधानसभा चुनाव 2027: सपा सांसद अवधेश प्रसाद का दावा, भाजपा 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 19 अगस्त को अयोध्या में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 50 सीटें भी नहीं जीत पाएगी। उन्होंने महंगाई, कृषि संकट और गठबंधन दबाव को BJP की प्रमुख चुनौतियाँ बताया।
भाजपा पर अवधेश प्रसाद के आरोप
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'आगामी चुनाव में भाजपा के सामने आफत-आफत ही है। भाजपा की डगर मुश्किलों से भरी है। चंदा चोरी, महंगाई सहित कई चुनौतियाँ भाजपा के सामने हैं, जिसका समाधान करने के लिए कोई योजना नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट है, किसानों को खाद नहीं मिल रही है।' प्रसाद ने जोड़ा कि 'भाजपा के सहयोगी दल आज से ही सीट बंटवारे को लेकर दबाव बना रहे हैं' और 'अगर यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा 50 सीट जीतती है तो एक अजूबा होगा।'
कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक पर सपा का रुख
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में सपा की भागीदारी के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा, 'हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को इसके बारे में जानकारी है। जानकारी के आधार पर ही वह तय करेंगे कि बैठक में शामिल होना है या नहीं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं इस विषय पर अखिलेश यादव से बात नहीं की है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
झारखंड में परीक्षा रद्द होने पर प्रतिक्रिया
झारखंड में कई परीक्षाएँ रद्द किए जाने और छात्रों के आंदोलन पर अवधेश प्रसाद ने कहा, 'झारखंड में हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री छात्रों के हितों को सबसे ऊपर रखें और उनसे बातचीत करने के बाद ही कोई कदम उठाएं।' उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों के हित में ठोस योजनाएँ और उपाय किए जाएँ।
योगी सरकार पर पूर्व में दिए बयान
गौरतलब है कि इससे पहले भी अवधेश प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था, 'योगी सरकार का समय बीत चुका है और प्रदेश की जनता इनसे ऊब चुकी है।' उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं में 'न तो कोई बल है, न यकीन है और न तो भरोसा है' और 'इनकी विदाई सुनिश्चित है।' यह बयान 2027 के चुनावी माहौल को गरमाने की सपा की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन सपा और BJP दोनों के बीच जुबानी जंग अभी से तेज़ हो गई है। NDA के घटक दलों द्वारा सीट बंटवारे पर दबाव और विपक्षी गठबंधन की रणनीति — दोनों ही आने वाले महीनों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।