2027 UP चुनाव: अवधेश प्रसाद का दावा — अखिलेश के नेतृत्व में बनेगी सपा सरकार, योगी के वादों पर तंज
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने 26 अगस्त 2026 को अयोध्या में कहा कि उत्तर प्रदेश की एनडीए सरकार से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव नजदीक आते ही बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
योगी के एक लाख नौकरी वादे पर सपा का पलटवार
यह बयान उस समय आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। अवधेश प्रसाद ने इसे 'बिल्कुल झूठी बात' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया था कि हर साल दो करोड़ नौकरियाँ दी जाएंगी, किंतु 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह वादा पूरा नहीं हुआ। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है।
सपा का 2027 का एजेंडा: युवा, किसान और नियमित भर्ती
अवधेश प्रसाद ने दावा किया कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर युवाओं और छात्रों को सरकारी नौकरियाँ दी जाएंगी और नियमित भर्तियाँ सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसानों और युवाओं को सम्मान देना सपा की प्राथमिकता होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी और कृषि संकट प्रमुख राजनीतिक मुद्दे बने हुए हैं।
जेपीएनआईसी लीज विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया
जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) को एक निजी कंसोर्टियम को लीज पर देने के सरकारी फैसले पर सपा सांसद ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे जयप्रकाश नारायण और देश की आज़ादी का अपमान बताया। उनके अनुसार, यह इमारत अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में लखनऊ में जयप्रकाश नारायण के सम्मान में बनाई गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक बार अखिलेश यादव को इस परिसर में प्रवेश से रोका गया था, जिसे उन्होंने 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया।
महंगाई और कानून-व्यवस्था पर निशाना
अवधेश प्रसाद ने योगी सरकार की विभिन्न घोषणाओं — जैसे मुफ्त बस यात्रा, ₹50,000 की सहायता और घर-घर जाकर पैसे बाँटने के वादे — को 'अर्थहीन' बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई दिन-ब-दिन बढ़ रही है और कुछ स्थानों पर चीनी ₹70 से ₹100 प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है और BJP सरकार ने जनता का विश्वास खो दिया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी लगभग डेढ़ वर्ष दूर है, लेकिन सपा और BJP दोनों दलों ने अपनी-अपनी राजनीतिक ज़मीन मजबूत करने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP ने बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि सपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी। आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच यह बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।