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2027 UP चुनाव में सपा के साथ रहेंगे बाबू सिंह कुशवाहा, अखिलेश यादव को बताया अगला मुख्यमंत्री

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2027 UP चुनाव में सपा के साथ रहेंगे बाबू सिंह कुशवाहा, अखिलेश यादव को बताया अगला मुख्यमंत्री

सारांश

जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा ने साफ कहा — 2027 में जन अधिकार पार्टी सपा के साथ है और अखिलेश यादव ही अगले मुख्यमंत्री होने चाहिए। सीट-बँटवारे पर दोनों दलों के प्रतिनिधि जल्द बैठक करेंगे। यह बयान यूपी में विपक्षी एकजुटता की बढ़ती कोशिशों की एक अहम कड़ी है।

मुख्य बातें

बाबू सिंह कुशवाहा ने 8 अगस्त को घोषित किया कि जन अधिकार पार्टी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ रहेगी।
कुशवाहा ने अखिलेश यादव को प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बताया और गठबंधन का लक्ष्य अधिकतम सीटें जीतना बताया।
सीट-बँटवारे और रणनीति पर सपा अध्यक्ष और जन अधिकार पार्टी के प्रतिनिधि आपस में चर्चा कर निर्णय लेंगे।
एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर कुशवाहा ने कहा कि विधेयक संसद में आने के बाद ही विस्तृत राय दी जाएगी।
कुशवाहा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांप्रदायिक सद्भाव को चुनावी मुद्दे के रूप में रेखांकित किया।

जौनपुर लोकसभा सीट से सांसद और जन अधिकार पार्टी के संस्थापक बाबू सिंह कुशवाहा ने 8 अगस्त को स्पष्ट किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ रहेगी और उनकी इच्छा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी गठबंधन की रूपरेखा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो रही है।

गठबंधन की स्थिति और रणनीति

कुशवाहा ने कहा, 'हम चाहते हैं कि प्रदेश का अगला नेतृत्व अखिलेश यादव करें।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सीट-बँटवारे और रणनीति पर सपा अध्यक्ष और जन अधिकार पार्टी के प्रतिनिधि आपस में चर्चा कर अंतिम निर्णय लेंगे। उनके अनुसार गठबंधन का प्राथमिक लक्ष्य अधिक से अधिक सीटें जीतना है ताकि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँच सकें।

एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर रुख

एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर कुशवाहा ने कहा कि पहले केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह संसद में क्या लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि विधेयक सदन में आने के बाद ही विस्तृत राय दी जा सकती है और इस विषय पर उनकी पार्टी अखिलेश यादव के फैसले के अनुसार चलेगी। यह रुख जन अधिकार पार्टी की सपा-निर्भर नीति को रेखांकित करता है।

कांवड़ यात्रा और सांप्रदायिक सद्भाव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कांवड़ियों से संबंधित बयान पर कुशवाहा ने कहा कि कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा होनी चाहिए और उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के कांवड़ यात्रा संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर अधिक बहस नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोड़ा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ का अधिकार देता है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर

कुशवाहा ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांप्रदायिक सद्भाव को आगामी चुनाव के प्रमुख मुद्दे बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए और किसी भी स्थिति में स्कूल बंद नहीं किए जाने चाहिए। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे विपक्ष के चुनावी अभियान का केंद्र रहे हैं।

आगे की राह

सपा-जन अधिकार पार्टी गठबंधन की औपचारिक घोषणा और सीट-बँटवारे पर अभी बातचीत जारी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में विपक्षी एकजुटता की यह कवायद निर्णायक मोड़ पर है, और कुशवाहा का यह बयान गठबंधन की दिशा का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जन अधिकार पार्टी का विधानसभा स्तर पर वास्तविक प्रभाव सीमित रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि सीट-बँटवारे में कुशवाहा को कितनी सीटें मिलती हैं और गठबंधन चुनाव तक एकजुट रह पाता है या नहीं — उत्तर प्रदेश में गठबंधन टूटने का इतिहास लंबा है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबू सिंह कुशवाहा ने 2027 चुनाव को लेकर क्या कहा?
बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनकी जन अधिकार पार्टी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ रहेगी और वे चाहते हैं कि अखिलेश यादव प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनें। सीट-बँटवारे पर दोनों दलों के प्रतिनिधि मिलकर निर्णय लेंगे।
जन अधिकार पार्टी और सपा के गठबंधन में सीटों का फैसला कैसे होगा?
कुशवाहा के अनुसार, 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सीट-बँटवारे और रणनीति पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और जन अधिकार पार्टी के प्रतिनिधि आपस में चर्चा कर अंतिम निर्णय लेंगे। अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
एफसीआरए और परिसीमन विधेयक पर कुशवाहा का क्या रुख है?
कुशवाहा ने कहा कि पहले केंद्र सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि वह संसद में क्या लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि विधेयक आने के बाद ही विस्तृत राय दी जाएगी और इस पर उनकी पार्टी अखिलेश यादव के फैसले के अनुसार चलेगी।
कांवड़ यात्रा और सांप्रदायिक मुद्दों पर कुशवाहा ने क्या कहा?
कुशवाहा ने कहा कि कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा होनी चाहिए और उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। ओवैसी के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर अधिक बहस नहीं होनी चाहिए और संविधान सभी को अपने धर्म के अनुसार पूजा का अधिकार देता है।
बाबू सिंह कुशवाहा कौन हैं और उनकी पार्टी की क्या भूमिका है?
बाबू सिंह कुशवाहा जौनपुर लोकसभा सीट से सांसद और जन अधिकार पार्टी के संस्थापक हैं। उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग, विशेषकर कुशवाहा-मौर्य समुदाय, के बीच प्रभाव रखती है और 2027 चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में उतरने की तैयारी में है।
राष्ट्र प्रेस
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