असम: मोरीगांव में BJP-कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प, विधायक आसिफ नजर का वाहन रोका
सारांश
मुख्य बातें
असम के मोरीगांव जिले के गारोइमारी इलाके में मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को राजनीतिक तनाव उस समय भड़क उठा, जब कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कांग्रेस विधायक आसिफ नजर के वाहन को रोककर उनके खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। यह घटना 6 अक्टूबर को होने वाले नागांव लोकसभा उपचुनाव से ठीक पहले हुई है, जिसने चुनावी सरगर्मी के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, BJP कार्यकर्ताओं ने गारोइमारी में विधायक आसिफ नजर की गाड़ी रोककर 'आसिफ नजर वापस जाओ' के नारे लगाए। कुछ ही देर में कांग्रेस समर्थकों ने भी मोर्चा संभाल लिया और दोनों पक्षों के बीच सीधी झड़प हो गई, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए और बिगड़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही मोरीगांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निशांत सौरभ मौके पर पहुँचे और कांग्रेस विधायक को सुरक्षित उस क्षेत्र से बाहर निकाला। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
एक दिन पहले समागुरी में भी हुई हिंसा
यह झड़प उस घटना के ठीक एक दिन बाद हुई, जब सोमवार को समागुरी में कांग्रेस के प्रचार काफिले पर कथित तौर पर पथराव किया गया था। उस काफिले में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ नेता सवार थे, जो एक चुनावी सभा में जा रहे थे।
कांग्रेस नेताओं ने समागुरी हिंसा के लिए BJP समर्थकों को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। BJP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सरकार और BJP की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने समागुरी की घटना को कांग्रेस के भीतर प्रतिद्वंद्वी गुटों का आपसी टकराव बताया। उन्होंने कांग्रेस के राज्य नेतृत्व को सलाह दी कि वे राजनीतिक विरोधियों पर आरोप मढ़ने की बजाय पार्टी के आंतरिक मतभेदों को सुलझाएँ।
मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि 'राजनीतिक मतभेदों को सड़कों पर उतरने या शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भंग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।'
नागांव उपचुनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नागांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस ने इस सीट के लिए सिबामोनी बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है और पार्टी के वरिष्ठ नेता पूरे लोकसभा क्षेत्र में प्रचार में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब असम में BJP और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है।
मोरीगांव और समागुरी की ये घटनाएँ मिलकर राज्य के राजनीतिक तापमान को और ऊँचा कर रही हैं। पुलिस अधिकारी राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए हुए हैं।
आगे की स्थिति
22 सितंबर की झड़प में किसी के घायल होने, गिरफ्तारी या दर्ज मामलों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। जैसे-जैसे उपचुनाव की तारीख नजदीक आएगी, प्रशासन पर प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच टकराव रोकने का दबाव और बढ़ेगा।