7 नवंबर 2026
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खाखरेची कार्गो टर्मिनल: अहमदाबाद मंडल ने 80,413 वर्गमीटर रेलवे भूमि पर 35 साल का ठेका दिया

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खाखरेची कार्गो टर्मिनल: अहमदाबाद मंडल ने 80,413 वर्गमीटर रेलवे भूमि पर 35 साल का ठेका दिया

सारांश

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने खाखरेची में 80,413 वर्गमीटर भूमि पर 35 साल के ठेके पर नया कार्गो टर्मिनल देकर गुजरात की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है — यह GCT नीति 2026 के तहत मंडल का पहला शेड्यूल-2 टर्मिनल होगा।

मुख्य बातें

अहमदाबाद मंडल ने खाखरेची में 80,413 वर्गमीटर रेलवे भूमि पर 35 साल का कार्गो टर्मिनल ठेका दिया।
ठेका एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को GCT नीति 2026 की शेड्यूल-2 श्रेणी के तहत प्रदान किया गया।
भारतीय रेलवे को प्रतिवर्ष ₹15 लाख से अधिक भूमि लाइसेंस शुल्क व राजस्व साझेदारी से अतिरिक्त आय मिलेगी।
मंडल के मौजूदा 8 GCT टर्मिनलों ने अप्रैल–अक्टूबर 2026 में 23 लाख टन माल हैंडल कर ₹330 करोड़ से अधिक राजस्व अर्जित किया।
संपूर्ण अवसंरचना निजी निवेश से विकसित होगी — रेलवे को कोई पूंजी व्यय नहीं करना होगा।
यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा है।

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने गुजरात के खाखरेची में 80,413 वर्गमीटर रेलवे भूमि पर एक नया कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए निजी लॉजिस्टिक्स कंपनी एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 35 वर्ष का दीर्घकालिक ठेका प्रदान किया है। यह ठेका रेलवे बोर्ड की गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) नीति 2026 की शेड्यूल-2 श्रेणी के अंतर्गत दिया गया है। इस परियोजना के ज़रिये न केवल क्षेत्र में माल ढुलाई की क्षमता का विस्तार होगा, बल्कि भारतीय रेलवे को प्रतिवर्ष ₹15 लाख से अधिक का भूमि लाइसेंस शुल्क भी प्राप्त होगा।

मुख्य घटनाक्रम

यह अहमदाबाद मंडल का पहला कार्गो टर्मिनल होगा जिसे GCT नीति 2026 की शेड्यूल-2 श्रेणी के तहत विकसित किया जाएगा। समझौते की एक विशेष बात यह है कि संपूर्ण अवसंरचना निजी निवेश से तैयार की जाएगी — रेलवे को कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा। टर्मिनल में माल की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

रेलवे को आर्थिक लाभ

भारतीय रेलवे को इस परियोजना से दो मुख्य स्रोतों से आय मिलेगी — प्रतिवर्ष ₹15 लाख से अधिक का भूमि लाइसेंस शुल्क तथा राजस्व साझेदारी के माध्यम से अतिरिक्त आय। यह मॉडल सरकार की उस नीति को दर्शाता है जिसमें रेलवे अपनी भूमि और अवसंरचना का व्यावसायिक उपयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

मौजूदा GCT टर्मिनलों का प्रदर्शन

गौरतलब है कि अहमदाबाद मंडल के पहले से संचालित आठ गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों ने अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच 23 लाख टन से अधिक माल की हैंडलिंग की है, जिससे ₹330 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। इन सात महीनों में 1,700 से अधिक रैक, जिनमें 65,000 से अधिक वैगन शामिल थे, लोड किए गए। इन टर्मिनलों के ज़रिये कंटेनर, नमक, बेंटोनाइट, सीमेंट, उर्वरक, चीनी और दालों जैसी वस्तुओं का परिवहन किया गया।

मंडल रेल प्रबंधक की प्रतिक्रिया

मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि नया टर्मिनल क्षेत्र में माल परिवहन सुविधाओं का विस्तार करेगा और उद्योगों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सामान भेजने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा, 'आधुनिक कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं से माल की लोडिंग और अनलोडिंग आसान होगी और रेलवे आधारित माल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।'

गति शक्ति मास्टर प्लान से जुड़ाव

यह पहल प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परिवहन संपर्क को सुदृढ़ बनाना, बुनियादी ढाँचे का विकास करना और एकीकृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है। रेल मार्ग से माल परिवहन में वृद्धि से सड़क परिवहन पर निर्भरता घटने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खाखरेची टर्मिनल के परिचालन शुरू होने के बाद अहमदाबाद मंडल की लॉजिस्टिक्स क्षमता में उल्लेखनीय इज़ाफ़ा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे व्यापक संदर्भ में देखें तो यह रेलवे की उस रणनीतिक करवट को दर्शाती है जहाँ सरकारी ज़मीन को पूंजी निवेश किए बिना राजस्व स्रोत में बदला जा रहा है। असली सवाल यह है कि 35 साल के इन दीर्घकालिक ठेकों में जवाबदेही और प्रदर्शन-मानक कितने पुख्ता हैं — क्योंकि अतीत में कई बंदरगाह और एयरपोर्ट रियायत समझौते बाद में पुनर्वार्ता की माँग करते देखे गए। अहमदाबाद मंडल के मौजूदा आठ टर्मिनलों का ₹330 करोड़ का राजस्व उत्साहजनक है, लेकिन GCT मॉडल की दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निजी ऑपरेटर वाकई रेल माल की हिस्सेदारी बढ़ाते हैं या महज़ सड़क से रेल की ओर आने वाले मौजूदा ट्रैफ़िक को ही समेट लेते हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाखरेची कार्गो टर्मिनल क्या है और इसे किसे दिया गया है?
खाखरेची कार्गो टर्मिनल पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल की 80,413 वर्गमीटर भूमि पर विकसित होने वाली माल ढुलाई सुविधा है, जिसका 35 साल का ठेका एमिरेट्स लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। यह GCT नीति 2026 की शेड्यूल-2 श्रेणी के अंतर्गत अहमदाबाद मंडल का पहला ऐसा टर्मिनल होगा।
इस टर्मिनल से रेलवे को कितनी आय होगी?
भारतीय रेलवे को इस परियोजना से प्रतिवर्ष ₹15 लाख से अधिक का भूमि लाइसेंस शुल्क मिलेगा। इसके अतिरिक्त राजस्व साझेदारी के माध्यम से भी नियमित आय प्राप्त होगी।
गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नीति 2026 क्या है?
गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) नीति 2026 रेलवे बोर्ड की एक नीति है जिसके तहत निजी कंपनियाँ रेलवे भूमि पर बिना सरकारी पूंजी लगाए कार्गो टर्मिनल विकसित कर सकती हैं। यह नीति प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत एकीकृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करने का हिस्सा है।
अहमदाबाद मंडल के मौजूदा GCT टर्मिनलों का प्रदर्शन कैसा रहा है?
अहमदाबाद मंडल के आठ संचालित GCT टर्मिनलों ने अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच 23 लाख टन से अधिक माल हैंडल किया और ₹330 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया। इस दौरान 1,700 से अधिक रैक और 65,000 से अधिक वैगन लोड किए गए।
खाखरेची टर्मिनल से क्षेत्र को क्या फायदा होगा?
नए टर्मिनल से स्थानीय उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक कार्गो हैंडलिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे माल की लोडिंग-अनलोडिंग आसान होगी। साथ ही सड़क परिवहन पर निर्भरता घटने और पर्यावरण अनुकूल रेल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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