3 जुलाई 2026
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अहमदाबाद में इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर लॉन्च: 1,350 किमी नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी, 290+ ट्रेनें होंगी स्मार्ट

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अहमदाबाद में इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर लॉन्च: 1,350 किमी नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी, 290+ ट्रेनें होंगी स्मार्ट

सारांश

अहमदाबाद मंडल का नया इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर महज एक नई इमारत नहीं — यह 1,350 किमी रेल नेटवर्क की निगरानी का एकल मस्तिष्क है। 130 यात्री ट्रेनें, 160 मालगाड़ियाँ, RPF, आपदा प्रबंधन और यात्री शिकायत — सब एक छत के नीचे। उत्तर गुजरात की रेल सेवाओं के लिए यह बदलाव की असली शुरुआत है।

मुख्य बातें

DRM वेद प्रकाश ने 3 जुलाई 2025 को अहमदाबाद में इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर (ICC) का उद्घाटन किया।
केंद्र 24,500 वर्ग फुट में फैला है और 1,350 रूट किलोमीटर के नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी करेगा।
प्रतिदिन 130 से अधिक यात्री ट्रेनों और 160 से ज़्यादा मालगाड़ियों की समन्वित निगरानी होगी।
फ्रेट कंट्रोल, सिग्नल, इंजीनियरिंग, RPF , आपदा प्रबंधन और NTES — सभी एक ही छत के नीचे एकीकृत।
यात्री शिकायत के लिए रेल मदद और NTES से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित किया गया है।

पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने 3 जुलाई 2025 को एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर (ICC) का शुभारंभ किया, जो उत्तर गुजरात क्षेत्र में रेल संचालन की केंद्रीय धुरी बनेगा। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने इस केंद्र का उद्घाटन किया, जो अब पूरी तरह कार्यशील है। यह कदम भारतीय रेल के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में अहमदाबाद मंडल का अब तक का सबसे बड़ा तकनीकी निवेश माना जा रहा है।

केंद्र की संरचना और क्षमता

यह आधुनिक परिसर 24,500 वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला है और रेल परिचालन से जुड़े विभिन्न विभागों को एक ही छत के नीचे एकीकृत करता है। लगभग 1,350 रूट किलोमीटर के रेल नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी के लिए हाई-रिज़ॉल्यूशन वीडियो डिस्प्ले यूनिट (VDU) वॉल स्थापित की गई है। यह तकनीक परिचालन की हर गतिविधि पर तत्काल नज़र रखने में सक्षम है।

परिसर में फ्रेट और कोचिंग कंट्रोल, सिग्नल एवं दूरसंचार, इंजीनियरिंग, ट्रैक्शन और क्रू प्रबंधन इकाइयाँ एकीकृत हैं। इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का कंट्रोल रूम, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ तथा कैरिज एवं वैगन से जुड़ी गतिविधियाँ भी यहीं से संचालित होंगी।

मुख्य घटनाक्रम और DRM का बयान

उद्घाटन के अवसर पर DRM वेद प्रकाश ने कहा कि अहमदाबाद मंडल लगातार आधुनिक तकनीकों को अपनाकर भारतीय रेल के डिजिटल परिवर्तन को गति दे रहा है। उन्होंने इसे 'रेल संचालन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया। इस केंद्र के ज़रिए ट्रेनों के संचालन की 24 घंटे रियल-टाइम निगरानी होगी, साथ ही स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा गतिविधियों पर भी निरंतर नज़र रखी जाएगी।

आम यात्रियों पर असर

रेलवे के अनुसार, इस केंद्र के माध्यम से प्रतिदिन संचालित होने वाली 130 से अधिक यात्री ट्रेनों और 160 से ज़्यादा मालगाड़ियों की समन्वित निगरानी होगी। इससे ट्रेनों के समयपालन में सुधार और परिचालन निर्णयों को तेज़ी से लागू करना संभव होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए केंद्र को रेल मदद शिकायत निवारण प्रणाली और नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) से भी जोड़ा गया है, जिससे ट्रेनों की अद्यतन जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

इसके अलावा लोको इंटरचेंज, जल आपूर्ति, पार्सल प्रबंधन और क्रू तैनाती जैसी प्रक्रियाओं में भी बेहतर समन्वय स्थापित होगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेल देशभर में 'मिशन रफ्तार' और 'कवच' जैसी सुरक्षा परियोजनाओं के ज़रिए अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने में जुटी है।

कार्यस्थल सुविधाएँ और आगे की राह

24 घंटे संचालित रहने वाले इस परिसर को आधुनिक कार्यस्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहाँ कर्मचारियों के लिए अत्याधुनिक कार्यक्षेत्र, विश्राम कक्ष, मिनी बोर्ड रूम और समर्पित पार्किंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। रियल-टाइम डेटा-आधारित निगरानी प्रणाली से रेल सेवाएँ अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनेंगी। यह केंद्र अहमदाबाद मंडल के लिए एक नई परिचालन संस्कृति की शुरुआत का प्रतीक है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर गुजरात के रेल यात्रियों के अनुभव को नया आयाम देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या यह केंद्रीकृत निगरानी ज़मीन पर ट्रेनों की समयपालन दर में मापनीय सुधार लाती है। भारतीय रेल के कई मंडलों में इससे पहले भी कंट्रोल रूम आधुनिकीकरण की घोषणाएँ हुई हैं, पर परिणाम मिश्रित रहे हैं। उत्तर गुजरात जैसे व्यस्त नेटवर्क में जहाँ मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का दबाव एक साथ रहता है, वहाँ डेटा-संचालित निर्णय-क्षमता निर्णायक साबित हो सकती है — बशर्ते मानव संसाधन और प्रशिक्षण इस तकनीक के साथ कदम मिला सकें।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर क्या है?
यह पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा स्थापित एक अत्याधुनिक केंद्रीय नियंत्रण परिसर है, जो 24,500 वर्ग फुट में फैला है और 1,350 रूट किलोमीटर के रेल नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी करता है। इसमें फ्रेट कंट्रोल, सिग्नल, RPF, आपदा प्रबंधन और यात्री सेवाएँ एक ही छत के नीचे एकीकृत हैं।
इस केंद्र से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
यात्रियों को रेल मदद और NTES के ज़रिए ट्रेनों की सटीक और अद्यतन जानकारी मिलेगी। इसके अलावा स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा की 24 घंटे निगरानी से यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
इस केंद्र से कितनी ट्रेनों की निगरानी होगी?
रेलवे के अनुसार, प्रतिदिन 130 से अधिक यात्री ट्रेनों और 160 से ज़्यादा मालगाड़ियों की समन्वित निगरानी इस केंद्र से की जाएगी। यह उत्तर गुजरात क्षेत्र के संपूर्ण रेल परिचालन को कवर करता है।
इस केंद्र का उद्घाटन किसने और कब किया?
मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने 3 जुलाई 2025 को इस इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया। केंद्र अब पूरी तरह कार्यशील हो गया है।
क्या यह केंद्र आपात स्थितियों में भी काम करेगा?
हाँ, इस परिसर में एक समर्पित आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। विभिन्न विभागों के बीच एकीकृत समन्वय से आपात स्थिति में त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।
राष्ट्र प्रेस
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