डीएससी भर्ती रोकने की कोशिश: नारा लोकेश का वाईएसआरसीपी पर आरोप, 148 दिनों में 141 मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने 17 अगस्त को अमरावती में राज्य विधानसभा में स्पष्ट किया कि मेगा जिला चयन समिति (डीएससी) भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं ने न्यायालयों का सहारा लेकर जानबूझकर इस भर्ती को बाधित करने का प्रयास किया।
मुख्य घटनाक्रम
लोकेश ने विधानसभा में बताया कि डीएससी प्रक्रिया को रोकने या उसमें अड़ंगा लगाने के उद्देश्य से 148 दिनों में 141 मामले दर्ज किए गए। उन्होंने दावा किया कि सरकार इन सभी कानूनी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में इसलिए सक्षम रही, क्योंकि मेगा डीएससी अधिसूचना को अत्यंत सावधानी और नियमों के पूर्ण पालन के साथ तैयार किया गया था।
लोकेश ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने विभाग को पहले से निर्देश दे रखा था कि यदि अधिसूचना कानूनी जाँच के किसी भी चरण में खरी नहीं उतरती, तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।
भर्ती की उपलब्धियाँ
शिक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि गठबंधन सरकार ने मेगा डीएससी भर्ती सफलतापूर्वक पूरी की — चयनित अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर जारी किए, उन्हें प्रशिक्षण दिया और स्कूलों में तैनात किया। उन्होंने इसे 'जनता की सरकार' की उपलब्धि बताया।
लोकेश ने बताया कि मेगा जॉब कैलेंडर के तहत इस वर्ष डीएससी के माध्यम से 3,000 शिक्षक पद पहले ही भरे जा चुके हैं। कुल मिलाकर, ग्रुप-1, ग्रुप-2 और डीएससी भर्तियों को मिलाकर अब तक लगभग 10,060 पद भरे गए हैं। गौरतलब है कि टीईटी परीक्षाएँ भी हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुई हैं।
खेल कोटा पर स्पष्टीकरण
लोकेश ने खेल कोटा के अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को नियमित लिखित परीक्षाओं के अधीन करना नहीं, बल्कि खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने बताया कि संबंधित मंत्री के नेतृत्व में और केंद्र की सिफारिशों के अनुसार, मान्यता प्राप्त खेल विधाओं की संख्या 29 से बढ़ाकर 65 कर दी गई है।
सरकार की प्रतिबद्धता
शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार युवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए हर साल डीएससी का आयोजन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय पर कोई पुनर्विचार नहीं होगा और सरकार अपने वादे से पीछे नहीं हटेगी।
क्या होगा आगे
वार्षिक डीएससी के वादे के साथ, आंध्र प्रदेश में सरकारी शिक्षक भर्ती की दिशा और गति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी। विपक्षी वाईएसआरसीपी के आरोपों और सरकार के जवाबों के बीच यह विवाद आगामी सत्रों में भी गूँजता रहने की संभावना है।