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मेगा डीएससी भर्ती घोटाला: वाईएसआरसीपी ने संसद में उठाई आवाज़, 3.5 लाख उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल

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मेगा डीएससी भर्ती घोटाला: वाईएसआरसीपी ने संसद में उठाई आवाज़, 3.5 लाख उम्मीदवारों के भविष्य पर सवाल

सारांश

आंध्र प्रदेश में 16,000 से अधिक शिक्षक पदों की मेगा डीएससी-2025 भर्ती प्रक्रिया विवादों के घेरे में है। वाईएसआरसीपी ने संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पेश कर 3.5 लाख उम्मीदवारों के भविष्य की दुहाई दी और सीबीआई जाँच की माँग दोहराई — चंद्रबाबू नायडू सरकार पर दबाव बढ़ा।

मुख्य बातें

वाईएसआरसीपी सांसदों ने 23 जुलाई को संसद के दोनों सदनों में मेगा डीएससी-2025 भर्ती पर तत्काल चर्चा की माँग की।
भर्ती प्रक्रिया में 16,000 से अधिक शिक्षक पद और 3.5 लाख उम्मीदवार प्रभावित हैं।
आरोपों में पेपर लीक, पैसे लेकर भर्ती, मेरिट सूची न जारी करना और खेल कोटा में मनमाने बदलाव शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पहले ही सीबीआई जाँच की माँग कर चुके हैं।
वाईएसआरसीपी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार पर उम्मीदवारों का भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसदों ने 23 जुलाई को संसद के दोनों सदनों में आंध्र प्रदेश की मेगा डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी (डीएससी)-2025 भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रस्ताव पेश किए। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 16,000 से अधिक शिक्षक पदों पर नियुक्ति होनी है और इससे 3.5 लाख से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं।

संसद में क्या हुआ

पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं संसदीय दल के नेता वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया, जबकि तिरुपति के लोकसभा सांसद मड्डिला गुरुमूर्ति ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। दोनों सांसदों ने माँग की कि इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा हो, क्योंकि लाखों शिक्षित बेरोज़गार युवाओं का भविष्य दाँव पर है।

कथित अनियमितताओं की सूची

पार्टी की विज्ञप्ति के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में कई गंभीर खामियाँ सामने आई हैं। इनमें आउटसोर्स कर्मचारियों से गोपनीय कार्य कराना, मेरिट और रोस्टर सूची सार्वजनिक न करना, प्रमाणपत्र सत्यापन के बाद उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराना, खेल कोटा नीति में मनमाने बदलाव, पेपर लीक की आशंका और पैसे लेकर भर्ती करने के आरोप शामिल हैं। वाईएसआरसीपी ने इन सभी आरोपों को 'पारदर्शिता की घोर विफलता' बताया है।

जगन मोहन रेड्डी की सीबीआई जाँच की माँग

पिछले महीने वाईएसआरसीपी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने मेगा डीएससी में कथित बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच कराने की माँग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने कथित घोटालों के ज़रिए लाखों उम्मीदवारों के भरोसे को तोड़ा है और योग्य अभ्यर्थियों के करियर को नुकसान पहुँचाया है।

नीट से तुलना और राष्ट्रीय संदर्भ

सुब्बा रेड्डी ने अपने नोटिस में तर्क दिया कि संसद ने 22.79 लाख से अधिक नीट उम्मीदवारों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा की है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि मेगा डीएससी मामला भी उसी व्यापक चिंता का हिस्सा है।

वाईएसआरसीपी की माँगें

सांसदों ने केंद्र सरकार से माँग की है कि समय-सीमा के भीतर स्वतंत्र जाँच कराई जाए, डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएँ, वास्तविक उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता व पारदर्शिता के लिए ज़रूरी सुधार किए जाएँ। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार इन माँगों पर क्या रुख अपनाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे नीट हो या अन्य भर्ती परीक्षाएँ। वाईएसआरसीपी की माँगें राजनीतिक रूप से प्रेरित हो सकती हैं — पार्टी विपक्ष में है और चंद्रबाबू नायडू सरकार को घेरने का अवसर ढूँढ रही है — लेकिन 3.5 लाख उम्मीदवारों की चिंताएँ वास्तविक हैं और इन्हें खारिज नहीं किया जा सकता। असली परीक्षा यह है कि क्या केंद्र सरकार स्वतंत्र जाँच का आदेश देती है या मामला राजनीतिक बयानबाज़ी तक सिमट जाता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेगा डीएससी-2025 क्या है और इसमें कितने पद हैं?
मेगा डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी (डीएससी)-2025 आंध्र प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित प्रक्रिया है, जिसके तहत 16,000 से अधिक शिक्षक पदों पर नियुक्ति होनी है। इस प्रक्रिया में 3.5 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हैं।
वाईएसआरसीपी ने मेगा डीएससी में क्या-क्या अनियमितताएँ बताई हैं?
पार्टी ने आउटसोर्स कर्मचारियों से गोपनीय काम कराने, मेरिट और रोस्टर सूची न जारी करने, प्रमाणपत्र सत्यापन के बाद उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराने, खेल कोटा नीति में बदलाव, पेपर लीक की आशंका और पैसे लेकर भर्ती करने के आरोप लगाए हैं। ये सभी आरोप कथित हैं और अभी जाँच के दायरे में आने बाकी हैं।
जगन मोहन रेड्डी ने सीबीआई जाँच की माँग कब और क्यों की?
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वाईएसआरसीपी अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने पिछले महीने सीबीआई जाँच की माँग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने कथित घोटालों के ज़रिए लाखों उम्मीदवारों के भरोसे को तोड़ा है।
संसद में वाईएसआरसीपी ने क्या माँगें रखी हैं?
सांसदों ने केंद्र सरकार से समय-सीमा के भीतर स्वतंत्र जाँच, डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा, वास्तविक उम्मीदवारों की सुरक्षा और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए ज़रूरी सुधारों की माँग की है।
मेगा डीएससी मामले की नीट से तुलना क्यों की जा रही है?
वाईएसआरसीपी सांसद वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने तर्क दिया कि जिस तरह संसद ने 22.79 लाख नीट उम्मीदवारों के मुद्दे पर चर्चा की, उसी तरह मेगा डीएससी के 3.5 लाख उम्मीदवारों की समस्याओं पर भी राष्ट्रीय स्तर पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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