इंदौर पुलिस ने मुंबई के नाला सोपारा से दो विदेशी तस्कर दबोचे, नाइजीरियन महिला की पूछताछ से मिला सुराग
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर पुलिस ने 5 सितंबर 2026 को मुंबई के नाला सोपारा से दो विदेशी नागरिकों को मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया — यह कार्रवाई पहले पकड़ी गई एक नाइजीरियन महिला की पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच के आधार पर की गई। गिरफ्तार आरोपियों में युगांडा की एक महिला और नाइजीरिया का एक पुरुष शामिल हैं, जो कथित तौर पर बिजनेस और ट्रैवल वीजा पर भारत में प्रवेश कर तस्करी नेटवर्क चला रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
इंदौर डीसीपी नरेंद्र रावत के अनुसार, चंदन नगर पुलिस ने 30 अगस्त को नाइजीरिया की नागरिक इम्यूनल जॉय को 58 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और विस्तृत पूछताछ से मुंबई के नाला सोपारा तक सूत्र पहुंचे, जहां पुलिस टीम ने छापेमारी कर युगांडा की महिला नाकिजवे कावुमा और नाइजीरियन पुरुष नाकायजावे कावूमा को दबोचा।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जांच में सामने आया कि इम्यूनल जॉय 7 महीने के वीजा पर भारत आई थी और बेंगलुरु में 'जॉय' नामक व्यक्ति के संपर्क में आकर तस्करी गिरोह से जुड़ी। उल्लेखनीय है कि वह 2024 में भी 121 ग्राम मादक पदार्थ के साथ बेंगलुरु में गिरफ्तार हो चुकी थी और जुलाई में जमानत पर रिहा हुई थी। न्यायालय ने उसे देश छोड़ने से रोकने के आदेश दिए थे, फिर भी वह दोबारा तस्करी में सक्रिय हो गई।
नाला सोपारा का संदर्भ
पुलिस के अनुसार, नाला सोपारा में युगांडा, नाइजीरिया सहित कई अफ्रीकी देशों के नागरिकों की एक बड़ी बस्ती है, जहां कथित तौर पर 5,000 से अधिक लोग सामुदायिक रूप से रहते हैं। इससे पहले भी इस इलाके में आबकारी विभाग और नारकोटिक विभाग कार्रवाई कर चुके हैं, और कई विदेशी नागरिकों को तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।
आम जनता और कानून-व्यवस्था पर असर
यह मामला इस व्यापक प्रवृत्ति की ओर ध्यान दिलाता है जिसमें बिजनेस या पर्यटन वीजा का दुरुपयोग कर संगठित नशा तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है। जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल उठ रहा है कि वीजा सत्यापन और निगरानी तंत्र को और कितना सख्त बनाने की जरूरत है।
आगे की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाया जा रहा है। यह मामला इस बात की भी पड़ताल करेगा कि जमानत पर रिहा होने के बाद इम्यूनल जॉय की निगरानी में कहां चूक हुई।