5 सितंबर 2026
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इंदौर पुलिस ने मुंबई के नाला सोपारा से दो विदेशी तस्कर दबोचे, नाइजीरियन महिला की पूछताछ से मिला सुराग

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इंदौर पुलिस ने मुंबई के नाला सोपारा से दो विदेशी तस्कर दबोचे, नाइजीरियन महिला की पूछताछ से मिला सुराग

सारांश

बिजनेस और ट्रैवल वीजा की आड़ में नशा तस्करी का अंतरराष्ट्रीय जाल — इंदौर पुलिस ने 58 ग्राम मादक पदार्थ के साथ पकड़ी नाइजीरियन महिला की पूछताछ से मुंबई के नाला सोपारा तक पहुंचकर दो और आरोपियों को दबोचा। आरोपी महिला पहले भी 2024 में बेंगलुरु में गिरफ्तार हो चुकी थी।

मुख्य बातें

इंदौर पुलिस ने 5 सितंबर 2026 को मुंबई के नाला सोपारा से युगांडा की महिला नाकिजवे कावुमा और नाइजीरियन पुरुष नाकायजावे कावूमा को गिरफ्तार किया।
30 अगस्त को नाइजीरियन नागरिक इम्यूनल जॉय को 58 ग्राम मादक पदार्थ के साथ इंदौर में पकड़ा गया था, जिसकी पूछताछ से यह गिरफ्तारी हुई।
इम्यूनल जॉय 2024 में भी बेंगलुरु में 121 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार हो चुकी थी और न्यायालय के आदेश के बावजूद दोबारा तस्करी में लिप्त पाई गई।
आरोपी बिजनेस और ट्रैवल वीजा पर भारत में प्रवेश कर संगठित तस्करी नेटवर्क चला रहे थे।
नाला सोपारा में कथित तौर पर 5,000 से अधिक अफ्रीकी नागरिक सामुदायिक रूप से रहते हैं; यह इलाका पहले भी नारकोटिक विभाग की कार्रवाई का केंद्र रह चुका है।

इंदौर पुलिस ने 5 सितंबर 2026 को मुंबई के नाला सोपारा से दो विदेशी नागरिकों को मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया — यह कार्रवाई पहले पकड़ी गई एक नाइजीरियन महिला की पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच के आधार पर की गई। गिरफ्तार आरोपियों में युगांडा की एक महिला और नाइजीरिया का एक पुरुष शामिल हैं, जो कथित तौर पर बिजनेस और ट्रैवल वीजा पर भारत में प्रवेश कर तस्करी नेटवर्क चला रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

इंदौर डीसीपी नरेंद्र रावत के अनुसार, चंदन नगर पुलिस ने 30 अगस्त को नाइजीरिया की नागरिक इम्यूनल जॉय को 58 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच और विस्तृत पूछताछ से मुंबई के नाला सोपारा तक सूत्र पहुंचे, जहां पुलिस टीम ने छापेमारी कर युगांडा की महिला नाकिजवे कावुमा और नाइजीरियन पुरुष नाकायजावे कावूमा को दबोचा।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

जांच में सामने आया कि इम्यूनल जॉय 7 महीने के वीजा पर भारत आई थी और बेंगलुरु में 'जॉय' नामक व्यक्ति के संपर्क में आकर तस्करी गिरोह से जुड़ी। उल्लेखनीय है कि वह 2024 में भी 121 ग्राम मादक पदार्थ के साथ बेंगलुरु में गिरफ्तार हो चुकी थी और जुलाई में जमानत पर रिहा हुई थी। न्यायालय ने उसे देश छोड़ने से रोकने के आदेश दिए थे, फिर भी वह दोबारा तस्करी में सक्रिय हो गई।

नाला सोपारा का संदर्भ

पुलिस के अनुसार, नाला सोपारा में युगांडा, नाइजीरिया सहित कई अफ्रीकी देशों के नागरिकों की एक बड़ी बस्ती है, जहां कथित तौर पर 5,000 से अधिक लोग सामुदायिक रूप से रहते हैं। इससे पहले भी इस इलाके में आबकारी विभाग और नारकोटिक विभाग कार्रवाई कर चुके हैं, और कई विदेशी नागरिकों को तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।

आम जनता और कानून-व्यवस्था पर असर

यह मामला इस व्यापक प्रवृत्ति की ओर ध्यान दिलाता है जिसमें बिजनेस या पर्यटन वीजा का दुरुपयोग कर संगठित नशा तस्करी को अंजाम दिया जा रहा है। जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल उठ रहा है कि वीजा सत्यापन और निगरानी तंत्र को और कितना सख्त बनाने की जरूरत है।

आगे की जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाया जा रहा है। यह मामला इस बात की भी पड़ताल करेगा कि जमानत पर रिहा होने के बाद इम्यूनल जॉय की निगरानी में कहां चूक हुई।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक अफ्रीकी नागरिकों की बस्ती और वहां बार-बार होने वाली नारकोटिक कार्रवाइयां बताती हैं कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि एक स्थापित नेटवर्क का हिस्सा है जिसे अब तक पूरी तरह तोड़ा नहीं जा सका।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर पुलिस ने मुंबई से किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
इंदौर पुलिस ने मुंबई के नाला सोपारा से युगांडा की महिला नाकिजवे कावुमा और नाइजीरियन पुरुष नाकायजावे कावूमा को मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 30 अगस्त को इंदौर में पकड़ी गई नाइजीरियन नागरिक इम्यूनल जॉय की पूछताछ और उसके मोबाइल फोन की जांच के आधार पर हुई।
इम्यूनल जॉय कौन है और उसका आपराधिक इतिहास क्या है?
इम्यूनल जॉय नाइजीरिया की नागरिक है जो 7 महीने के वीजा पर भारत आई थी। वह 2024 में भी बेंगलुरु में 121 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार हो चुकी थी, जुलाई में जमानत पर रिहा हुई और न्यायालय के देश न छोड़ने के आदेश के बावजूद दोबारा तस्करी में सक्रिय हो गई।
नाला सोपारा ड्रग तस्करी का केंद्र क्यों बना हुआ है?
पुलिस के अनुसार, नाला सोपारा में युगांडा, नाइजीरिया सहित कई अफ्रीकी देशों के कथित तौर पर 5,000 से अधिक नागरिक सामुदायिक रूप से रहते हैं। इससे पहले भी आबकारी और नारकोटिक विभाग यहां कार्रवाई कर चुके हैं और कई विदेशी नागरिकों को तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है।
ये विदेशी नागरिक भारत में किस तरह के वीजा पर आते हैं?
जांच के अनुसार, ये तस्कर बिजनेस और ट्रैवल (पर्यटन) वीजा पर भारत में प्रवेश करते हैं और संगठित गिरोह के रूप में मादक पदार्थ तस्करी को अंजाम देते हैं। वीजा का दुरुपयोग कर वैध प्रवासी की आड़ लेना इनकी कार्यशैली का हिस्सा बताया गया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और तस्करी नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि जमानत पर रिहा होने के बाद इम्यूनल जॉय की निगरानी में कहां चूक हुई।
राष्ट्र प्रेस
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