इंदौर में ड्रग तस्करी का बड़ा खुलासा: महिला समेत राजस्थान के सप्लायर सहित तीन गिरफ्तार, डेढ़ लाख का मादक पदार्थ जब्त

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इंदौर में ड्रग तस्करी का बड़ा खुलासा: महिला समेत राजस्थान के सप्लायर सहित तीन गिरफ्तार, डेढ़ लाख का मादक पदार्थ जब्त

सारांश

इंदौर पुलिस ने ब्रेक ट्रैकिंग अभियान के तहत महिला तस्कर फिरदौस सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से सप्लायर नारायण चौहान भी पकड़ा गया। कुल डेढ़ लाख रुपए का मादक पदार्थ जब्त। पूछताछ जारी, और नाम सामने आने की संभावना।

Key Takeaways

  • तीन आरोपी गिरफ्तार: महिला तस्कर फिरदौस, अमान शेख और राजस्थान के नारायण चौहान को इंदौर पुलिस ने पकड़ा।
  • डेढ़ लाख का माल जब्त: अमान से 11 ग्राम और फिरदौस से 15 ग्राम सहित कुल करीब डेढ़ लाख रुपए मूल्य का मादक पदार्थ बरामद।
  • अंतरराज्यीय नेटवर्क: ड्रग्स राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से इंदौर तक सप्लाई होती थी।
  • ब्रेक ट्रैकिंग अभियान: खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधवा के नेतृत्व में पिछले डेढ़-दो महीनों में एक दर्जन से अधिक तस्कर गिरफ्तार।
  • महिला का नया तरीका: फिरदौस कपड़ों में छुपाकर ड्रग्स की तस्करी करती थी — कानून से बचने की नई रणनीति।
  • पूछताछ जारी: डीसीपी कुमार प्रतीक के अनुसार तीनों आरोपियों से पूछताछ में और नाम सामने आने की संभावना है।

इंदौर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए महिला तस्कर फिरदौस सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ग्राहक बनकर महिला से संपर्क किया और उसे रंगे हाथों धर दबोचा। पूछताछ में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी बड़े सप्लायर तक पहुंचने में भी पुलिस को सफलता मिली है।

कैसे हुआ ऑपरेशन — ब्रेक ट्रैकिंग तकनीक से मिली सफलता

डीसीपी कुमार प्रतीक ने बताया कि शहर में मादक पदार्थ की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस द्वारा 'ब्रेक ट्रैकिंग' अभियान चलाया जा रहा है। इस तकनीक में तस्करों से पूछताछ के दौरान सामने आए नामों के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाता है।

खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधवा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर पहले अमान शेख नामक युवक को गिरफ्तार किया। अमान के पास से 11 ग्राम मादक पदार्थ बरामद हुआ। उसे पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई।

महिला तस्कर फिरदौस — कपड़ों में छुपाकर करती थी तस्करी

अमान शेख की पूछताछ में फिरदौस नाम की एक महिला का नाम सामने आया, जो कपड़ों में मादक पदार्थ छुपाकर उसे सप्लाई करती थी। पुलिस ने रणनीति बनाते हुए ग्राहक का भेष धारण कर फिरदौस से संपर्क किया और उसे जाल में फंसाया।

महिला को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास से 15 ग्राम मादक पदार्थ जब्त किया गया। फिरदौस ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह यह नशीला पदार्थ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से सस्ते दामों में खरीदकर इंदौर में महंगे दामों पर बेचती थी।

राजस्थान से जुड़ा तार — सप्लायर नारायण चौहान भी गिरफ्तार

फिरदौस के खुलासे के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चित्तौड़गढ़ निवासी नारायण चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया। नारायण इस तस्करी नेटवर्क का मुख्य आपूर्तिकर्ता बताया जा रहा है। उससे आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें और भी बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।

पुलिस के अनुसार, इन तीनों तस्करों से अब तक करीब डेढ़ लाख रुपए मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया जा चुका है। थाना प्रभारी मनोज सेंधवा ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ अभी जारी है और कई अन्य नाम सामने आ सकते हैं।

डेढ़ महीने में दर्जन भर गिरफ्तारियां — पुलिस की बड़ी मुहिम

यह कार्रवाई इंदौर पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो पिछले डेढ़ से दो महीने से चल रहा है। इस दौरान एक दर्जन से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हर गिरफ्तारी से नए सुराग मिलते हैं और नेटवर्क की परतें एक-एक कर उघड़ती जा रही हैं।

गौरतलब है कि इंदौर मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा शहर और व्यावसायिक केंद्र है, जो राजस्थान की सीमा से भी अधिक दूर नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमावर्ती क्षेत्रों से ड्रग सप्लाई की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इस मामले में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता की जांच अब और गहरी होगी।

पुलिस की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की ओर संकेत कर रही है। तीनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Point of View

जो कानून की नजरों से बचने की नई रणनीति है। ब्रेक ट्रैकिंग जैसे अभियान सराहनीय हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर निगरानी तंत्र इतना कमज़ोर क्यों है कि यह सप्लाई चेन महीनों तक चलती रही। जब तक सीमा-पार समन्वय और खुफिया तंत्र मजबूत नहीं होगा, ऐसे नेटवर्क नए रूप में उभरते रहेंगे।
NationPress
26/04/2026

Frequently Asked Questions

इंदौर ड्रग तस्करी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
इंदौर पुलिस ने महिला तस्कर फिरदौस, युवक अमान शेख और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी सप्लायर नारायण चौहान को गिरफ्तार किया। तीनों से पूछताछ जारी है।
फिरदौस कैसे ड्रग्स की तस्करी करती थी?
फिरदौस कपड़ों में मादक पदार्थ छुपाकर तस्करी करती थी। वह राजस्थान से सस्ते दाम पर ड्रग्स खरीदकर इंदौर में महंगे दाम पर बेचती थी।
इंदौर पुलिस ने कितने मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया?
पुलिस ने तीनों आरोपियों से मिलाकर करीब डेढ़ लाख रुपए मूल्य का मादक पदार्थ जब्त किया। अमान से 11 ग्राम और फिरदौस से 15 ग्राम ड्रग्स बरामद हुई।
इंदौर पुलिस का ब्रेक ट्रैकिंग अभियान क्या है?
ब्रेक ट्रैकिंग एक पुलिस रणनीति है जिसमें गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ में मिले नामों के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाता है। इस अभियान में पिछले डेढ़-दो महीनों में एक दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
नारायण चौहान कहां का रहने वाला है और उसकी क्या भूमिका थी?
नारायण चौहान राजस्थान के चित्तौड़गढ़ का निवासी है। वह इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर था जो फिरदौस को कम दामों में ड्रग्स उपलब्ध कराता था।
Nation Press