बंगाल में BJP बनाएगी पूर्ण बहुमत की सरकार, दानिश अंसारी का बड़ा दावा
सारांश
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लखनऊ/मुजफ्फरपुर, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने शनिवार को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में इस समय बदलाव की प्रबल लहर चल रही है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) वहां पूर्ण बहुमत की सरकार गठित करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर उसका भरोसा मजबूत हुआ है।
BJP का बंगाल दावा और राजनीतिक संदर्भ
दानिश आजाद अंसारी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राज्य की जनता ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार से ऊब चुकी है और वह बदलाव के लिए तैयार है। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP ने बंगाल में 77 सीटें जीती थीं, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अब पार्टी उसे और आगे ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है।
यह दावा ऐसे समय में आया है जब बंगाल में राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ी हुई है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह आत्मविश्वास चुनाव-पूर्व माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
पसमांदा मुस्लिम सम्मेलन और बुनकरों की मांगें
ऑल इंडिया मोमिन अंसार सभा (पसमांदा) के राष्ट्रीय सम्मेलन में अंसारी ने पसमांदा मुस्लिम समुदाय से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि देशभर से पहुंचे बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों ने बुनकर समुदाय के विकास को लेकर ठोस सुझाव प्रस्तुत किए।
सम्मेलन में दो प्रमुख मांगें उभरकर सामने आईं — पहली, बिजली बिलों पर 'फ्लैट रेट' लागू किया जाए, और दूसरी, कौशल विकास कार्यक्रमों को बुनकरों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। अंसारी ने स्पष्ट किया कि ये मुद्दे पहले भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखे जा चुके हैं।
बुनकरों का बजट: 400 करोड़ से 4,000 करोड़ का ऐतिहासिक सफर
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनकर समाज के लिए बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है। समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के दौरान यह बजट मात्र 300 से 400 करोड़ रुपए के बीच था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 4,000 करोड़ रुपए से अधिक कर दिया है।
यह वृद्धि लगभग 10 गुना है — एक आंकड़ा जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पसमांदा मुस्लिम मतदाता उत्तर प्रदेश और बिहार दोनों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। BJP की यह रणनीति पसमांदा वर्ग को साधने की व्यापक कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है, जो परंपरागत रूप से सपा और कांग्रेस के करीब रहा है।
बंगाल में हिंसा पर केंद्रीय मंत्री की चिंता
बिहार के मुजफ्फरपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में TMC से जुड़े तत्वों द्वारा विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
हाल ही में एक कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या का उल्लेख करते हुए चौधरी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना पर दुख प्रकट किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा एक गंभीर और स्थायी समस्या बन चुकी है।
चौधरी ने मांग की कि बंगाल में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम नागरिक और राजनीतिक कार्यकर्ता दोनों सुरक्षित महसूस कर सकें। यह मांग ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भी बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मामलों पर पहले से नजर रख रहा है।
आगे की राह: बंगाल का राजनीतिक भविष्य
पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं। BJP का यह आक्रामक रुख और पसमांदा मुस्लिमों को साधने की कोशिश — दोनों मिलकर एक बड़ी चुनावी रणनीति की तस्वीर बनाते हैं। आने वाले महीनों में बंगाल में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि TMC इन दावों का किस तरह जवाब देती है।