मलेरिया के ये 6 शुरुआती संकेत न करें नजरअंदाज, आयुष मंत्रालय ने दी चेतावनी

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मलेरिया के ये 6 शुरुआती संकेत न करें नजरअंदाज, आयुष मंत्रालय ने दी चेतावनी

सारांश

आयुष मंत्रालय ने मलेरिया के शुरुआती 6 लक्षणों — तेज ठंड, बुखार, सिरदर्द, उल्टी, पसीना और दस्त — को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी है। समय पर जांच और इलाज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

Key Takeaways

  • आयुष मंत्रालय ने 27 अप्रैल 2025 को मलेरिया के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आधिकारिक पोस्ट जारी की।
  • मलेरिया के 6 प्रमुख शुरुआती लक्षण हैं — तेज ठंड, शरीर कांपना, तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी-मतली और अत्यधिक पसीना।
  • मलेरिया में बुखार का विशेष चक्रीय पैटर्न होता है जो इसे सामान्य वायरल बुखार से अलग करता है।
  • समय पर इलाज न होने पर मलेरिया किडनी, लिवर और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
  • RDT (Rapid Diagnostic Test) से मलेरिया की जल्दी पुष्टि की जा सकती है और इलाज शुरू किया जा सकता है।
  • WHO के अनुसार भारत में 2022 में मलेरिया के 20 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए थे।

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जिसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य लगते हैं कि अधिकांश लोग उन्हें मौसमी थकान या वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट के जरिए देशवासियों को सतर्क किया है कि शरीर के इन संकेतों को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

मलेरिया के प्रमुख शुरुआती लक्षण

आयुष मंत्रालय के अनुसार, मलेरिया में सबसे पहला और सबसे स्पष्ट लक्षण है — तेज ठंड लगना और शरीर का कांपना। अचानक ऐसा अनुभव होता है जैसे भीषण सर्दी ने जकड़ लिया हो और पूरा शरीर थरथराने लगे। यह लक्षण मलेरिया परजीवी के रक्त में सक्रिय होने का पहला संकेत होता है।

ठंड के बाद तेज बुखार चढ़ता है जो कभी-कभी 104-105 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है। मलेरिया में बुखार का एक विशेष पैटर्न होता है — यह एक निश्चित अंतराल पर लौटता है, जो सामान्य वायरल बुखार से अलग है। इसी कारण कई लोग इसे पहचान नहीं पाते।

इसके साथ-साथ तेज सिरदर्द भी होता है। सिर भारी और जकड़ा हुआ महसूस होता है, जिससे किसी भी काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। शरीर में कमजोरी और सुस्ती इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति दिनभर थका हुआ रहता है।

उल्टी, मतली और पसीना — अनदेखे संकेत

मलेरिया के कुछ मामलों में उल्टी और मतली भी शुरू हो जाती है, जिससे मरीज की स्थिति और कमजोर हो जाती है। खाने-पीने में अरुचि हो जाती है और शरीर में पोषण की कमी तेजी से बढ़ने लगती है।

जब बुखार उतरता है तो शरीर में अत्यधिक पसीना आता है — कपड़े तक भीग जाते हैं। यह शरीर का तापमान संतुलित करने का प्रयास होता है, लेकिन इससे डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मरीजों को दस्त भी होते हैं, जो स्थिति को और गंभीर बना देते हैं।

लापरवाही पड़ सकती है भारी — विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया अगर समय पर पहचाना न जाए तो यह सेरेब्रल मलेरिया (मस्तिष्क को प्रभावित करने वाला) जैसे गंभीर रूप ले सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। किडनी, लिवर और फेफड़े जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है।

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत वैश्विक मलेरिया मामलों में एक प्रमुख देश रहा है। 2022 में भारत में मलेरिया के लगभग 2 मिलियन से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। मानसून और बरसात के मौसम में मच्छरों के प्रजनन के कारण यह संख्या और बढ़ जाती है।

बचाव और तत्काल उपाय

अगर किसी व्यक्ति को बार-बार ठंड लगना, तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक पसीना जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल में रक्त परीक्षण (Blood Test) करवाना जरूरी है। RDT (Rapid Diagnostic Test) के जरिए मलेरिया की पुष्टि जल्दी और आसानी से की जा सकती है।

आयुष मंत्रालय ने सलाह दी है कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और शाम के समय पूरे कपड़े पहनें। शुरुआती इलाज से मलेरिया को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग और आयुष मंत्रालय मिलकर आने वाले मानसून सीजन 2025 से पहले जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी में हैं, ताकि मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।

Point of View

लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट से जागरूकता आएगी? भारत में हर साल लाखों मलेरिया मामले दर्ज होते हैं और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण देर से निदान एक बड़ी समस्या बनी हुई है। जब मानसून से पहले ही यह चेतावनी दी जा रही है, तो सरकार को सोशल मीडिया से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर RDT किट और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। मुख्यधारा की मीडिया इस खबर को महज एक स्वास्थ्य टिप की तरह कवर कर रही है, जबकि असली मुद्दा सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती का है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

मलेरिया के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
मलेरिया के शुरुआती लक्षणों में तेज ठंड लगना, शरीर कांपना, तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी-मतली और अत्यधिक पसीना आना शामिल हैं। ये लक्षण सामान्य वायरल जैसे लगते हैं, इसलिए अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं।
मलेरिया का बुखार सामान्य बुखार से कैसे अलग होता है?
मलेरिया में बुखार एक निश्चित पैटर्न में आता है — पहले तेज ठंड, फिर बुखार, फिर पसीना। यह चक्र हर 24, 48 या 72 घंटे में दोहराया जा सकता है, जो सामान्य वायरल बुखार में नहीं होता।
मलेरिया का संदेह होने पर क्या करें?
तुरंत नजदीकी अस्पताल या क्लिनिक में जाकर रक्त परीक्षण (Blood Test या RDT) करवाएं। शुरुआती इलाज से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
मलेरिया से बचाव कैसे करें?
घर के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें, शाम को पूरे कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम या कॉइल का इस्तेमाल करें। साफ-सफाई और जल निकासी मलेरिया रोकने में सबसे कारगर उपाय हैं।
आयुष मंत्रालय ने मलेरिया के बारे में क्या कहा?
आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर पोस्ट कर बताया कि मलेरिया के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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