सोना-चांदी में मामूली तेजी: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच MCX पर भाव
सारांश
Key Takeaways
- MCX पर सोना सोमवार को ₹1,52,950 पर, पिछली क्लोजिंग से 0.16%25 की बढ़त के साथ।
- चांदी ₹2,45,069 पर, 0.18%25 की तेजी के साथ कारोबार कर रही थी।
- COMEX पर सोना $4,742 और चांदी $76 प्रति औंस पर सपाट।
- ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अमेरिका को नया शांति प्रस्ताव दिया, लेकिन इस्लामाबाद में बातचीत रद्द होने से कूटनीतिक गतिरोध जारी।
- बीते एक साल में सोने ने 40%25 से अधिक और चांदी ने 128%25 से अधिक का रिटर्न निवेशकों को दिया।
- वैश्विक अनिश्चितता और हरित ऊर्जा में चांदी की बढ़ती मांग कीमती धातुओं के बाजार को दीर्घकालिक समर्थन दे रही है।
मुंबई, 27 अप्रैल 2026: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों मामूली बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं ने सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दर्ज किया। वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों की नजर मध्य पूर्व की कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी है।
MCX पर सोने का हाल
MCX पर सोने के 5 जून 2026 के कॉन्ट्रैक्ट ने ₹1,52,695 पर कारोबार की शुरुआत की, जबकि इसकी पिछली क्लोजिंग ₹1,52,699 रुपए थी। सुबह 9:51 बजे यह ₹251 यानी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,52,950 पर कारोबार कर रहा था।
दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,52,640 का न्यूनतम और ₹1,53,008 का उच्चतम स्तर छुआ। कारोबारियों के अनुसार, वैश्विक संकेतों के मिले-जुले रहने से सोने में बड़ी तेजी या गिरावट की संभावना फिलहाल कम है।
चांदी की चाल
चांदी के 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग ₹2,44,636 के मुकाबले ₹2,43,675 पर कमजोर शुरुआत की। हालांकि, बाद में यह संभलकर ₹433 यानी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,45,069 पर आ गई।
चांदी का दिन का न्यूनतम स्तर ₹2,43,253 और उच्चतम स्तर ₹2,45,473 रहा। औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों के मिश्रित असर के चलते चांदी में भी सीमित कारोबार देखा गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख
COMEX पर सोना 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ $4,742 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ $76 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों धातुओं में सपाट कारोबार का माहौल रहा।
विश्लेषकों के अनुसार, डॉलर इंडेक्स में स्थिरता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत अनिश्चितता के चलते कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिल रहा।
अमेरिका-ईरान तनाव और बाजार पर असर
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है। ईरान ने अमेरिका को शांति के लिए नया प्रस्ताव दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना और चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है। हालांकि, बीते हफ्ते इस्लामाबाद में प्रस्तावित बातचीत रद्द होने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास थम गए हैं।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है। इसके बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ता है, जो बदले में कीमती धातुओं की मांग को प्रभावित करता है। जब भी भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं।
एक साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न
वैश्विक उथल-पुथल के बीच सोने ने बीते एक वर्ष में 40 प्रतिशत से अधिक और छह महीनों में 18 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है। यह प्रदर्शन शेयर बाजार के कई प्रमुख सूचकांकों से भी बेहतर रहा है।
चांदी का प्रदर्शन तो और भी चौंकाने वाला रहा — बीते एक साल में 128 प्रतिशत से अधिक और छह महीनों में 61 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक उपयोग, विशेषकर सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में चांदी की बढ़ती मांग ने इस तेजी में अहम भूमिका निभाई है।
आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक मुद्रास्फीति के आंकड़े सोने-चांदी की कीमतों पर निर्णायक प्रभाव डाल सकते हैं।