ऐतिहासिक भारत-न्यूजीलैंड FTA: किसानों, पेशेवरों और युवाओं को मिलेंगे बड़े अवसर — पीयूष गोयल
सारांश
Key Takeaways
- 28 अप्रैल 2025 को भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर औपचारिक हस्ताक्षर होंगे।
- न्यूजीलैंड को भारत के सभी निर्यातों पर सीमा शुल्क पूरी तरह समाप्त होगा; भारत में आने वाले 95%25 न्यूजीलैंड उत्पादों पर शुल्क घटेगा।
- दूध, दही, पनीर सहित सभी डेयरी उत्पाद और अधिकांश कृषि उत्पाद FTA से बाहर रखे गए हैं।
- न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा।
- कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए सालाना 5,000 वीजा और 1,000 युवाओं के लिए वार्षिक वर्किंग हॉलिडे वीजा का प्रावधान।
- न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार छात्र आवाजाही और पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा पर विशेष अनुबंध किया है।
आगरा, 26 अप्रैल। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को आगरा में निर्यातकों के साथ एक अहम बैठक में कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो किसानों, महिलाओं, कलाकारों, छोटे व्यापारियों और पेशेवरों के लिए नए आर्थिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह समझौता सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित होने वाला है।
समझौते की पृष्ठभूमि और महत्व
न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के साथ हुई इस संयुक्त बैठक में चमड़ा, जूता, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, इंजीनियरिंग और स्पोर्ट्स गुड्स क्षेत्रों के प्रमुख निर्यातकों ने भाग लिया। गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप यह समझौता दोनों देशों के बीच एक गहन, स्थायी और जन-केंद्रित साझेदारी के दरवाजे खोलता है।
मैक्ले ने भी स्पष्ट किया कि भारत न्यूजीलैंड की एक रणनीतिक व्यापारिक प्राथमिकता है और उन्होंने अपने देश के कारोबारियों से भारत में संयुक्त उद्यम और निवेश को सक्रियता से आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
शुल्क ढांचे में बड़े बदलाव
FTA के प्रावधानों के अनुसार, न्यूजीलैंड को होने वाले भारत के सभी निर्यातों पर सीमा शुल्क पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। वहीं, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले 95 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क या तो उल्लेखनीय रूप से कम किया जाएगा या पूरी तरह हटा दिया जाएगा।
विशेष रूप से, न्यूजीलैंड अभी तक भारत से निर्यात होने वाली करीब 450 टैरिफ श्रेणियों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाता था। इनमें वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा उत्पाद, टोपियां, चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन तथा वाहन एवं उनके पुर्जे शामिल हैं। अब इन सभी पर तत्काल शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा
भारत ने बातचीत में अपनी कृषि और डेयरी अर्थव्यवस्था की रक्षा सुनिश्चित की है। दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर सहित तमाम डेयरी उत्पादों को इस समझौते के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इसी तरह अधिकांश कृषि उत्पाद भी FTA की शर्तों से मुक्त रहेंगे।
निवेश और पेशेवरों के लिए विशेष प्रावधान
इस समझौते में न्यूजीलैंड द्वारा अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश का प्रावधान शामिल है। उल्लेखनीय है कि यह प्रतिबद्धता उसी श्रेणी की है जैसी यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) ने भारत के साथ अपने FTA में 100 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी।
कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए तीन वर्ष तक के प्रवास हेतु 5,000 वीजा का वार्षिक कोटा निर्धारित किया गया है। इसमें आयुष प्रैक्टिशनर, योग प्रशिक्षक, शेफ, संगीत शिक्षक के साथ-साथ आईटी, इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
न्यूजीलैंड ने किसी भी देश के साथ पहली बार छात्र आवाजाही और पढ़ाई के बाद वर्क वीजा पर एक विशेष अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते में शामिल वर्किंग हॉलिडे वीजा कार्यक्रम के तहत प्रतिवर्ष 1,000 युवा भारतीय न्यूजीलैंड में 12 महीने की अवधि के लिए बहु-प्रवेश की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह समझौता ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी निर्यात-संचालित विकास रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। भारत पहले से ही यूएई, ऑस्ट्रेलिया और EFTA के साथ FTA लागू कर चुका है और यूके तथा यूरोपीय संघ के साथ वार्ता जारी है। सोमवार को हस्ताक्षर के बाद दोनों देशों की संसदों में इस समझौते को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह पूर्ण रूप से लागू होगा।