शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 363 अंक उछला, फार्मा-रियल्टी सेक्टर में जोरदार खरीदारी
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स 27 अप्रैल को 363 अंक (0.47%25) उछलकर 77,027 पर खुला।
- निफ्टी 106 अंक (0.45%25) की बढ़त के साथ 24,004 पर पहुंचा।
- निफ्टी फार्मा और निफ्टी रियल्टी आज के टॉप गेनर सूचकांक रहे।
- निफ्टी मिडकैप 100 794 अंक (1.34%25) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 240 अंक (1.37%25) चढ़ा।
- एफआईआई ने शुक्रवार को 8,827.87 करोड़ रुपए की बिकवाली की, जबकि डीआईआई ने 4,700.71 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
- ईरान के शांति प्रस्ताव और एशियाई बाजारों की तेजी ने भारतीय बाजार को सकारात्मक दिशा दी।
मुंबई, 27 अप्रैल 2025। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मजबूत वैश्विक संकेतों की बदौलत तेज बढ़त के साथ खुला। सुबह 9:19 बजे सेंसेक्स 363 अंक (0.47 प्रतिशत) की उछाल के साथ 77,027 के स्तर पर और निफ्टी 106 अंक (0.45 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 24,004 पर कारोबार कर रहा था। फार्मा, हेल्थकेयर और रियल्टी सेक्टर इस तेजी की अगुवाई कर रहे थे।
कौन से सेक्टर रहे अग्रणी
शुरुआती कारोबार में निफ्टी फार्मा और निफ्टी रियल्टी सूचकांक सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाले इंडेक्स रहे। इनके अलावा निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी मेटल, निफ्टी आईटी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी कमोडिटीज समेत लगभग सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में थे।
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी उत्साहजनक तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 794 अंक (1.34 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 60,169 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 240 अंक (1.37 प्रतिशत) की तेजी के साथ 17,807 पर था।
सेंसेक्स में किन शेयरों ने मारी बाजी
सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में सन फार्मा, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम), लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, आईटीसी, एशियन पेंट्स, इटरनल, मारुति सुजुकी, टाइटन, एसबीआई, ट्रेंट, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) शामिल रहे। वहीं एक्सिस बैंक, बीईएल और बजाज फाइनेंस लाल निशान में थे।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
अधिकांश एशियाई बाजार भी तेजी के साथ खुले। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाउ जोन्स 0.16 प्रतिशत की मामूली गिरावट और नैस्डैक 1.63 प्रतिशत की मजबूत तेजी के साथ बंद हुआ था।
वैश्विक तेजी की असली वजह
बाजार विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक बाजारों में तेजी के पीछे एक बड़ा कारण ईरान की ओर से अमेरिका को दिए गए शांति प्रस्ताव को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्रस्ताव का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पुनः खोलना और चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है।
हालांकि, पिछले सप्ताह इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता रद्द होने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयासों में अस्थायी ठहराव आ गया है। यह भू-राजनीतिक घटनाक्रम वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डालता है, जिसका प्रभाव भारत जैसे तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
एफआईआई-डीआईआई की गतिविधि
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिकवाली के रुख पर बने हुए हैं। शुक्रवार को उन्होंने 8,827.87 करोड़ रुपए की इक्विटी बेची। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,700.71 करोड़ रुपए की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
गौरतलब है कि एफआईआई की लगातार बिकवाली के बावजूद डीआईआई का मजबूत समर्थन भारतीय बाजार की आंतरिक मजबूती को दर्शाता है। आगे निवेशकों की नजर वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति और भारत-पाकिस्तान सीमा तनाव जैसे कारकों पर रहेगी, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।