ईरान की चेतावनी: होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी 'समुद्री नाकेबंदी' के जवाब में 'अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई' होगी
सारांश
Key Takeaways
- ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने 29 अप्रैल 2026 को होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में 'अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई' की चेतावनी दी।
- अमेरिका ने एमटी मैजेस्टिक और एमटी टिफनी जहाजों से 3.8 मिलियन बैरल ईरानी तेल जब्त किया।
- 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता बेनतीजा रही, जिसके बाद नाकेबंदी शुरू हुई।
- 8 अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू हुआ था, जो 28 फरवरी को शुरू हुई 40 दिनों की लड़ाई के बाद आया।
- संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अमेरिकी कार्रवाई को 'समुद्री डकैती' बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र लिखा।
ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की ओर से जारी कथित 'समुद्री नाकेबंदी' और ईरानी जहाजों की जब्ती को जल्द ही एक 'व्यावहारिक और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई' का सामना करना पड़ेगा। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने यह जानकारी दी, जबकि सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने एक बड़े सुरक्षा सूत्र के हवाले से इस चेतावनी की पुष्टि की।
क्या है पूरा घटनाक्रम
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी सशस्त्र सेनाओं के एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र ने कहा कि 'धैर्य की भी एक सीमा होती है' और यदि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में अपनी 'गैरकानूनी' समुद्री नाकेबंदी जारी रखता है, तो उसे 'कड़ा जवाब' देना अनिवार्य हो जाएगा। सूत्र ने आगे कहा कि यदि अमेरिका 'हठ और भ्रम' पर अड़ा रहा और ईरान की शर्तें नहीं मानीं, तो 'दुश्मन' को एक अलग तरह की सैन्य प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
इसी क्रम में, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरानी जहाजों को जब्त करना