पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण में 91.66%25 मतदान, 1951 से अब तक का ऐतिहासिक सफर
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में 91.66%25 मतदान — स्वतंत्रता के बाद किसी विधानसभा चरण का सर्वाधिक।
- पहले चरण में 93.19%25 और दोनों चरणों का संयुक्त मतदान 92.47%25 रहा।
- इससे पहले बंगाल में सर्वाधिक विधानसभा मतदान 2011 में 84.72%25 था।
- 5,343 मतदान केंद्रों का डेटा अपडेट होना बाकी, अंतिम प्रतिशत और बढ़ सकता है।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लाइव वेबकास्टिंग से सभी केंद्रों पर निगरानी रखी।
- दूसरे चरण में महिला मतदाताओं ने 92.8%25 के साथ पुरुषों (91.07%25) से अधिक मतदान किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में शाम 7:45 बजे IST तक 91.66 फीसदी मतदान दर्ज किया गया — जो स्वतंत्रता के बाद किसी भी विधानसभा चुनाव के एकल चरण में अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। चुनाव आयोग ने यह आँकड़ा जारी करते हुए पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के नाम था, जहाँ 2013 में 91.82 फीसदी मतदान हुआ था।
मतदान के प्रमुख आँकड़े
पहले चरण में 93.19 फीसदी और दूसरे चरण में 91.66 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर संयुक्त मतदान प्रतिशत 92.47 फीसदी रहा। इससे पहले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक मतदान 2011 में 84.72 फीसदी था — यानी इस बार का आँकड़ा उससे करीब 8 प्रतिशत अंक अधिक है।
मतदाता श्रेणी के अनुसार दूसरे चरण में पुरुष मतदाताओं ने 91.07%25, महिला मतदाताओं ने 92.8%25 और तृतीय लिंग के मतदाताओं ने 91.28%25 वोट डाले। यह आँकड़ा अभी अंतिम नहीं है क्योंकि 5,343 मतदान केंद्रों का डेटा अपडेट होना बाकी है, जिससे अंतिम प्रतिशत और बढ़ सकता है।
कुल मतदाता संख्या
मतदाताओं की संख्या के लिहाज से पहले चरण में 3 करोड़ 60 लाख और दूसरे चरण में 3 करोड़ 21 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पुरुष मतदाताओं ने पहले चरण में 1 करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में 1 करोड़ 65 लाख वोट डाले। महिला मतदाताओं की भागीदारी पहले चरण में 1 करोड़ 76 लाख और दूसरे चरण में 1 करोड़ 57 लाख रही।
चुनाव आयोग की निगरानी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से मतदान प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी। यह वेबकास्टिंग दूसरे चरण के सभी मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित की गई थी। ज्ञानेश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को विशेष रूप से बधाई दी।
1951 से 2026 तक: मतदाताओं का बदलता मिजाज
पश्चिम बंगाल में मतदान का इतिहास देखें तो 1951 के विधानसभा चुनाव में मात्र 43.12%25 और लोकसभा चुनाव में 40.49%25 मतदान हुआ था। 1957 में यह क्रमशः 47.64%25 और 47.67%25, 1962 में 55.55%25 और 55.75%25 तथा 1967 में विधानसभा में 66.10%25 और लोकसभा में 66.03%25 रहा।
1969 के विधानसभा चुनाव में 66.51%25, 1971 में विधानसभा में 62.03%25 और लोकसभा में 61.93%25, 1972 में 60.82%25, 1977 में विधानसभा में 56.15%25 और लोकसभा में 60.24%25 तथा 1980 के लोकसभा चुनाव में 70.62%25 मतदान हुआ। 1982 के विधानसभा चुनाव में यह आँकड़ा 76.96%25 तक पहुँचा।
इसके बाद 1984 लोकसभा में 78.61%25, 1987 विधानसभा में 75.66%25, 1989 लोकसभा में 79.67%25, 1991 में विधानसभा में 76.80%25 और लोकसभा में 76.73%25, 1996 में विधानसभा में 82.94%25 और लोकसभा में 82.66%25 मतदान दर्ज हुआ। 1998 लोकसभा में 79.27%25, 1999 लोकसभा में 75.05%25, 2001 विधानसभा में 75.29%25, 2004 लोकसभा में 78.04%25, 2006 विधानसभा में 81.58%25, 2009 लोकसभा में 81.42%25, 2011 विधानसभा में 84.72%25, 2014 लोकसभा में 82.22%25, 2016 विधानसभा में 83.02%25, 2019 लोकसभा में 81.76%25, 2021 विधानसभा में 82.30%25 और 2024 लोकसभा में 79.55%25 मतदान हुआ था।
आगे क्या
गौरतलब है कि 5,343 मतदान केंद्रों का डेटा अभी अपडेट होना बाकी है, जिसके बाद अंतिम मतदान प्रतिशत में और वृद्धि संभव है। यह चुनाव पश्चिम बंगाल के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है और आने वाले चुनावी विश्लेषण के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क बन गया है।