तेलंगाना ने ₹1,461 करोड़ में एलएंडटी से हैदराबाद मेट्रो रेल का अधिग्रहण किया, 69 किमी नेटवर्क अब सरकारी नियंत्रण में

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तेलंगाना ने ₹1,461 करोड़ में एलएंडटी से हैदराबाद मेट्रो रेल का अधिग्रहण किया, 69 किमी नेटवर्क अब सरकारी नियंत्रण में

सारांश

तेलंगाना सरकार ने ₹1,461.47 करोड़ में एलएंडटी से हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I का पूर्ण अधिग्रहण कर लिया। नवंबर 2017 से निजी हाथों में चल रहा यह 69 किमी का नेटवर्क अब राज्य के नियंत्रण में है — लेकिन साथ में ₹13,538 करोड़ के कर्ज की जिम्मेदारी भी।

Key Takeaways

  • तेलंगाना सरकार ने 29 अप्रैल 2026 को ₹1,461.47 करोड़ में एलएंडटी से हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I का अधिग्रहण किया।
  • एलटीएमआरएचएल के 100%25 इक्विटी शेयर अब हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (एचएमआरएल) के पास हैं।
  • नेटवर्क में 3 कॉरिडोर और 69 किमी लंबाई; प्रतिदिन लगभग 4.5 लाख यात्री
  • एलटीएमआरएचएल पर ₹13,538.53 करोड़ का कर्ज, जिसकी गारंटी अब तेलंगाना सरकार देगी।
  • एलएंडटी के CMD एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की।

तेलंगाना सरकार ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को औपचारिक रूप से लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) से हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I का अधिग्रहण ₹1,461.47 करोड़ में कर लिया। इस सौदे के तहत राज्य सरकार ने एलएंडटी मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड (एलटीएमआरएचएल) के 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर हासिल किए हैं, जिससे 69 किलोमीटर लंबा यह मेट्रो नेटवर्क अब पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में आ गया है।

समझौते का विवरण

राज्य सरकार ने एलएंडटी लिमिटेड और एलटीएमआरएचएल के साथ एक शेयर खरीद समझौता किया। इस समझौते पर मुख्य सचिव एवं हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (एचएमआरएल) के चेयरमैन के. रामकृष्ण राव, विशेष मुख्य सचिव (नगरपालिका मामले और शहरी विकास) जयेश रंजन, एचएमआरएल के प्रबंध निदेशक सरफराज अहमद, और एलएंडटी व एलटीएमआरएचएल के वरिष्ठ प्रबंधन की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। एचएमआरएल की ओर से सरफराज अहमद, एलएंडटी की ओर से डी.के. सेन, और एलटीएमआरएचएल की ओर से केवीबी रेड्डी ने समझौते पर दस्तखत किए।

कर्ज और वित्तीय पुनर्व्यवस्था

एचएमआरएल के एक बयान के अनुसार, 30 अप्रैल तक एलटीएमआरएचएल पर कुल ₹13,538.53 करोड़ का कर्ज था, जिसकी गारंटी अब तक एलएंडटी दे रही थी। अब इस कर्ज की पुनर्वित्त व्यवस्था तेलंगाना सरकार द्वारा जारी गारंटी के तहत की जाएगी। यह वित्तीय जिम्मेदारी राज्य के लिए एक बड़ा दायित्व है, जिसे देखते हुए इस सौदे की संरचना पर विशेषज्ञों की नज़र बनी रहेगी।

सलाहकार और उच्च स्तरीय बैठक

इस सौदे में आईडीबीआई कैपिटल ने ट्रांजैक्शन सलाहकार की भूमिका निभाई, जबकि सराफ एंड पार्टनर्स ने कानूनी सेवाएं प्रदान कीं। इसी दिन की शुरुआत में एलएंडटी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की, जो इस ऐतिहासिक हस्तांतरण की उच्च स्तरीय महत्ता को रेखांकित करती है।

मेट्रो नेटवर्क की मौजूदा स्थिति

एलएंडटी मेट्रो (हैदराबाद) लिमिटेड नवंबर 2017 से हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I का संचालन कर रही थी। इस चरण में तीन कॉरिडोर शामिल हैं और कुल नेटवर्क लंबाई 69 किलोमीटर है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन लगभग 4.5 लाख यात्री इस नेटवर्क से सफर करते हैं और अपनी शुरुआत से अब तक कुल लगभग 86 करोड़ यात्राएं पूरी हो चुकी हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि तेलंगाना सरकार ने पिछले साल ही एचएमआरएल के जरिए इस मेट्रो नेटवर्क को अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय किया था। यह अधिग्रहण उस फैसले की परिणति है। अब राज्य सरकार पर यह दायित्व होगा कि वह न केवल मौजूदा परिचालन को सुचारू रखे, बल्कि प्रस्तावित मेट्रो चरण II के विस्तार को भी गति दे।

Point of View

461 करोड़ का इक्विटी मूल्य सुर्खियों में है, लेकिन असली संख्या ₹13,538 करोड़ का वह कर्ज है जो अब तेलंगाना सरकार की गारंटी में आ गया है। निजी-से-सार्वजनिक इस हस्तांतरण से परिचालन दक्षता और किराया नीति पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा — जो अक्सर सार्वजनिक मेट्रो प्रणालियों की वित्तीय सेहत को कमजोर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कई मेट्रो परियोजनाएं सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल की सीमाओं से जूझ रही हैं। असली परीक्षा यह होगी कि एचएमआरएल चरण II विस्तार को गति देते हुए इस भारी कर्ज के बोझ को कैसे संभालती है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

तेलंगाना ने हैदराबाद मेट्रो रेल का अधिग्रहण किस कीमत पर किया?
तेलंगाना सरकार ने ₹1,461.47 करोड़ के इक्विटी मूल्य पर एलटीएमआरएचएल के 100%25 शेयर हासिल किए हैं। यह सौदा 29 अप्रैल 2026 को एक शेयर खरीद समझौते के जरिए पूरा हुआ।
हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I में क्या शामिल है?
हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I में तीन कॉरिडोर शामिल हैं और इसकी कुल नेटवर्क लंबाई 69 किलोमीटर है। नवंबर 2017 से संचालित इस नेटवर्क पर प्रतिदिन औसतन 4.5 लाख यात्री सफर करते हैं।
अधिग्रहण के बाद एलटीएमआरएचएल का कर्ज कौन चुकाएगा?
एचएमआरएल के बयान के अनुसार एलटीएमआरएचएल पर ₹13,538.53 करोड़ का कर्ज है, जिसकी गारंटी अब तेलंगाना सरकार देगी। इस कर्ज की पुनर्वित्त व्यवस्था राज्य सरकार की गारंटी के तहत की जाएगी।
इस सौदे में सलाहकार की भूमिका किसने निभाई?
आईडीबीआई कैपिटल ने ट्रांजैक्शन सलाहकार और सराफ एंड पार्टनर्स ने कानूनी सलाहकार की भूमिका निभाई। समझौते पर मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव और दोनों कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए।
तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद मेट्रो अधिग्रहण का फैसला क्यों किया?
राज्य सरकार ने पिछले साल ही एचएमआरएल के जरिए हैदराबाद मेट्रो रेल चरण I को अपने नियंत्रण में लेने का निर्णय किया था। यह अधिग्रहण उसी नीतिगत निर्णय की परिणति है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क पर राज्य का सीधा नियंत्रण स्थापित करना है।
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