3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन: CM मोहन यादव बोले — '₹271 करोड़ की यह परियोजना राष्ट्रीय उपलब्धि है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन: CM मोहन यादव बोले — '₹271 करोड़ की यह परियोजना राष्ट्रीय उपलब्धि है'

सारांश

खरगोन के जलूद में 60 मेगावाट के सौर संयंत्र का उद्घाटन हुआ — लेकिन इसे खास बनाता है इसका ग्रीन बॉन्ड मॉडल, जिसमें आम नागरिक सीधे निवेश कर 20 साल में 8% सालाना रिटर्न पा सकते हैं। ₹271 करोड़ की यह परियोजना देश में अपनी तरह की पहली बताई जा रही है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अप्रैल 2026 को खरगोन के जलूद में 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया।
परियोजना की कुल लागत लगभग ₹271 करोड़ ; ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से वित्त पोषित — देश में अपनी तरह का पहला मॉडल।
नागरिक ₹1 लाख के अधिकतम 10 बॉन्ड खरीद सकते हैं और 20 वर्षों में लगभग 8% वार्षिक रिटर्न अर्जित कर सकते हैं।
संयंत्र इंदौर नगर निगम को बिजली देगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाएगा।
लागत 10 वर्षों के भीतर वसूल होने की उम्मीद; आधारशिला PM नरेंद्र मोदी ने 2023 में रखी थी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अप्रैल 2026 को खरगोन जिले के जलूद (महेश्वर के समीप) में स्थित 60 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया और इसे 'राष्ट्रीय उपलब्धि' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए स्वच्छ ऊर्जा और जनभागीदारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निर्मित इस संयंत्र की कुल लागत लगभग ₹271 करोड़ है। इसकी सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसे ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है, जिससे आम नागरिकों को सीधे इस परियोजना में निवेश करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री यादव ने इसे अपनी तरह का देश का पहला ऐसा संयंत्र बताया, जिसका श्रेय मध्य प्रदेश को जाता है।

नागरिक निवेश और रिटर्न

ग्रीन बॉन्ड योजना के तहत कोई भी नागरिक ₹1 लाख के अधिकतम 10 बॉन्ड तक खरीद सकता है। यादव के अनुसार, इन बॉन्डों पर 20 वर्षों में लगभग 8 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मिलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर इन बॉन्डों को बेचा भी जा सकता है, जो इन्हें एक लचीला निवेश विकल्प बनाता है।

बिजली आपूर्ति और पर्यावरणीय लाभ

यह संयंत्र इंदौर नगर निगम को बिजली की आपूर्ति करेगा और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना बिजली उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण, दोनों मोर्चों पर लाभकारी है और हरित ऊर्जा क्षेत्र में इसे सर्वश्रेष्ठ मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना की लागत 10 वर्षों के भीतर वसूल होने की उम्मीद है, जिसके बाद यह लाभ उत्पन्न करने लगेगी।

मध्य प्रदेश का ऊर्जा सफर

यादव ने राज्य के बिजली क्षेत्र में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश बिजली की कमी से उबरकर अब किफायती बिजली उपलब्ध कराने की स्थिति में पहुँच चुका है। गौरतलब है कि इस परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में रखी थी, और अब इसका उद्घाटन राज्य सरकार की कार्यान्वयन क्षमता को रेखांकित करता है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें अक्षय ऊर्जा के लक्ष्यों को तेज़ी से हासिल करने के लिए प्रयासरत हैं। जलूद संयंत्र का ग्रीन बॉन्ड मॉडल यदि सफल रहा, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय टेम्पलेट बन सकता है और सौर ऊर्जा परियोजनाओं में जन-वित्तपोषण की नई संभावनाएँ खोल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या बॉन्ड की तरलता (liquidity) छोटे निवेशकों के लिए व्यावहारिक होगी। यह भी ध्यान देने योग्य है कि परियोजना की आधारशिला 2023 में रखी गई थी और उद्घाटन 2026 में हुआ — क्रियान्वयन की गति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो यह भारत में सार्वजनिक सहभागिता वाली हरित ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एक मिसाल बन सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र क्या है और यह कहाँ स्थित है?
जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में महेश्वर के समीप जलूद में स्थित 60 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र है। इसका उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया।
ग्रीन बॉन्ड योजना में निवेश कैसे करें और कितना रिटर्न मिलेगा?
नागरिक ₹1 लाख के अधिकतम 10 बॉन्ड खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन बॉन्डों पर 20 वर्षों में लगभग 8 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मिलने की संभावना है और ज़रूरत पड़ने पर इन्हें बेचा भी जा सकता है।
इस परियोजना से किसे बिजली मिलेगी?
जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र से उत्पन्न बिजली इंदौर नगर निगम को आपूर्ति की जाएगी। इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है।
इस परियोजना की लागत कितनी है और इसे कब तक वसूल किया जाएगा?
परियोजना की कुल लागत लगभग ₹271 करोड़ है। मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, यह लागत 10 वर्षों के भीतर वसूल होने की उम्मीद है, जिसके बाद संयंत्र लाभ उत्पन्न करने लगेगा।
इस परियोजना की नींव किसने और कब रखी थी?
जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में रखी थी। इसके बाद सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत निर्माण पूरा कर 2026 में इसका उद्घाटन किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले