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मध्य प्रदेश: गेहूं खरीद की समय सीमा 23 मई तक बढ़ी, स्लॉट क्षमता 2,250 क्विंटल प्रति केंद्र

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मध्य प्रदेश: गेहूं खरीद की समय सीमा 23 मई तक बढ़ी, स्लॉट क्षमता 2,250 क्विंटल प्रति केंद्र

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई कर दी है और प्रति केंद्र दैनिक स्लॉट क्षमता 1,000 से बढ़ाकर 2,250 क्विंटल की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तौल कांटों की संख्या भी छह करने की घोषणा की — यह कदम रबी सीजन में किसानों की भीड़ और देरी की पुरानी समस्या से निपटने की कोशिश है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की समय सीमा 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 की गई।
प्रति केंद्र दैनिक स्लॉट बुकिंग क्षमता 1,000 क्विंटल से बढ़ाकर 2,250 क्विंटल की गई।
प्रत्येक खरीद केंद्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह की गई।
जिला स्तर पर आवश्यकता पड़ने पर क्षमता 3,000 क्विंटल प्रति केंद्र तक बढ़ाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स (X) पर यह जानकारी साझा की।

मध्य प्रदेश सरकार ने 29 अप्रैल 2026 को किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान करते हुए राज्य में गेहूं की स्लॉट बुकिंग और खरीद की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर यह जानकारी साझा की और कहा कि यह निर्णय किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रत्येक खरीद केंद्र पर दैनिक स्लॉट बुकिंग क्षमता 1,000 क्विंटल से बढ़ाकर 2,250 क्विंटल कर दी गई है। इसके साथ ही प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाकर छह कर दी गई है। यदि माँग और अधिक बढ़ती है, तो जिला स्तर पर यह सीमा प्रति केंद्र 3,000 क्विंटल तक बढ़ाई जा सकती है।

किसानों पर असर

इस बदलाव से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब बिना लंबी प्रतीक्षा और भीड़-भाड़ के अपना गेहूं सरकारी दर पर बेच सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार, क्षमता विस्तार से खरीद और तौल की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा। गौरतलब है कि गेहूं की कटाई के मौसम में खरीद केंद्रों पर भीड़ और देरी किसानों की पुरानी शिकायत रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अधिक से अधिक किसान बिना किसी असुविधा के खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर पर अतिरिक्त तौल कांटे भी लगाए जाएँगे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में रबी फसल की आवक अपने चरम पर है।

खरीद प्रक्रिया में सुधार

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक केंद्र पर छह तौल कांटे सक्रिय रहेंगे और स्लॉट बुकिंग प्रणाली को और सुगम बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये बदलाव खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने और जाम की स्थिति को रोकने के उद्देश्य से किए गए हैं। किसानों को अब भीड़ से राहत, तेज तौल और सरकारी दरों पर अधिक अवसर मिलेंगे।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि यदि माँग बढ़ती रही तो जिला स्तर पर और केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। 23 मई 2026 की नई समय सीमा के साथ, किसानों के पास अपनी उपज बेचने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध होगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान गेहूं बेचने से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — मध्य प्रदेश में पिछले रबी सीजन में भी खरीद केंद्रों पर लंबी कतारें और तौल में देरी की शिकायतें सामने आई थीं। स्लॉट क्षमता बढ़ाने से तभी फर्क पड़ेगा जब जिला स्तर पर अधिकारी इसे समयबद्ध तरीके से लागू करें। यह भी ध्यान देने योग्य है कि समय सीमा विस्तार की यह घोषणा खरीद के अंतिम दिनों में आई है, जो सुझाव देती है कि शुरुआती नियोजन में किसानों की वास्तविक आवक का अनुमान कम रहा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की नई समय सीमा क्या है?
मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं की स्लॉट बुकिंग और खरीद की अंतिम तिथि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों की सुविधा को देखते हुए लिया है।
गेहूं खरीद केंद्रों पर स्लॉट क्षमता कितनी बढ़ाई गई है?
प्रत्येक खरीद केंद्र पर दैनिक स्लॉट बुकिंग क्षमता 1,000 क्विंटल से बढ़ाकर 2,250 क्विंटल कर दी गई है। जिला स्तर पर आवश्यकता पड़ने पर यह सीमा 3,000 क्विंटल प्रति केंद्र तक बढ़ाई जा सकती है।
प्रत्येक खरीद केंद्र पर कितने तौल कांटे होंगे?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। यदि माँग और बढ़ती है तो जिला स्तर पर अतिरिक्त तौल कांटे भी लगाए जा सकते हैं।
इस फैसले से किसानों को क्या फायदा होगा?
किसानों को अब गेहूं बेचने के लिए अधिक समय, कम भीड़ और तेज तौल प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। बढ़ी हुई क्षमता से अधिक किसान सरकारी दर पर अपनी उपज बेच सकेंगे और समय पर भुगतान पा सकेंगे।
यह बदलाव किसने और कब घोषित किया?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय किसानों की सुविधा और खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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