एलपीजी आपूर्ति सामान्य: एक दिन में 51.8 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर वितरित, सरकार का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 26 अप्रैल: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि शनिवार, 26 अप्रैल को देशभर में 51.8 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। मंत्रालय के अनुसार, खुदरा वितरकों के स्तर पर कुकिंग गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और देश के किसी भी हिस्से से कमी की कोई सूचना नहीं मिली है।
पीएनजी कनेक्शन विस्तार और डिजिटल बुकिंग में उछाल
मंत्रालय ने बताया कि मार्च 2025 से अब तक 5.45 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.62 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा, 42,500 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर कर दिए हैं, जो देश में पाइप्ड गैस नेटवर्क के तेज विस्तार का संकेत है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग में 98 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, वितरक स्तर पर हेराफेरी रोकने के लिए लागू OTP आधारित डिलीवरी प्रणाली में 94 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्रमाणीकरण कोड भेजकर डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
कमर्शियल एलपीजी बिक्री और मासिक आंकड़े
शनिवार को 9,131 मीट्रिक टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई, जो 4.8 लाख 19 किलोग्राम सिलेंडरों के बराबर है। इस महीने अब तक की कुल कमर्शियल एलपीजी बिक्री 1,64,655 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो 86.66 लाख 19 किलोग्राम सिलेंडरों के समतुल्य है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण वैश्विक एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव है, लेकिन सरकार ने घरेलू उपयोग के लिए खाना पकाने की गैस को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। यह निर्णय आम नागरिकों की रसोई को अप्रभावित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में प्रवर्तन अभियान तेज कर दिए गए हैं। शनिवार को अकेले 2,100 से अधिक छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने अचानक निरीक्षण बढ़ाते हुए अब तक 310 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 70 वितरकों को निलंबित किया है।
गौरतलब है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में सरकार का यह सक्रिय रुख न केवल आपूर्ति सुनिश्चित करता है बल्कि घबराहट में खरीदारी की प्रवृत्ति को भी नियंत्रित करता है।
नागरिकों के लिए सरकार की अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें।
एलपीजी उपभोक्ताओं से विशेष रूप से कहा गया है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म — जैसे कंपनी के ऐप या वेबसाइट — का उपयोग करें और वितरकों के पास सीधे जाने से बचें, ताकि भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।
आने वाले दिनों में सरकार होर्मुज संकट की स्थिति पर नजर रखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों और घरेलू भंडार की समीक्षा करती रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ा तो सरकार को दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा रणनीति पर और तेजी से काम करना होगा।