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वहीदा रहमान का चौंकाने वाला किस्सा: 'मुगल-ए-आजम' सेट पर नहीं था एक भी वॉशरूम

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वहीदा रहमान का चौंकाने वाला किस्सा: 'मुगल-ए-आजम' सेट पर नहीं था एक भी वॉशरूम

सारांश

दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने 'द कपिल शर्मा शो' में 'मुगल-ए-आजम' शूटिंग का हैरतअंगेज किस्सा सुनाया। मोहन स्टूडियो में एक भी वॉशरूम नहीं था। महमूद संग पैसे देकर शौचालय बनवाने की कोशिश की, लेकिन 10 दिन बाद मिला सिर्फ एक 'थंडर बॉक्स'। कलाकारों ने पानी पीना तक बंद कर दिया था।

मुख्य बातें

वहीदा रहमान ने 'द कपिल शर्मा शो' में 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग से जुड़ा हैरान करने वाला किस्सा साझा किया।
मोहन स्टूडियो में 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग के दौरान एक भी शौचालय नहीं था।
वहीदा रहमान और दिवंगत अभिनेता महमूद ने मिलकर स्टूडियो मालिकों को पैसे देकर वॉशरूम बनवाने का अनुरोध किया।
10 दिन बाद जब वे वापस लौटे तो शौचालय की जगह गलियारे में एक 'थंडर बॉक्स' रखा मिला।
सेट पर वॉशरूम न होने के कारण कलाकारों ने पानी पीना तक बंद कर दिया था।
'मुगल-ए-आजम' (1960) में पृथ्वीराज कपूर (अकबर), दिलीप कुमार (सलीम) और मधुबाला (अनारकली) ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।

मुंबई, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने लोकप्रिय चैट शो 'द कपिल शर्मा शो' में शिरकत करते हुए के. आसिफ की ऐतिहासिक फिल्म 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दौर में फिल्म सेट पर बुनियादी सुविधाओं का भी नितांत अभाव था।

मोहन स्टूडियो में नहीं था एक भी शौचालय

वहीदा रहमान ने खुलासा किया कि जहां 'मुगल-ए-आजम' जैसी महाकाव्य फिल्म की शूटिंग हो रही थी, उस मोहन स्टूडियो में एक भी शौचालय नहीं था। यह सुनकर आज की पीढ़ी को भले ही अजीब लगे, लेकिन उस जमाने में यह एक कड़वी सच्चाई थी।

इस समस्या से परेशान होकर वहीदा रहमान और दिवंगत अभिनेता महमूद ने मिलकर एक फैसला लिया। दोनों ने स्टूडियो मालिकों को अपनी जेब से पैसे देकर शौचालय निर्माण का अनुरोध किया।

10 दिन बाद मिला 'थंडर बॉक्स' का झटका

जब वहीदा रहमान और महमूद अगले शेड्यूल के लिए 10 दिन बाद वापस स्टूडियो पहुंचे, तो उन्होंने मैनेजर से शौचालय की व्यवस्था के बारे में पूछा। मैनेजर ने आश्वस्त करते हुए कहा कि हां, व्यवस्था हो गई है।

लेकिन जो व्यवस्था की गई थी, उसे देखकर दोनों दंग रह गए। स्टूडियो प्रबंधन ने शौचालय बनाने की बजाय गलियारे में महज एक 'थंडर बॉक्स' रख दिया था, जिसे बाथरूम का विकल्प बताया गया। यह किस्सा सुनकर शो में मौजूद दर्शक ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए।

पानी पीना भी छोड़ दिया था कलाकारों ने

होस्ट कपिल शर्मा के उस दौर की शूटिंग की कठिनाइयों के बारे में पूछने पर वहीदा रहमान ने एक और चौंकाने वाली बात बताई। उन्होंने कहा कि सेट पर वॉशरूम की सुविधा न होने के कारण कलाकारों ने पानी पीना तक बंद कर दिया था, ताकि बार-बार वॉशरूम जाने की जरूरत न पड़े।

यह बात उस दौर की फिल्म इंडस्ट्री की कार्यस्थल परिस्थितियों की एक झलक देती है, जहां कलाकार — चाहे वे कितने भी बड़े क्यों न हों — बेहद कठिन और असुविधाजनक माहौल में काम करते थे।

'मुगल-ए-आजम' — भारतीय सिनेमा की अमर धरोहर

के. आसिफ निर्देशित 'मुगल-ए-आजम' भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक मानी जाती है। इस ऐतिहासिक महाकाव्य में पृथ्वीराज कपूर ने सम्राट अकबर, दिलीप कुमार ने राजकुमार सलीम और मधुबाला ने अनारकली की भूमिका निभाई थी।

यह फिल्म मुगल राजकुमार सलीम और दरबारी नर्तकी अनारकली के प्रेम की अमर दास्तान पर आधारित थी। सम्राट अकबर इस प्रेम संबंध के विरोधी थे, जिसके चलते पिता और पुत्र के बीच सशस्त्र संघर्ष तक की नौबत आ गई थी।

यह किस्सा इस बात की भी याद दिलाता है कि 'मुगल-ए-आजम' जैसी कालजयी फिल्म बनाने के पीछे कितनी मेहनत, त्याग और कठिनाइयां थीं जिन्हें परदे पर कभी नहीं दिखाया गया।

वहीदा रहमान: एक युग की अभिनेत्री

वहीदा रहमान ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1955 में तेलुगु फिल्म 'रोजुलु मरायी' से की थी। इसके बाद उन्होंने 'प्यासा' (1957), 'कागज के फूल' (1959), 'चौदहवीं का चांद' (1960) और 'साहिब बीबी और गुलाम' (1962) जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाकर हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।

उनके इस किस्से ने न केवल दर्शकों को उस सुनहरे दौर की याद दिलाई, बल्कि यह भी बताया कि सिनेमा के उस स्वर्णिम युग में कलाकारों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। आने वाले समय में 'द कपिल शर्मा शो' के इस एपिसोड के और भी दिलचस्प किस्से सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी सेट पर कलाकारों को शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा तक नसीब नहीं थी। यह घटना आज के दौर में श्रम अधिकारों और कार्यस्थल सुरक्षा की बहस को नए संदर्भ में देखने पर मजबूर करती है। साथ ही यह भी बताती है कि भारतीय सिनेमा की नींव उन कलाकारों की अदम्य जिजीविषा पर टिकी है जिन्होंने असुविधाओं को मुस्कुराते हुए झेला।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वहीदा रहमान ने 'मुगल-ए-आजम' के बारे में क्या किस्सा सुनाया?
वहीदा रहमान ने बताया कि 'मुगल-ए-आजम' की शूटिंग वाले मोहन स्टूडियो में एक भी शौचालय नहीं था। उन्होंने और महमूद ने मिलकर स्टूडियो मालिकों को पैसे देकर वॉशरूम बनवाने को कहा, लेकिन 10 दिन बाद गलियारे में एक 'थंडर बॉक्स' रखा मिला।
'मुगल-ए-आजम' में वहीदा रहमान का क्या रोल था?
वहीदा रहमान 'मुगल-ए-आजम' की मुख्य कास्ट में नहीं थीं, लेकिन वे उस दौर में सक्रिय थीं और उन्होंने मोहन स्टूडियो की शूटिंग परिस्थितियों का प्रत्यक्ष अनुभव साझा किया। मुख्य भूमिकाओं में दिलीप कुमार, मधुबाला और पृथ्वीराज कपूर थे।
'मुगल-ए-आजम' फिल्म किस पर आधारित थी?
'मुगल-ए-आजम' मुगल राजकुमार सलीम और दरबारी नर्तकी अनारकली की प्रेम कहानी पर आधारित थी। सम्राट अकबर इस रिश्ते के विरोधी थे, जिससे पिता-पुत्र के बीच युद्ध की स्थिति बन गई थी।
वहीदा रहमान ने अपने करियर की शुरुआत कब और किस फिल्म से की?
वहीदा रहमान ने 1955 में तेलुगु फिल्म 'रोजुलु मरायी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद 'प्यासा' (1957) और 'कागज के फूल' (1959) जैसी फिल्मों से उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली।
वहीदा रहमान ने यह किस्सा कहां सुनाया?
वहीदा रहमान ने यह मजेदार किस्सा होस्ट कपिल शर्मा के लोकप्रिय चैट शो 'द कपिल शर्मा शो' में सुनाया। शो में उन्होंने पुराने जमाने की शूटिंग की कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बात की।
राष्ट्र प्रेस
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